Latest Updates
-
आईटी मैनेजर की लाखों की नौकरी छोड़ थामा ऑटो का हैंडल, इस महिला की अनोखी कहानी जीत रही दिल -
Maghi Special Bihar Tilkut Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा और स्वादिष्ट तिलकुट -
Summer Hair Care: गर्मियों में बालों के लिए बेस्ट 5 हल्के तेल, बिना चिपचिपाहट के मिलेंगे लंबे और मजबूत बाल -
Japan Mango Ban: जापान में सबसे ज्यादा कौन सा आम खाया जाता है? 20 साल बाद भारतीय आमों पर लगाया प्रतिबंध -
Restaurant Style Jeera Aloo Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा चटपटा और कुरकुरा जीरा आलू -
World No Tobacco Day: स्मोकिंग की लत से छुटकारा चाहिए? ये 5 घरेलू उपाय बीड़ी-सिगरेट छोड़ने में करेंगे आपकी मदद -
World No Tobacco Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व तंबाकू निषेध दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
Bihari Breakfast Special Dahi Chura Recipe: पारंपरिक स्वाद के साथ झटपट तैयार करें -
Aaj Ka Rashifal 31 May 2026: रविवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेगा भाग्य -
Light Digestive Lauki Sabzi Recipe: कम मसालों में बनाएं सेहतमंद और स्वादिष्ट सब्जी
Gangaur 2021: जानें गणगौर पूजा की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजन सामग्री और इस दिन से जुड़ा अनोखा रिवाज
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर की पूजा की जाती है। यह दिन विवाहित महिलाओं के लिए ख़ास महत्व रखता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना के लिए गणगौर माता की पूजा करती हैं। गणगौर के रूप में मां पार्वती का ही आशीर्वाद मांगा जाता है। यह पर्व खासतौर से राजस्थान और मध्य प्रदेश में प्रचलित है। जानते हैं साल 2021 में गणगौर व्रत किस दिन रखा जाएगा और इस पूजा के लिए सामग्री की लिस्ट भी देखें।

गणगौर पूजा का समय
गणगौर पूजा: अप्रैल 15, 2021 (बृहस्पतिवार)
चैत्र शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि आरंभ- 14 अप्रैल दोपहर 12 बजकर 47 मिनट से।
चैत्र शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि समाप्त- 15 अप्रैल शाम 03 बजकर 27 मिनट तक।
गणगौर पूजा शुभ मुहूर्त- 15 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 17 मिनट से 06 बजकर 52 मिनट तक।
कुल अवधि- 35 मिनट।

गणगौर व्रत पूजा की सामग्री लिस्ट
काली मिट्टी, श्रृंगार का सामान, चांदी की अंगुठी, होली की राख, गोबर या मिट्टी के कुंडे, गमले, मिट्टी का दीपक, चौकी, तांबे का कलश, कुमकुम, हल्दी, चावल, बिंदी, मेंहदी, गुलाल और अबीर, काजल, घी, फूल, आम के पत्ते, जल से भरा हुआ कलश, नारियल, सुपारी, गणगौर के वस्त्र, गेंहू और बांस की टोकरी, चुनरी, कौड़ी, सिक्के, पूड़ी, घेवर, हलवा आदि।

पति से छिपाकर रखा जाता है व्रत
यूं तो यह सुहागिन महिलाएं ये व्रत पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। मगर वो इस व्रत के बारे में अपने पति को ही जानकारी नहीं देती हैं। जी हां, सुहागिन महिलाएं ये व्रत पति से छिपाकर करती हैं। अपने पति को व्रत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जाती है और न ही पूजा में चढ़ाया गया प्रसाद उन्हें दिया जाता है। इस दिन हर महिला ये आशीर्वाद चाहती है कि पति के साथ उनका रिश्ता भगवान शिव और मां पार्वती के समान ही अटूट बना रहे।



Click it and Unblock the Notifications