Latest Updates
-
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक
Good Friday 2022: जानिए मानवता के लिए प्रभु यीशु के बलिदान की सच्ची कहानी
इस बार 15 अप्रैल, शुक्रवार को गुड फ्राइडे मनाया जा रहा है। यह दिन प्रभु यीशु मसीह को समर्पित है। ईसाई धर्म के लोग आज के दिन यीशु मसीह के बलिदानों को याद करते हैं। गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे भी कहा जाता है। इसके अलावा इसे ब्लेक फ्राइडे भी कहते हैं क्योंकि प्रभु यीशु को आज ही के दिन सूली पर चढ़ा दिया गया था। इस घटना का उल्लेख बाइबल में भी किया गया है।
जिस हफ्ते में गुड फ्राइडे आता है, उसेे बहुत ही पवित्र माना जाता है। इसे ईस्टर वीक भी कहा जाता है। शुक्रवार के दिन ही प्रभु यीशु ने आखिरी बार खाना खाया था, इसी दिन उन्होंने अपना आखिरी उपदेश भी दिया था, लेकिन इसके ठीक तीसरे दिन यानी रविवार को प्रभु का दोबारा जन्म हुआ था।

गुड फ्राइडे 2022: तारीख
गिरिजाघर के लूनर कैलेंडर के अनुसार पाश्चल पूर्णिमा के बाद आने वाले पहले रविवार को ईस्टर मनाया जाता है। गुड फ्राइडे पवित्र सप्ताह के अंत की शुरुआत का प्रतीक है, जिसे हम लेंट के अंतिम सप्ताह के रूप में जानते हैं। यह पाम संडे से शुरू होता है और ईस्टर रविवार को समाप्त होता है। पवित्र सप्ताह के अंतिम तीन दिनों को त्रिदुम के नाम से जाना जाता है, जो यीशु के परीक्षण, मृत्यु और पुनरुत्थान की याद दिलाता है। इस साल यह 15 अप्रैल, 2022 को है और वर्ष इसकी तारीख बदलती है।

गुड फ्राइडे 2022: इतिहास
ईसाई धर्म के लोग गुड फ्राइडे को दुःख, तपस्या और उपवास के रूप में मानते हैं। कुछ लोग इस दिन सिर्फ शाकाहारी भोजन ही करते हैं। इस दिन को काले दिवस के तौर पर भी मनाया जाता है। यह दिन यहूदी त्योहार फसह की शुरुआत के साथ भी मेल खाता है। बाइबिल के धर्मग्रंथों के अनुसार, रोमन यहूदी धार्मिक नेताओं ने गुड फ्राइडे के दिन प्रभु को सजा के लिए चुना था, इसलिए वो उन्हें रोम लेकर आए थे, बाद में यीशु को सूली पर चढ़ाने की सजा सुनाई गई, जिसे रोम की आपराधिक सजा का सर्वोच्च रूप माना जाता था। यह वही दिन था जब यीशु को पीटा गया और उन्हें लकड़ी के क्रॉस को ढोने के लिए मजबूर किया गया है। अंत में उसी क्रॉस पर उन्हें लटका कर उनकी कलाइयों और पैरों में कील ठोक दी गई थी।
कई लोगों का मानना है कि इस दौरान प्रभु यीशु को बहुत तकलीफ हुई थी। उन्होंने सिर्फ लोगों के पापों को धुलने के लिए इतना बड़ा बलिदान दिया था। इस घटनाको शास्त्रों में महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक माना जाता है जिसके बाद यीशु को स्वर्ग में जगह मिली थी।
यही वजह है कि गुड फ्राइडे पर कई लोग इस बात को मानते हैं कि किस तरह यीशु मसीह ने सब से प्यार किया और मानवता के लिए अपने जीवन का बलिदान दे दिया।

गुड फ्राइडे 2022: महत्व
कुछ लोग मानते हैं कि गुड फ्राइडे 'गॉड्स फ्राइडे' शब्द से आया है, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि गुड फ्राइडे का अर्थ पवित्र होता है। ईसाई धर्म में इस दिन का बड़ा ही महत्व होता है। प्रत्येक वर्ष यह याद दिलाता है कि बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत होती है चाहे फिर सच्चे लोगों को कितनी ही मुश्किलों का सामना करना पड़े। ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्यक्ति को अपने पापो से मुक्ति मिलती है और ईश्वर उन्हें माफ करते हैं। साथ ही उनके जीवन में आने वाली बाधाएं भी दूर होती है। यह दिन हर किसी को एक नई शुरुआत की उम्मीद देता है।

गुड फ्राइडे 2022: कैसे मनाते हैं?
गुड फ्राइडे को काला दिवस कहते हैं, इसलिए इस दिन उदासी रहती है। गिरिजा घरों में अंधकार और सुनापन भी रहता है। कुछ धार्मिक सेवाएं सिर्फ दोपहर में आयोजित की जाती हैं। लोग उनमें शामिल होते हैं और प्रभु से प्रार्थना करते हैं। एक कड़वा पेय पत्तियों, सिरका और दूसरी कई चीजों से तैयार किया जाता है, जिसका सेवन चर्च के प्रतिबंधित सदस्य बाद में करते हैं। इस दिन परेड और यीशु के जीवन के अंतिम दिनों पर आधारित नाटक का भी आयोजन किया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications
