Latest Updates
-
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम
Eid ul-Fitr 2021: देशभर में फैले कोरोना के बीच इन तरीकों की मदद से घर पर ही मनाएं ईद
ईद मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार है। तीस दिन के रोजों के बाद चांद के दीदार के साथ ही ईद का जश्न शुरू हो जाता है। रमजान के महीने में लोग रोजे रखकर अपना दिन अल्लाह की इबादत में बिताते हैं। खुदा भी अपने उन अकीदतमंदों को इन रोजों को पूरी करने की हिम्मत देता है जो ईमानदारी से इस राह पर चलते हैं।

इस साल ईद के मौके पर स्थिति पहले की तरह नहीं है। कोरोना वायरस महामारी के कारण न बाजारों में रौनक है और न सड़कों पर वो चहल-पहल है। लगभग सभी पर्व इस कोरोना की भेंट चढ़ चुके हैं। मगर आप निराश न हों। इस निराशा की घड़ी में हम सभी एक दूसरे की हिम्मत बढ़ाने का काम कर सकते हैं और ईद एक बेहतरीन मौका है। इस ईद के मौके पर आप घर पर ही रहें और अपने परिवार के साथ इसका आनंद लें।

घर पर पढ़ें नमाज
देश भर में जितनी तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले फैल रहे हैं, उसे देखते हुए सोशल डिस्टन्सिंग का पालन करें और घर पर ही नमाज अदा करें। मस्जिदों और ईदगाहों में जाना मुमकिन नहीं है। आप परिवार के साथ सादगी से ये पर्व मनाएं।

फितरे का हिस्सा रख दें अलग
ईद के दिन नमाज से पहले हर मुसलमान फितरा देना अपना फर्ज समझता है। इसका मतलब है कि फितरे में हर इंसान पौने दो किलो अनाज या उसकी कीमत गरीबों को देता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि गरीब तबके के लोग भी ईद मना सकें। इस साल कोरोना के कारण कई राज्यों में लॉकडाउन लगा है। ऐसे में ईद के दिन ही फितरा देना मुमकिन नहीं है। आप फितरे का सामान अथवा रकम अलग निकाल कर रख सकते हैं और जब आपको बाहर जाने का मौका मिले तब आप किसी जरुरतमंद को दे सकते हैं।

दें डिजिटल मुबारकबाद
ईद के मौके पर सब एक दूसरे के घर जाते हैं और गले लगकर ईद-उल-फितर की मुबारकबाद देते हैं। मगर कोरोना काल में ऐसा कुछ करना खतरे से खाली नहीं है। आप अपना और अपने करीबियों का ख्याल रखें और इस साल ईद की खुशियां फोन या व्हाट्सएप के जरिये बांटें।

मांगे सेहतमंद रहने की दुआ
पूरे महीने रोजे रखने के बाद ईद का दिन आता है। ऐसा विश्वास है कि इस दिन मांगी गई दुआ जरुर कबूल होती है। इस समय देश और दुनिया में जिस तरह के हालात हैं उसकी बेहतरी के लिए जरुर दुआ करें। कई तरह की बंदिशों के बावजूद इस त्योहार को खुशी और आपसी मेलजोल के साथ मनाने से आपको कोई नहीं रोक सकता है। केवल सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और मास्क जरुर पहनें।
आप सभी को ईद की ढेरों मुबारकबाद।



Click it and Unblock the Notifications