दूसरा शिष्‍यत्‍व

The Second Discipleship
कसान गुरू को, एक प्रांतीय भगवान के अंतिम संस्‍कार में पदाधिकारी के रूप में काम करने को कहा गया। कसान को बहुत घबराहट हो रही थी क्‍योकि उसने कभी भी भगवान और महान लोगो के साथ ऐसा कोई कार्य नही किया था। जब समारोह शुरू हुआ तो कसान को उसका कार्य करने को कहा गया तो वह पसीना-पसीना हो गया।

वॅहा से लौटने के बाद, कसान ने अपने छात्रों को बुलाया और प्रसिद्धि की दुनिया में मंदिर में जो महसूस किया व अपनी कमी के बारे में बतलाया। कसान ने स्‍वीकारा कि वह अभी भी योग्‍य गुरू नही है। इस तरह उन्‍होने ने गुरू के पद से इस्‍तीफा दे दिया।

उसके बाद कसान ने आठ साल एक शिष्‍य के रूप में बिताए और छात्रों के लिए एक प्रबुद्ध राज्‍य में वापस लौटे। सच्‍चा ज्ञानी हमेशा ज्ञान को पाने ही तलाश में रहता है

Story first published: Thursday, August 9, 2012, 10:28 [IST]
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