Latest Updates
-
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता -
दिल को हेल्दी रखते हैं ये 5 योगासन, हार्ट अटैक से बचने के लिए आज से ही बना लें रूटीन का हिस्सा
गुरु पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण है एक ही दिन, जानें कितना प्रभावशाली होगा ये समय
साल 2020 में गुरु पूर्णिमा का पर्व 5 जुलाई को मनाया जाएगा। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का दिन गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) के रूप में मनाया जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार हर साल जुलाई के महीने में गुरु पूर्णिमा पड़ती है। पिछले महीने यानी 5 जून को चंद्र ग्रहण लगने के बाद अब फिर से चंद्र ग्रहण लगने वाला है और इस बार यह गुरु पूर्णिमा के दिन लगेगा। इस ग्रहण के बारे में सबसे खास बात यह है कि यह भारत में दिखाई नहीं देगा।

गुरु पूर्णिमा की तिथि और शुभ मुहूर्त
गुरु पूर्णिका की तिथि: 5 जुलाई, 2020
गुरु पूर्णिमा प्रारंभ: 4 जुलाई 2020 को सुबह 11 बजकर 33 मिनट से
गुरु पूर्णिमा तिथि समापन: 5 जुलाई 2020 को सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक

गुरु पूर्णिमा का महत्व
गुरु पूर्णिमा का पर्व हिंदू धर्म में बहुत विशेष माना गया है। यह दिन भारत की मशहूर गुरु शिष्य परंपरा का जश्न मनाने का मौका देता है। इस देश में गुरुओं को भगवान से भी ऊपर का दर्जा दिया गया है। एक गुरु ही अपने मार्गदर्शन से व्यक्ति को अज्ञानता के अंधेरे से रौशनी की तरफ ले जाता है। इस देश में प्राचीन काल से ही गुरुओं को सम्मानपूर्ण स्थान दिया गया है। गुरु पूर्णिमा के दिन उनकी पूजा करके विशेष आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।

गुरु पूर्णिमा के दिन इस समय लगेगा चंद्रग्रहण
उपच्छाया से पहला स्पर्श: 08:38 प्रात:
परमग्रास चंद्र ग्रहण: 09:59 प्रात:
उपच्छाया से अंतिम स्पर्श: 11:21 प्रात:
ग्रहण की अवधि: 02 घंटे 43 मिनट 24 सेकेंड
इस उपच्छाया चंद्रग्रहण को अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के हिस्सों में देखा जा सकेगा।

चंद्र ग्रहण का प्रभाव
ऐसा माना जा रहा है कि गुरु पूर्णिमा के दिन लगने वाला चंद्रग्रहण भारत में बहुत ज्यादा प्रभावशाली नहीं होगा। दरअसल यह एक उपच्छाया चंद्रग्रहण है और यहां दिखाई नहीं देगा।
वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखें तो यह चंद्र ग्रहण धनु राशि में लगने वाला है। धनु राशि में गुरु बृहस्पति और राहु मौजूद हैं। धनु राशि के जातकों पर इस ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। मन में नकारात्मक विचार आ सकते हैं। इन्हें मन को नियंत्रित रखने के लिए ध्यान का सहारा लेना चाहिए। धनु के आलावा कर्क, सिंह और कन्या राशि पर भी इस ग्रहण का असर देखने को मिल सकता है। इस दौरान आप ध्यान में ही समय बिताएं।



Click it and Unblock the Notifications
