Latest Updates
-
Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, इस मेडिकल कंडीशन के चलते हुई मौत -
PCOS का नाम बदलकर हुआ PMOS, जानिए क्या है इसका मतलब और क्यों रखा नया नाम -
प्रतीक यादव ने ऐसे किया था अपर्णा यादव को प्रपोज, 10 साल बाद हुई थी दोनों की शादी, बेहद फिल्मी है लव स्टोरी -
Sonia Gandhi Health Update: सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती -
कौन थे प्रतीक यादव? जानें अखिलेश यादव के भाई की कैसे हुई मौत, कितनी संपत्ति के मालिक थे, परिवार में कौन-कौन -
Apara Ekadashi Vrat Katha: अपरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों और प्रेत योनि से मिलेगी मुक्ति -
Apara Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: अपरा एकादशी पर अपनों को भेजें ये मंगलकारी संस्कृत संदेश और दिव्य श्लोक -
Apara Ekadashi 2026 Wishes: अपरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें भगवान विष्णु के आशीर्वाद भरे ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 13 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Cannes 2026 में छाया आलिया भट्ट का प्रिंसेस लुक, पहली झलक देखते ही फैंस हुए दीवाने
घर बनाए वास्तु शास्त्र के अनुसार, तभी आएँगी खुशियां
वस्तु शास्त्र का बहुत महत्व होता है, अगर हम वास्तु शास्त्र के अनुसार अपने घर की व्यवस्था बना कर रखें तो आने वाली ज़िन्दगी में आधी परेशानियां तो यूहीं ख़त्म हो जाती हैं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार भवन निमार्ण करने के साथ-साथ घर की वस्तुओं को ठीक जगह पर रखने से भी वास्तुशास्त्र का बहुत अधिक महत्व है।
कौन-सा कमरा किस दिशा में ज्यादा अच्छा रहेगा, और कौन सा नहीं इत्यादि। तो आइए जानते हैं कि वास्तुशास्त्र के अनुसार घर के लिए क्या-क्या सही है और क्या-क्या गलत।

घर बनाने से पहले
वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि घर बनवाने से पहले भूमि पूजन जरूर करना चाहिए। इससे घर में सुख और सम्बृद्धि आती है।

घर का प्रवेश द्वार
घर का मुख्य द्वार पूर्व में मध्य में न होकर उत्तर पूर्व की ओर या दक्षिण पूर्व की ओर होना चाहिए। घर का मुख्य दरवाजा दक्षिणमुखी नहीं होना चाहिए, अगर मजबूरी में दक्षिणमुखी दरवाजा बनाना पड़ गया हो, तो दरवाजे के सामने एक बड़ा सा आईना लगा दें।

रसोई
रसोईघर का स्थान दक्षिण-पूर्व दिशा में होना शुभ मन जाता है किसी कारणवश ऐसा करना संभव न हो तो रसोईघर का निर्माण पश्चिम दिशा में करना चाहिए। रसोईघर में चूल्हे का स्थान दक्षिण-पूर्व हो तो बेहतर है।

मास्टर बैडरूम
वास्तु के अनुसार मास्टर बैडरूम को घर के दक्षिण पश्चिम या उत्तर पश्चिम की ओर बनाना चाहिए, क्योंकि बैडरूम में प्रवेश करते समय शांति और खुशहाली का आभास होना चाहिए।

शौचालय
शौचालय बनाने के लिए वास्तु शास्त्र के मुताबिक सबसे अच्छा स्थान दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण दिशा को माना जाता है। बस ध्यान रखें की शौचालय के नज़दीक पूजा घर और रसोईघर नहीं होना चाहिए।



Click it and Unblock the Notifications