दीवाली में इन गलतियों को करने से बचें वरना हो सकता है कुछ अशुभ

भारत में हिंदुओं के त्‍योहारों में सबसे अधिक लोकप्रिय है दीवाली का त्‍योहार। रावण का वध करने के बाद अयोध्‍या वापिस लौटने की खुशी में ये त्‍योहार मनाया जाता है। इस पर्व को बुराई पर अच्‍छाई की जीत की खुशी में मनाया जाता है। मान्‍यता है कि इस‍ दिन लक्ष्‍मी पूजा करने से समृद्धि की प्राप्‍ति होती है।

इस दिन हम दीपदान करते है, रंगोली सजाते है और घरों और मोहल्‍ले को दुल्‍हनों की तरह सजाते हैं। हालांकि, लक्ष्‍मी पूजा के दौरान आपको कुछ बातों को ध्‍यान में रखना भी बहुत जरूरी है।

तुलसी पूजन

तुलसी पूजन

किवदंती है कि तुलसी का विवाह शालिग्राम से हुआ था जोकि भगवान विष्‍णु के अवतार थे। चूंकि भगवान विष्‍णु और देवी लक्ष्‍मी पति-पत्‍नी हैं इसलिए लक्ष्‍मी पूजन में तुलसी जी की पूजा नहीं करनी चाहिए। विष्‍णु पूजा और अन्‍य किसी भी पूजन में तुलसी पूजा की जा सकती है।

ज्‍योत का रंग

ज्‍योत का रंग

लक्ष्‍मी पूजा में ज्‍योत का रंग लाल ही होना चा‍हिए। मंदिर के दाएं और लैंप या दीया रखना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि भगवान विष्‍णु लीडर माने जाते हैं जो दुनियाभर में प्रकाश फैलाते हैं। इसलिए उनकी पत्‍नी देवी लक्ष्‍मी की पूजा में दीया दाईं ओर रखना चाहिए।

फूलों का रंग

फूलों का रंग

देवी लक्ष्‍मी को सफेद रंग के फूल अर्पित ना करें। देवी लक्ष्‍मी विवाहित हैं और उन्‍हें केवल लाल और गुलाबी पुष्‍प ही अर्पित किए जा सकते हैं। सफेद रंग के वस्‍त्र पर भी मां लक्ष्‍मी की मूर्ति का स्‍थापित नहीं करना चाहिए। शनि देव को छोड़कर सभी देवी-देवताओं के पूजन में सफेद और काले रंग का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

भगवान विष्‍णु

भगवान विष्‍णु

देवी लक्ष्‍मी के पूजन में भगवान विष्‍णु का पूजन अवश्‍य करना चाहिए। भगवान विष्‍णु और देवी लक्ष्‍मी पति-पत्‍नी हैं और इसलिए इनका पूजन हमेशा साथ ही करना चाहिए। गणेश-लक्ष्‍मी पूजन के तुरंत बाद विष्‍णु पूजन जरूर करें।

दक्षिण दिशा

दक्षिण दिशा

पूजा के समापन पर मंदिर की दक्षिण दिशा में प्रसाद रखें। मंदिर की दाईं ओर पुष्‍प रखें। दीपावली का उत्‍सव मनाने से पूर्व घर के सभी सदस्‍यों में प्रसाद वितरित कर दें। परिवार के सभी सदस्‍या मिलकर लक्ष्‍मी-गणेश पूजन करें।

दीवाली पर और क्‍या कर सकते हैं

दीवाली पर और क्‍या कर सकते हैं

दोस्‍तों और परिवार के लोगों से मिलने के लिए दीपावली का त्‍योहार बेहद शुभ माना जाता है। दीवाली पर अपने परिवार और दोस्‍तों के लिए समय जरूर निकालें। घर को सजाएं, लोगों को आमंत्रित करें और सभी के लिए उपहार खरीदें।

रंगोली बनाएं

रंगोली बनाएं

रंगोली सिर्फ सजावट के लिए ही नहीं होती बल्कि इससे घर में शुभता और समृद्धि भी आाती है। आप चाहें तो मार्केट से रेडीमेड रंगोली भी लाकर उसमें अपनी पसंद के रंग भर सकते हैं।

दान करें

दान करें

क्‍या आपने कभी सोचा है कि दीया बेचने वाले लड़के ने अपने घर भी दीयों से रोशनी की है या नहीं। कइ लोग ऐसे हैं जिनके पास खुशियों का त्‍योहार दीवाली मनाने के लिए पैसे नहीं हैं। जरूरतमंद लोगों को दीवाली के अवसर पर कंबल, मिठाई या दीये दान में दें।

पटाखों से रहें दूर

पटाखों से रहें दूर

सुप्रीम कोर्ट के नियम अनुसार दीवाली के मौके पर पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। अगर फिर भी आपके पास पटाखे हैं तो ज्‍यादा पटाखे ना जलाएं। इससे प्रदूषण होता है और जानवरों, बुजुर्गों और बच्‍चों को भी इससे परेशानी होती है। पटाखों की जगह दीया जलाएं।

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