Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal 21 April 2026: आज इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, पदोन्नति के साथ होगा जबरदस्त धन लाभ -
Kumaoni Kheera Raita: गर्मी के मौसम में वरदान है उत्तराखंड का ये खीरे का रायता, 10 मिनट में ऐसे करें तैयार -
Surya Grahan 2026: किस अमावस्या को लगेगा दूसरा सूर्य ग्रहण? क्या भारत में दिन में छा जाएगा अंधेरा? -
Jamun Side Effects: इन 5 लोगों को नहीं खाने चाहिए जामुन, फायदे की जगह पहुंचा सकता है भारी नुकसान -
Amarnath Yatra 2026: सावधान! ये 5 लोग नहीं कर सकते अमरनाथ यात्रा, कहीं आप भी तो शामिल नहीं? -
26 या 27 अप्रैल, कब है मोहिनी एकादशी? जानें व्रत की सही तारीख और पारण का शुभ समय -
बेसन या सूजी का चीला, जानें वजन घटाने के लिए कौन सा नाश्ता है सबसे बेस्ट? नोट करें रेसिपी -
तपती धूप में निकलने से पहले खा लें प्याज-हरी मिर्च का ये खास सलाद, लू के थपेड़े भी रहेंगे बेअसर -
Somvar Vrat Katha: सोमवार व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, भगवान शिव पूरी करेंगे हर मनोकामना -
Aaj Ka Rashifal, 20 April 2026: मालव्य योग से चमकेंगे इन राशियों के सितारे, जानें आज का भाग्यफल
Holi 2020: होलिका दहन पर इस आसान तरीके से करें पूजा और जरूर पढ़ें ये मंत्र
भारत के बड़े त्योहारों में से एक है होली और लोग पूरे साल इस उत्सव का इंतजार करते हैं। इस साल होली का त्योहार 10 मार्च को मनाया जाएगा। इससे एक दिन पहले यानी 9 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा। होली के दिन रंग खेलने से पहले होलिका दहन की परंपरा है। इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा करने के बाद होलिका जलाई जाती है। जानते हैं इस वर्ष होलिका दहन का समय और पूजा करने का सही तरीका क्या है। साथ ही जानते हैं उस अचूक मंत्र के बारे में जो कामयाबी के राह खोल सकती है।

शुभ मुहूर्त
शाम को 6 बजकर 22 मिनट से लेकर 8 बजकर 49 मिनट तक होलिका दहन किया जा सकता है।

आहुति के लिए सामग्री
होलिका दहन के दौरान उसमें आहुति भी दी जाती है। इसके लिए नारियल, भुट्टे, कच्चे आम, चीनी के बने खिलौने, नई फसल का थोड़ा सा हिस्सा रखें। भुट्टे के अलावा आप उड़द, गेहूं, मसूर, चना, चावल या जौ रख सकते हैं।

होलिका दहन के दिन इस विधि से करें पूजा
पूजा करने वाले व्यक्ति को तैयार होलिका के पास जाकर पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ मुंह करके बैठना चाहिए। पूजा के लिए एक लोटे में जल रखें। इसके साथ ही माला, चावल, पुष्प, रोली, गुड़, बताशे, कच्चा सूत, गंध (चंदन), मूंग, साबुत हल्दी, नारियल और गुलाल आदि रखें। तैयार हो चुकी नई फसल जैसे पके चने या गेहूं की बालियां सामग्री के तौर पर रखी जाती हैं।
होलिका के पास ही आप गोबर से बनी ढाल और दूसरे खिलौने रख दें।
मुहूर्त के समय होलिका के चारों और कच्चे सूत को तीन या सात बार परिक्रमा करते हुए लपेटें। अब लोटे का शुद्ध जल और पूजा की सभी सामग्रियां एक एक करके होलिका को अर्पित करें।
आप पंचोपचार विधि से होलिका की पूजा करें। पूजा में पांच तरीकों से अपने आराध्य देवी या देवता की पूजा करना पंचोपचार पूजन कहलाता है। इसके लिए आप पहले मूर्ति या फोटो का श्रृंगार करें। पुष्प अर्पित करें। धुप अगरबत्ती जलाकर वातावरण को सुगंधित बनाएं। दीप जलाकर आरती करें और उन्हें भोग चढ़ाएं। होलिका दहन की पूजा के बाद जल से अर्घ्य दें।

होली की पूजा के दौरान पढ़ें ये मंत्र
होली के त्योहार पर लोग कई सारे टोटके और मंत्र आजमाते हैं। आप होली पूजन के दिन बस एक मंत्र का जप कर सकते हैं और इससे आपके लिए सुख, समृद्धि और सफलता के द्वार खुल जाएंगे। मगर ध्यान रहे कि इस मंत्र का जप एक, तीन या पांच माला विषम संख्या में ही करना चाहिए।
अहकूटा भयत्रस्तै: कृता त्वं होलि बालिशै: अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम:



Click it and Unblock the Notifications











