Latest Updates
-
World Schizophrenia Day 2026: क्या होता है सिजोफ्रेनिया? जानें इस बीमारी के लक्षण, कारण और इलाज -
Rajasthani Village Style Besan Kadhi Recipe: पारंपरिक स्वाद वाली कढ़ी अब घर पर बनाएं -
Nautapa 2026: 25 मई से शुरू हो रहा नौतपा, भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए जरूर अपनाएं ये असरदार उपाय -
कॉफी से चेहरा कैसे साफ करें? कॉफी में मिलाकर लगाएं ये 5 चीजें तो निखर उठेगी त्वचा -
Traditional Rajasthani Bajra Roti Recipe: सर्दियों के लिए सेहतमंद और स्वादिष्ट रोटी बनाने का आसान तरीका -
Brother's Day 2026 Wishes: बचपन की शरारतें...ब्रदर्स डे पर अपने भाई को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 24 May 2026: रविवार को इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ के साथ मिलेगी बड़ी खुशखबरी -
Sunday Morning to Night Nihari Recipe: धीमी आंच पर पकाएं और पाएं रेस्टोरेंट जैसा लजीज स्वाद -
Kainchi Dham जाने का है प्लान तो रुकने की टेंशन करें खत्म, जानिए कहां मिलेंगे सबसे सस्ते और बेस्ट होटल्स -
Happy Brother's Day 2026 Shayari: प्यारा भाई यह मेरा, ब्रदर्स डे पर अपने भाई को भेजें ये शायरियां
गीता में श्रीकृष्ण ने कहीं ये बात ऐसे करें दिन की शुरुआत, सुधरेंगे बिगड़े हालात
भगवत् गीता में भगवान श्री कृष्ण ने एक छोटी सी सलाह दी है जिसका पालन करके पूरे दिन को अच्छी तरह से बिताया जा सकता है।
ऐसा कहा जाता है कि आपके मन में सुबह सबसे पहले जो विचार आता है उसी से आपका पूरा दिन निर्धारित हो जाता है कि आप दिन भर किस तरह का काम करेंगे, किस तरह की बात करेंगे और उसके परिणाम क्या होंगे।
इसलिए, सुबह-सुबह उठकर ईश्वर का नाम लेने को कहा जाता है। भगवत् गीता में, इसे लेकर भगवान श्री कृष्ण ने एक छोटी सी सलाह दी है जिसका पालन करके पूरे दिन को अच्छी तरह से बिताया जा सकता है। आइए जानते हैं इस सलाह के बारे में:

1. विश्वमित्र -
इन्होंने गायत्री मंत्र लिखा था और ये भगान राम और लक्ष्मण के गुरू थे। इन्होंने उन्हें देवास्त्रोतो का ज्ञान दिया था। कहा जाता है कि गुरू विश्वामित्र ने कई राक्षसों और दानवों का वध किया था।

2. वशिष्ठ -
ये राजा दशरथ के चारों पुत्रों के गुरू थे। कहा जाता है कि ये ब्रह्मा जी ही इच्छा शक्ति से जन्में हैं। यहीं गुरू राम भगवान के प्रश्नों के उत्तर देने में सक्षम थे। इन्हें सभी वेदों का ज्ञान था।

3. भारद्वाज -
ये ऋषि द्रोणाचार्य के पिता थे जिन्होंने कौरव और पांडवो, दोनों को शिक्षा दी थी।

4. अगस्त्य -
इनके जन्म को लेकर रहस्य बना हुआ है क्योंकि न ही इनकी माता थी और न ही इनके पिता। कहा जाता है कि देवता वरूण और उनके मित्र एक यजना का प्रदर्शन कर रहे थे कि तभी उन्हें उर्वशी दिखी और वो उससे मोहित हो गए। उनका वीर्य स्खलित होकर एक घड़े में गिर गया और इससे अगस्त्य का जन्म हुआ।

5. भृगु -
ये सभी प्रजापतियों में से एक है जिनका सृजन भगवान ब्रह्मा ने किया था। इन्होंने ही भृगु समहिता की रचना की थी। ये भगवान ब्रह्मा के मस्तिष्क से पैदा हुए थे।

6. कश्यप -
कश्मीर के क्षेत्र का नाम भी कश्यप है जो कि इन्हीं के नाम पर रखा गया क्योंकि इन्होंने वहां जाकर ध्यान किया था। विद्धानों का मानना है कि कश्यप मीर या कश्यप झील से ही कश्मीर नाम का सृजन हुआ है।

7. अत्री -
यह अंतिम सप्तऋषि है और इनका जन्म, भगवान ब्रह्मा की जिह्वा से हुआ था।
भगवान कृष्ण के अनुसार,अगर आप सुबह उठकर इन सातों नामों को लेते हैं तो आपका पूरा दिन मंगलमय होगा और आपके जीवन में सफलता आएगी।



Click it and Unblock the Notifications