Latest Updates
-
योगिनी एकादशी की शुभकामनाएं संस्कृत में भेजें, देवभाषा के इन मंत्रों और सूक्तियों से अपनों का दिन बनाएं मंगलमय -
इस कथा के बिना अधूरा है योगिनी एकादशी व्रत, मिलता है 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य -
Yogini Ekadashi 2026 Wishes: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय', इन भक्तिमय संदेशों से अपनों को दें शुभकामनाएं -
बारिश का पानी स्किन के लिए अच्छा या खराब, जानें मानसून में इसके फायदे और नुकसान -
AC कोच बना 'हनीमून सुइट', फूलों-गुब्बारों से सजाया ट्रेन का डिब्बा, वायरल हुआ वीडियो, जानें रेवले के नियम -
Kiara Advani ने यश संग 'तबाही' में दिए दिए इंटीमेट सीन, जानें कैसे शूट किए जाते हैं बोल्ड सीन? -
एक्टर राजेश शर्मा को जहरीले कीड़े ने काटा, हालत नाजुक, जानें मानसून में क्यों बढ़ता है सांप कीड़ों का खतरा -
Yogini Ekadashi 2026: कब रखा जाएगा योगिनी एकादशी का व्रत? इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम -
Varalakshmi Vrat 2026: सावन के आखिरी शुक्रवार को करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी बरसाएंगी धन-दौलत -
पंजाब की पहली महिला ड्राइवर और पायलट थीं शेफ विकास खन्ना की मां बिंदु खन्ना, राजीव गांधी के साथ ली थी ट्रेनिंग
जानें बकरीद की परम्परा और रीति-रिवाज के बारे में
इस्लामिक चंद्र कैलेंडर में बकरीद या ईद-उल-अज़हा, दूसरा सबसे प्रमुख त्योहार होता है। इस्लाम धर्म में रमज़ान के महीने में आखिर के दिन में ईद-उल-फितुर सबसे प्रमुख त्योहार होता है। दूसरे प्रमुख त्यौहार बकरीद को बलिदान की भावना से मनाया जाता है।
इसी दिन, हाजी यात्रियों की यात्रा का अंत भी हो जाता है। इस पर्व की शुरूआत का इतिहास लगभग 4000 साल पुराना है जो कि पैगम्बर इब्राहिम से जुड़ा हुआ है जो सऊदी अरब के मक्का नामक स्थान पर निवास करते थे।
READ: बकरीद पर बनाइये लजीज नॉन वेज रेसिपीज
कहते हैं कि अल्लाह ने उनकी वफादारी की परीक्षा लेने के लिए उनसे उनके इकलौते पुत्र की बलि मांगी। वह देने को राज़ी हो गए और जैसे ही वह उसे मारने के लिये आगे बढ़े, अल्लाह ने उन्हे रोक दिया।

उनकी वफादारी से अल्लाह खुश हो गए और उन्होने उसे पुत्र के बदले बकरे की बलि चढ़ाने को कहा। तब से आज तक, बकरीद के दिन, बकरे को हलाल किया जाता है।
बकरीद के अन्य रीति-रिवाज निम्न हैं:
1. बकरीद एक अलग प्रकार का त्योहार है जिसमें मजा और धर्मशीलता दोनों मौजूद होते हैं।
2. बकरीद के दिन परिवार के हर सदस्य को नए कपड़े पहनना अनिवार्य होता है। मुस्लिम परिवारों के लोग पहले से ही नए कपड़े बनवाने लगते हैं। मुस्लिम समुदाय में कपड़ों का दान भी होता है ताकि उनके पर्व पर कोई भी बिना नए कपड़ों के न रहें।

3. मुस्लिम महिलाएं, बकरीद के दिन अपने हाथों पर मेंहदी लगाती हैं और हंसी-खुशी से समय बिताती हैं। वे कई प्रकार की खरीददारी भी करती हैं और बकरीद के दिन अच्छे से सजती हैं।
4. बकरीद के दिन सुबह-सुबह, घर के सभी लोग मस्जिद जाते हैं और नमाज़ अदा करते हैं। आवश्यक सभी रिवाजों को वहां पूरा किया जाता है। महिलाएं, घर पर रहकर प्रार्थना करती हैं।

5. जैसा कि ऊपर वर्णित है कि लोग इस दिन चार पैर वाले किसी जीव की बलि देते हैं, तो वे बकरे, ऊंट या गाय की बलि देते हैं। इन पर भारी खर्च किया जाता है। जिस जीव की बलि देनी होती है, उसके लिए निर्धारित नियम होते हैं, हर जीव को नहीं चढ़ाया जाता है।

6. बलि देने के बाद, निकलने वाले मीट को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। पहला हिस्सा परिवार के लिए, दूसरा हिस्सा दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए और तीसरा हिस्सा, गरीबों और जरूरतमंदों को दिया जाता है। इस तरह पर्व के दौरान सभी का ख्याल रखा जाता है।
7. बकरीद के दौरान, तकबीर का पाठ सबसे जरूरी होता है, जिससे जोर-जोर से बोला जाता है।



Click it and Unblock the Notifications