Latest Updates
-
Somvar Vrat Katha: सोमवार व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, भगवान शिव पूरी करेंगे हर मनोकामना -
Aaj Ka Rashifal, 20 April 2026: मालव्य योग से चमकेंगे इन राशियों के सितारे, जानें आज का भाग्यफल -
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे' -
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद
मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2019: आज मजबूत स्थिति में होगा चांद, दान कर्म का मिलेगा 32 गुना लाभ
हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष पूर्णिमा का खास महत्व माना गया है। साल 2019 में मार्गशीर्ष पूर्णिमा की तिथि 12 दिसंबर है। यह दिन चंद्र देव को समर्पित है। दरअसल इस दिन चंद्रमा अपनी मजबूत स्थिति में होगा। हिंदू पंचांग में पूर्णिमा को विशेष माना जाता है। पूर्णिमा के दिन चांद अपनी पूर्णत्व स्थिति में होता है। किसी भी महीने की पूर्णिमा के दिन जो नक्षत्र पड़ता है, उसी के आधार पर उस पूर्णिमा का नाम भी पड़ जाता है। इसी वजह से मार्गशीर्ष माह की इस पूर्णिमा को मार्गशीर्ष पूर्णिमा के अलावा अगहन पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व
शास्त्रों के अनुसार मार्गशीर्ष माह भगवान श्री कृष्ण का माह माना जाता है। इस महीने को लेकर उन्होंने स्वयं कहा था कि मैं मार्गशीर्ष माह हूं तथा सत युग में देवों ने मार्ग-शीर्ष मास की प्रथम तिथि को ही साल का प्रारंभ किया था। सनातन धर्म की मानें तो इस माह से ही सतयुग काल का आरंभ हुआ था।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा के मौके पर चंद्र देव और भगवान शिव की आराधना की जाती है। इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा और पूजा का भी विधान है। मान्यता है कि इस दिन ऐसा करने से व्यक्ति को जीवन में हर तरह का सुख मिलता है और मानसिक शांति भी प्राप्त होती है।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन मन होगा शांत
जिस तरह से कार्तिक, माघ, वैशाख की पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है, उसी तरह मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा ठीक आमने सामने होते हैं। कहा जाता है कि इसी दिन चंद्रमा का प्रभाव मनुष्य पर सबसे अधिक होता है। शास्त्रों के अनुसार व्यक्ति के मन का कारक चंद्रमा है। इस खास मौके पर लोगों को चंद्र ग्रह की शांति के लिए उपाय करने चाहिए।

पूजा का शुभ समय
आप 12 दिसंबर की में रात 10.44 तक पूजा कर लें। इसके बाद पूर्णिमा का शुभ समय समाप्त हो जाएगा। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो कुंडली में चन्द्र ग्रह की स्थिति अशुभ चल रही है तो आज चंद्रमा की पूजा अर्चना जरूर करनी चाहिए। आज दान दक्षिणा का भी खास महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन दान-पुण्य करने से बत्तीस गुना फल प्राप्त होता है और इसी वजह से मार्गशीर्ष पूर्णिमा को बत्तीसी पूनम भी कहा जाता है।



Click it and Unblock the Notifications











