हनुमान जयंती: बजरंगबली को ना चढ़ाएं चरणामृत, जानें और कौन से काम की है मनाही

Hanuman Jayanti: बजरंग बलि को क्यों चढ़ाते हैं सिन्दूर, इस दिन क्या करें, क्या न करें | Boldsky

प्रभु श्री राम के परम भक्त हनुमान को कलयुग का भगवान माना जाता है। देश में ही नहीं विदेशों में भी बजरंगबली के भक्त मौजूद हैं। माना जाता है कि सभी देवी देवताओं में से हनुमान जी ऐसे देव हैं जो जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। किसी भी तरह के संकट में इनका स्मरण भर कर लेने से समस्या हल हो जाती है।

Hanuman Jayanti

चैत्र माह की पूर्णिमा को हनुमान जी का जनमोत्स्व मनाया जाता है। इस साल ये उत्सव 16 अप्रैल को मनाया जाएगा। यूं तो हनुमान जी जल्दी नाराज नहीं होते हैं लेकिन उनकी पूजा के समय जाने अनजाने में हुई गलतियां उन्हें क्रोधित कर सकती हैं।

ना करें नमक का सेवन

ना करें नमक का सेवन

हनुमान जयंती पर यदि आप उपवास रख रहे हैं या फिर आप उनके लिए ख़ास पूजा का आयोजन कर रहे हैं तो उस दिन भूल कर भी नमक ग्रहण ना करें। इसके अलावा दान में दिए प्रसाद, खासतौर से मिठाई भी खुद ना खाएं।

महिलाएं ना करें हनुमान जी को स्पर्श

महिलाएं ना करें हनुमान जी को स्पर्श

हनुमान जी की पूजा करने वाले लोगों को ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है। उनके व्रत और ध्यान के दौरान किसी भी तरह की कामुक गतिविधि का हिस्सा नहीं बनना चाहिए। हनुमान जी स्वयं ब्रह्मचर्य का पालन करते थे इसलिए स्त्रियों को उनसे दूरी बनाकर रखनी चाहिए। महिलाएं पूजा के समय उन्हें स्पर्श ना करें।

लाल रंग का ही करें उपयोग

लाल रंग का ही करें उपयोग

हनुमान जी को लाल रंग बहुत पसंद है। हनुमान जयंती में उनकी पूजा के दौरान इस बात को ध्यान में रखें। उनके पूजन में लाल रंग के कपड़े, फूल आदि अर्पित करें। उनकी पूजा के समय काले या सफ़ेद रंग के वस्त्र ना पहनें। आप लाल या फिर पीले रंग के कपड़े धारण कर सकते हैं।

ये लोग ना करें हनुमान जी का ध्यान

ये लोग ना करें हनुमान जी का ध्यान

अंजनी पुत्र हनुमान को शांति बहुत प्रिय है। उनकी साधना और ध्यान के लिए भी मन शांत और स्थिर होना चाहिए। जिस व्यक्ति का मन भटका हुआ, अशांत और गुस्से से भरा हुआ हो, वो हनुमान जी की पूजा ना करे। ऐसे मन से की गई आराधना से हनुमान जी खुश नहीं होते हैं। उनकी पूजा के दौरान मन में किसी भी तरह का गलत ख्याल भी ना आने दें।

चरणामृत अर्पित ना करें

चरणामृत अर्पित ना करें

हनुमान जी की पूजा के दौरान चरणामृत का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इस बात का भी ख्याल रखें की पूजा में बजरंगबली की खंडित मूर्ति ना रखी हो। यदि जाने अनजाने में ही आपने तामसिक भोजन अर्थात मांसाहार और शराब का सेवन कर लिया है तो हनुमान मंदिर ना जाएं और ना ही उनकी पूजा करें।

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