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माघ पूर्णिमा का दिन होता है खास, भगवान श्रीहरि के साथ पाएं बजरंगबली का आशीर्वाद

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हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ होता है जिसे काफी खास माना जाता है। हर महीने के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा होती है। यह माघ महीना चल रहा है और माघ पूर्णिमा 27 फरवरी को पड़ेगा। इस दिन स्नान, दान और व्रत करने का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों की मानें तो पूर्णिमा तिथि के दिन इन सब कार्यों का फल कई गुना बढ़ कर मिलता है। इस लेख में जानते हैं माघ पूर्णिमा की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व।

माघ पूर्णिमा की तिथि और शुभ मुहूर्त:

माघ पूर्णिमा की तिथि और शुभ मुहूर्त:

माघ पूर्णिमा आरंभ- 26 फरवरी, शुक्रवार को शाम 03 बजकर 49 मिनट से

माघ पूर्णिमा समाप्त- 27 फरवरी, शनिवार को दोपहर 01 बजकर 46 मिनट तक।

माघ पूर्णिमा का महत्व:

माघ पूर्णिमा का महत्व:

इस दिन स्नान और दान-पुण्य का काम करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाले कष्टों से लड़ने का साहस मिलता है। मनुष्य द्वारा पूर्व में किए पापों से मुक्ति मिलती है। इस दिन सच्चे मन से विष्णु और हनुमान जी की पूजा करने वाले व्यक्ति को सभी सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही सभी मनोकामनाएं भी पूर्ण होती हैं। धार्मिक दृष्टि से ये दिन बहुत ही फलदायी माना गया है।

माघ पूर्णिमा के दिन क्या करें?

माघ पूर्णिमा के दिन क्या करें?

माघ पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। इस दिन नियमों का पालन करते हुए जातक को व्रत रखना चाहिए। भगवान विष्णु के साथ हनुमान जी की पूजा अवश्य करें। माघ पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण भगवान की कथा का पाठ करें। गायत्री मंत अथवा श्रीहरि के 'ऊं नमो नारायण' मंत्र का न्यूनतम एक माला का जाप भी जरूर करें। इस अवसर पर चंद्रमा का विशेष महत्व होता है। इस दिन चंद्र पूजन से व्यक्ति को मानसिक शांति के साथ जीवन में सुकून की प्राप्ति होती है। व्यक्ति को अपने सामर्थ्य के अनुसार गरीब और जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए।

English summary

Magh Purnima 2021: Date, Shubh Muhurat, Significance and Rituals in Hindi

Read about Vrat Vidhi, Puja Rituals & Importance of Magh Poornima in Hindi.