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वैशाख पूर्णिमा के दिन ही हुआ था बुद्ध को सत्य का ज्ञान, जानें इसकी तिथि और महत्व

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वैशाख पूर्णिमा का दिन बहुत विशेष माना गया है। इस शुभ दिन पर दान-पुण्य से लेकर धर्म कर्म के कई काम किये जाते हैं। कई जगहों पर यह दिन सत्य विनायक पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि के दिन ही बुद्ध पूर्णिमा भी मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार बुद्ध को भगवान विष्णु का ही अवतार माना गया है। वैशाख पूर्णिमा अथवा बुद्ध पूर्णिमा का ये दिन बौद्ध धर्म के मानने वाले लोग बड़ी ही धूमधाम से मनाते हैं।

वैशाख पूर्णिमा तिथि और मुहूर्त

वैशाख पूर्णिमा तिथि और मुहूर्त

मई 6, 2020 को 19:46:37 से पूर्णिमा आरम्भ

मई 7, 2020 को 16:16:48 पर पूर्णिमा समाप्त

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वैशाख पूर्णिमा का श्रीकृष्ण और सुदामा से संबंध

वैशाख पूर्णिमा का श्रीकृष्ण और सुदामा से संबंध

इस खास दिन के साथ ये मान्यता जुड़ी हुई है कि भगवान श्रीकृष्ण के बचपन के घनिष्ठ मित्र सुदामा जब उनसे मिलने द्वारिका पहुंचे थे तब भगवान कृष्ण ने उन्हें सत्य विनायक पूर्णिमा व्रत का विधान बताया था। इस व्रत के प्रभाव की मदद से सुदामा के जीवन की सारी दरिद्रता दूर हो गयी थी।

वैशाख पूर्णिमा का महत्व

वैशाख पूर्णिमा का महत्व

वैशाख माह की पूर्णिमा पर धर्मराज की पूजा करने की परंपरा है। इस दिन व्रत करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। इस दिन ध्यान, दान और स्नान का विशेष लाभ मिलता है। ऐसा माना जाता है कि इसी दिन ब्रह्म देव ने काले और सफेद तिलों का निर्माण किया था इसलिए इस दिन इनका प्रयोग जरूर करना चाहिए। पुराणों में वैशाखी पूर्णिमा तिथि को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। इस दिन मंदिरों में हवन-पूजन के बाद वैशाख महात्म्य कथा का परायण किया जाता है। मगर इस साल कोरोना वायरस के कारण देशभर में लगे लॉकडाउन की वजह से न तो भक्त पवित्र नदी में स्नान कर सकेंगे और न ही मंदिरों में ऐसा कोई इंतजाम होगा। मगर आप घर में पूजा ध्यान जरूर कर सकते हैं।

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वैशाख पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा का संबंध

वैशाख पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा का संबंध

भगवान बुद्ध को बहुत पूजनीय माना गया है। वो ऐसी दिव्य आत्मा थे जिन्हें भगवान के रूप में सम्मान मिला। वैशाख पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। इतना ही नहीं, कई वर्षों तक वन में भटकने और कठिन तपस्या के बाद वैशाख पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध को बोधिवृक्ष के नीचे सत्य का ज्ञान हुआ था। बुद्ध को भगवान विष्णु का अवतार माना गया है इसलिए केवल बौद्ध अनुयायी ही नहीं हिंदू भक्त भी पूरी श्रद्धा के साथ उनकी शिक्षा का अनुसरण करते हैं।

English summary

Vaishakh Purnima or Buddha Purnima 2020: Date, History, Significance

Vaishakh Purnima, Buddha Purnima, Buddha Jayanti is a Buddhist and Hindu festival that marks Gautama Buddha's birth, enlightenment and death. It falls on the day of the Full Moon in April or May.
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