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जानिए हरियाली तीज का महत्व
भारत, पर्वों और अवसरों की पवित्र भूमि है। जहां हर रिश्ते-नाते के लिए एक त्यौहार होता है। इस अवसर पर परिवार एक होता है और सभी मिलजुलकर इसका मज़ा उठाते हैं। अच्छे-अच्छे पकवान बनते हैं और लोगों के बीच परिवार का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है।
अगस्त माह में सावन महीने में तीज का पर्व, उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में श्रद्धा और आस्था के साथ पति की दीर्घ आयु के लिए मनाया जाता है। इसे तीज के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म के तीज पर्व का काफी महत्व है।
कई स्थानों पर इसे सावन तीज या हरियाली तीज के नाम से भी जाना जाता है। राजस्थान, यूपी, बिहार और हरिणाया में इसे धूमधाम से मनाते हैं। यहां तककि नेपाल में भी कुछ क्षेत्रों में इसे मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि हरियाली तीज का महत्व क्या है:

1. धार्मिक महत्व
हरियाली तीज का धार्मिक महत्व यह है कि माना जाता है इसी दिन शिव और पार्वती हजारों वर्षों के बाद एक हुए थे। सती से वियोग के बाद इसी दिन शिव का पार्वती के प्रति प्रेम जागा था। यही कारण है कि महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं और अपने पति की दीर्घ आयु की कामना करती हैं

2. महत्व
सावन महीने में महिलाओं को इस दिन सुंदर साड़ी और गहने पहनने होते हैं जो कि मौसम के हिसाब से उन्हें काफी अच्छे लगते हैं। इस मौसम में वो मेंहदी लगाती हैं, गाना गाती हैं और झूला झूलती हैं। ऐसा करके वो मानसून का स्वागत भी करती हैं।

3. दैनिक कार्यों से आजादी
तीज के दौरान महिलाएं अपने मायके जाती हैं, वहां सबसे साथ रहती हैं और उन्हें थोड़ा आराम मिलता है।

4. रिश्ते को बनाएं मजबूत
पति और पत्नी के सम्बंधों के बीच यह त्यौहार मधुरता ला देता है। पति, अपनी पत्नी के लिए भोजन तैयार करता है और पत्नी उसकी लम्बी आयु के लिए पूजा करती है। इस प्रकार, दोनों एक दूसरे को अच्छा समय देते हैं।

5. तीन दिन की रस्में
पहले दिन पति अपनी पत्नी के लिए अच्छा भोजन बनाता है उसके बाद दोनों साथ मिलकर खाते हैं। दूसरे दिन महिला व्रत रखती है और तीसरे दिन शिव-पार्वती की पूजा करती है।

6. पौराणिक महत्व
कई इलाकों में इस दिन महिला मिट्टी का लेप लगाकर स्नान करती है और इससे उसके पूर्व समय के समस्त पाप धुल जाते हैं, ऐसा माना जाता है। वह नए कपड़े पहनती है, चांद-तारे-सूरज तीनों के उदय तक व्रत रखती है। झूला झूलती है जो उसे बचपन की याद दिलाता है। इस प्रकार, वह पुन: ऊर्जा से भर जाती है।



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