Latest Updates
-
Mahavir Jayanti 2026: महावीर जयंती कब है? जानें तिथि, महत्व और भगवान महावीर के प्रमुख सिद्धांत -
कौन थे राहुल अरुणोदय बनर्जी? शूटिंग के दौरान डूबने से हुई मौत, 43 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा -
बिग बॉस फेम रजत दलाल ने रचाई गुपचुप शादी, फोटोज पोस्ट करके सबको किया हैरान, जानें कौन है दुल्हन? -
Vastu Tips: घर में आर्थिक संकट आने से पहले दिखते हैं ये संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज -
40 की उम्र में दूसरी बार मां बनीं सोनम कपूर, सोशल मीडिया पर दी खुशखबरी, जानिए बेटा हुआ या बेटी -
घर में छिपकलियों ने मचा रखा है आतंक? भगाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, फिर कभी नहीं दिखेंगी दोबारा -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes In Marwari: आ धरती म्हारे राजस्थान री...इन मारवाड़ी मैसेज से अपनों को दें बधाई -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes: मरुधरा की रेत...राजस्थान दिवस के मौके पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 March 2026: सोमवार को महादेव बरसाएंगे इन 4 राशियों पर कृपा, जानें अपना भाग्यफल -
Yoga For Arthritis: गठिया के दर्द से हैं परेशान तो रोज करें ये 5 योगासान, जल्द ही मिलेगी राहत
वैशाख पूर्णिमा के दिन ही हुआ था बुद्ध को सत्य का ज्ञान, जानें इसकी तिथि और महत्व
वैशाख पूर्णिमा का दिन बहुत विशेष माना गया है। इस शुभ दिन पर दान-पुण्य से लेकर धर्म कर्म के कई काम किये जाते हैं। कई जगहों पर यह दिन सत्य विनायक पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि के दिन ही बुद्ध पूर्णिमा भी मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार बुद्ध को भगवान विष्णु का ही अवतार माना गया है। वैशाख पूर्णिमा अथवा बुद्ध पूर्णिमा का ये दिन बौद्ध धर्म के मानने वाले लोग बड़ी ही धूमधाम से मनाते हैं।

वैशाख पूर्णिमा तिथि और मुहूर्त
मई 6, 2020 को 19:46:37 से पूर्णिमा आरम्भ
मई 7, 2020 को 16:16:48 पर पूर्णिमा समाप्त

वैशाख पूर्णिमा का श्रीकृष्ण और सुदामा से संबंध
इस खास दिन के साथ ये मान्यता जुड़ी हुई है कि भगवान श्रीकृष्ण के बचपन के घनिष्ठ मित्र सुदामा जब उनसे मिलने द्वारिका पहुंचे थे तब भगवान कृष्ण ने उन्हें सत्य विनायक पूर्णिमा व्रत का विधान बताया था। इस व्रत के प्रभाव की मदद से सुदामा के जीवन की सारी दरिद्रता दूर हो गयी थी।

वैशाख पूर्णिमा का महत्व
वैशाख माह की पूर्णिमा पर धर्मराज की पूजा करने की परंपरा है। इस दिन व्रत करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। इस दिन ध्यान, दान और स्नान का विशेष लाभ मिलता है। ऐसा माना जाता है कि इसी दिन ब्रह्म देव ने काले और सफेद तिलों का निर्माण किया था इसलिए इस दिन इनका प्रयोग जरूर करना चाहिए। पुराणों में वैशाखी पूर्णिमा तिथि को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। इस दिन मंदिरों में हवन-पूजन के बाद वैशाख महात्म्य कथा का परायण किया जाता है। मगर इस साल कोरोना वायरस के कारण देशभर में लगे लॉकडाउन की वजह से न तो भक्त पवित्र नदी में स्नान कर सकेंगे और न ही मंदिरों में ऐसा कोई इंतजाम होगा। मगर आप घर में पूजा ध्यान जरूर कर सकते हैं।

वैशाख पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा का संबंध
भगवान बुद्ध को बहुत पूजनीय माना गया है। वो ऐसी दिव्य आत्मा थे जिन्हें भगवान के रूप में सम्मान मिला। वैशाख पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। इतना ही नहीं, कई वर्षों तक वन में भटकने और कठिन तपस्या के बाद वैशाख पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध को बोधिवृक्ष के नीचे सत्य का ज्ञान हुआ था। बुद्ध को भगवान विष्णु का अवतार माना गया है इसलिए केवल बौद्ध अनुयायी ही नहीं हिंदू भक्त भी पूरी श्रद्धा के साथ उनकी शिक्षा का अनुसरण करते हैं।



Click it and Unblock the Notifications











