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गीता में श्रीकृष्ण ने कहीं ये बात ऐसे करें दिन की शुरुआत, सुधरेंगे बिगड़े हालात
भगवत् गीता में भगवान श्री कृष्ण ने एक छोटी सी सलाह दी है जिसका पालन करके पूरे दिन को अच्छी तरह से बिताया जा सकता है।
ऐसा कहा जाता है कि आपके मन में सुबह सबसे पहले जो विचार आता है उसी से आपका पूरा दिन निर्धारित हो जाता है कि आप दिन भर किस तरह का काम करेंगे, किस तरह की बात करेंगे और उसके परिणाम क्या होंगे।
इसलिए, सुबह-सुबह उठकर ईश्वर का नाम लेने को कहा जाता है। भगवत् गीता में, इसे लेकर भगवान श्री कृष्ण ने एक छोटी सी सलाह दी है जिसका पालन करके पूरे दिन को अच्छी तरह से बिताया जा सकता है। आइए जानते हैं इस सलाह के बारे में:

1. विश्वमित्र -
इन्होंने गायत्री मंत्र लिखा था और ये भगान राम और लक्ष्मण के गुरू थे। इन्होंने उन्हें देवास्त्रोतो का ज्ञान दिया था। कहा जाता है कि गुरू विश्वामित्र ने कई राक्षसों और दानवों का वध किया था।

2. वशिष्ठ -
ये राजा दशरथ के चारों पुत्रों के गुरू थे। कहा जाता है कि ये ब्रह्मा जी ही इच्छा शक्ति से जन्में हैं। यहीं गुरू राम भगवान के प्रश्नों के उत्तर देने में सक्षम थे। इन्हें सभी वेदों का ज्ञान था।

3. भारद्वाज -
ये ऋषि द्रोणाचार्य के पिता थे जिन्होंने कौरव और पांडवो, दोनों को शिक्षा दी थी।

4. अगस्त्य -
इनके जन्म को लेकर रहस्य बना हुआ है क्योंकि न ही इनकी माता थी और न ही इनके पिता। कहा जाता है कि देवता वरूण और उनके मित्र एक यजना का प्रदर्शन कर रहे थे कि तभी उन्हें उर्वशी दिखी और वो उससे मोहित हो गए। उनका वीर्य स्खलित होकर एक घड़े में गिर गया और इससे अगस्त्य का जन्म हुआ।

5. भृगु -
ये सभी प्रजापतियों में से एक है जिनका सृजन भगवान ब्रह्मा ने किया था। इन्होंने ही भृगु समहिता की रचना की थी। ये भगवान ब्रह्मा के मस्तिष्क से पैदा हुए थे।

6. कश्यप -
कश्मीर के क्षेत्र का नाम भी कश्यप है जो कि इन्हीं के नाम पर रखा गया क्योंकि इन्होंने वहां जाकर ध्यान किया था। विद्धानों का मानना है कि कश्यप मीर या कश्यप झील से ही कश्मीर नाम का सृजन हुआ है।

7. अत्री -
यह अंतिम सप्तऋषि है और इनका जन्म, भगवान ब्रह्मा की जिह्वा से हुआ था।
भगवान कृष्ण के अनुसार,अगर आप सुबह उठकर इन सातों नामों को लेते हैं तो आपका पूरा दिन मंगलमय होगा और आपके जीवन में सफलता आएगी।



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