Latest Updates
-
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Akshaya Tritiya Wishes For Saasu Maa: सासू मां और ननद को भेजें ये प्यार भरे संदेश, रिश्तों में आएगी मिठास
ओ-नामी की महान लहरें

ओ-नामी ने इस बात को महसूस किया और सोचा कि उसे एक जैन गुरू की मदद लेनी चाहिए। ओ-नामी ने एक जैन गुरू को देखा जो कि पास के छोटे मंदिर में ठहरे हुऐ थे उनका नाम हाकउजू था। ओ-नामी ने अपनी गुप्त समस्या, हाकउजू को बतायी। गुरू ने कहा- तुम्हारे नाम का अर्थ महान लहरें है तो इस मंदिर में ठहरो और कल्पना करो कि बड़ी- बड़ी लहरें सब कुछ निगल रही है तथा कोई भी बड़ा पहलवान नहीं है जो ड़रा हुआ न हो।
इसका पालन करो और तुम अपनी धरती पर सबसे महान पहलवान बन जाओगे। ओ-नामी, गुरू की सलाह मानकर अभ्यास के लिए बैठ गया। उसने सोचना शुरू किया कि वह विशाल लहर है। शुरूआत में यह सोचने पर उसका दिमाग घूम गया। धीरे-धीरे लहरों के बारे में सोचने और महसूस करने लगा। जैसे-जैसे रात गुजरती गई लहरें बढ़ती गई और फूलदानों के फूलों तक व बुद्धा की मूर्ति तक पॅहूच गई। जल्दी ही वह छोटा मंदिर एक बड़े समुद्र में था और बड़ी लहरें उफान मचाऐ हुए थी।



Click it and Unblock the Notifications











