Latest Updates
-
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी -
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत
मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2019: आज मजबूत स्थिति में होगा चांद, दान कर्म का मिलेगा 32 गुना लाभ
हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष पूर्णिमा का खास महत्व माना गया है। साल 2019 में मार्गशीर्ष पूर्णिमा की तिथि 12 दिसंबर है। यह दिन चंद्र देव को समर्पित है। दरअसल इस दिन चंद्रमा अपनी मजबूत स्थिति में होगा। हिंदू पंचांग में पूर्णिमा को विशेष माना जाता है। पूर्णिमा के दिन चांद अपनी पूर्णत्व स्थिति में होता है। किसी भी महीने की पूर्णिमा के दिन जो नक्षत्र पड़ता है, उसी के आधार पर उस पूर्णिमा का नाम भी पड़ जाता है। इसी वजह से मार्गशीर्ष माह की इस पूर्णिमा को मार्गशीर्ष पूर्णिमा के अलावा अगहन पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व
शास्त्रों के अनुसार मार्गशीर्ष माह भगवान श्री कृष्ण का माह माना जाता है। इस महीने को लेकर उन्होंने स्वयं कहा था कि मैं मार्गशीर्ष माह हूं तथा सत युग में देवों ने मार्ग-शीर्ष मास की प्रथम तिथि को ही साल का प्रारंभ किया था। सनातन धर्म की मानें तो इस माह से ही सतयुग काल का आरंभ हुआ था।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा के मौके पर चंद्र देव और भगवान शिव की आराधना की जाती है। इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा और पूजा का भी विधान है। मान्यता है कि इस दिन ऐसा करने से व्यक्ति को जीवन में हर तरह का सुख मिलता है और मानसिक शांति भी प्राप्त होती है।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन मन होगा शांत
जिस तरह से कार्तिक, माघ, वैशाख की पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है, उसी तरह मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा ठीक आमने सामने होते हैं। कहा जाता है कि इसी दिन चंद्रमा का प्रभाव मनुष्य पर सबसे अधिक होता है। शास्त्रों के अनुसार व्यक्ति के मन का कारक चंद्रमा है। इस खास मौके पर लोगों को चंद्र ग्रह की शांति के लिए उपाय करने चाहिए।

पूजा का शुभ समय
आप 12 दिसंबर की में रात 10.44 तक पूजा कर लें। इसके बाद पूर्णिमा का शुभ समय समाप्त हो जाएगा। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो कुंडली में चन्द्र ग्रह की स्थिति अशुभ चल रही है तो आज चंद्रमा की पूजा अर्चना जरूर करनी चाहिए। आज दान दक्षिणा का भी खास महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन दान-पुण्य करने से बत्तीस गुना फल प्राप्त होता है और इसी वजह से मार्गशीर्ष पूर्णिमा को बत्तीसी पूनम भी कहा जाता है।



Click it and Unblock the Notifications