पुराण के अनुसार ऐसे लोगों का नहीं होता है पुनर्जन्‍म

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जब राजा भागीरथी ने धर्मराज (भगवान यम) से पूछा कि मृत्‍यु के बाद आत्‍मा का क्‍या होता है तो धर्मराज के द्वारा दिए गए उत्‍तर से भागीरथी आश्‍चर्य में पड़ गए जब उन्‍होंने सुना कि मृत्‍यु के बाद भी आत्‍मा को मुक्ति नहीं मिलती है जब तक कि उसे मोक्ष नहीं मिल जाता है।

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मोक्ष प्राप्ति के लिए आत्‍मा को कई सारे जन्‍म लेने पड़ते हैं। यमराज ने ये भी बताया कि मोक्ष प्राप्‍त करने के लिए व्‍यक्ति को अपने मानव जीवन में कई अच्‍छे फल करने पड़ते हैं। 

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भगवान यम और भागीरथी के बीच हुए इस वार्तालाप को नारद पुरण में बेहतर तरीके से प्रस्‍तुत किया गया है, जहां मृत्‍यु,जन्‍म-कर्म के चक्र को अच्‍छे से समझाया गया है।

साथ ही ये भी बताया गया है कि किन तीन प्रकार के लोगों को आसानी से मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है:


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1. जो लोग भगवान विष्‍णु के भक्‍त होते है और उनकी पूजा, सुगंधित फूलों से एकादशी के दिन करते हैं उन्‍हें 10,000 जन्‍मों के पाप से मुक्ति मिल जाती है और वो कम समय में ही मोक्ष को प्राप्‍त कर लेते हैं।

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2. वह भक्‍त, जो घी का दिया, भगवान शिव के लिए आरती में जलाकर रखते हैं उन्‍हें मोक्ष की प्राप्ति आसानी से हो जाती है। ऐसे लोगों को गंगा स्‍नान के बराबर पुण्‍य मिलता है। 

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3.  जो लोग देवी तुलसी की पूजा करते हैं, हर दिन उनकी आराधना करते हैं और अपने घर में उन्‍हें लगाते हैं ऐसे लोगों को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। कहा जाता है ऐसे लोगों को बैकुंठ धाम में स्‍थान मिलता है।

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Story first published: Wednesday, February 8, 2017, 15:21 [IST]
English summary

As per Puranas, these people never have to take re-birth

In Narada Purana; where it is revealed by the former, how a soul can see its release from the continuous cycle of birth.
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