Latest Updates
-
Labour Day 2026 Wishes: 'मजदूर ही राष्ट्र की असली शक्ति', शेयर करें जोश भरने वाले नारे, कोट्स और संदेश -
संभावना सेठ 45 की उम्र में सरोगेसी से मां बनेंगी, जानें IVF vs Surrogacy में अंतर -
Labour Day Speech: 'हाथों में छाले हैं, फिर भी देश को संभाले हैं', मजदूर दिवस के लिए छोटे व सरल भाषण -
बाबा वेंगा की डरावनी भविष्यवाणी हुई सच! दिल्ली में गिरे ओले, क्या शुरू हो गया है मौसम का महाविनाश? -
क्या है AC चलाने का सही फॉर्मूला जिससे बिजली का बिल होगा आधा और सेहत रहेगी चकाचक -
Summer Eye Care Tips: बढ़ती गर्मी से आंखों में बढ़ा इंफेक्शन का खतरा, जानें लक्षण और बचाव के उपाय -
Budh Gochar 2026: बुध का मेष राशि में गोचर, सूर्य के साथ युति से इन 5 राशियों की लगेगी लॉटरी -
आखिर क्यों माता ने स्वयं काटा अपना ही सिर? जानें बिना सिर वाली देवी का रहस्य और कथा -
Narsingh Jayanti 2026 Wishes: मंगलकारी मंत्रों और संदेशों के साथ दें नृसिंह जयंती की हार्दिक शुभकामना -
Aaj Ka Rashifal, 30 April 2026: नृसिंह जयंती पर तुला राशि में चंद्रमा का गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत
Vijaya Ekadashi 2023: भगवान श्री राम से जुड़ी है इस व्रत की कथा, जानें तिथि-मुहूर्त व पूजा विधि
हिन्दू धर्म में एकादशी का बहुत महत्व होता है। एक माह में दो एकादशी पड़ती हैं और पूरे वर्ष में कुल 24 एकादशी आती हैं। हर एकादशी की अपनी विशेष महत्ता है और सभी अलग अलग नामों से जानी जाती हैं। एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित किये जाते हैं। तो चलिए जानते हैं फाल्गुन माह में पड़ने वाली विजया एकादशी की तिथि, महत्त्व एवं पूजन विधि के बारे में-

विजया एकादशी की तिथि एवं मुहूर्त
विजया एकादशी का व्रत फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। इस वर्ष यह व्रत 16 फ़रवरी को रखा जाएगा और 17 फ़रवरी की सुबह व्रत पारण का मुहूर्त होगा।
एकादशी तिथि की शुरुआत 16 फ़रवरी को सुबह 05:32 बजे होगा और समापन 17 फरवरी की सुबह 02:49 बजे होगा। व्रत पारण करने का मुहूर्त 17 फ़रवरी को प्रातः 08:01 बजे से 09:13 बजे तक रहेगा।

विजया एकादशी का महत्व
विजया एकादशी के दिन व्रत के पालन के साथ पूरी श्रद्धा से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। श्रीहरि विष्णु की अराधना से व्यक्ति अपने शत्रुओं और जीवन की अन्य नकारात्मकताओं पर विजय प्राप्त कर पाता है। भविष्य में आने वाले हर संकट से पार पाने का साहस मिलता है। मान्यताओं के अनुसार विजया एकादशी की मूल कथा मर्यादा पुरषोत्तम श्रीराम और उनकी लंका विजय से जुड़ी हुई है।

विजया एकादशी की कथा
विजया एकादशी से जुड़ी प्रचलित कथा के अनुसार माता सीता को लंका से वापस लाने और रावण के साथ युद्ध करने के रास्ते में सागर की अड़चन थी। ऐसे में प्रभु श्रीराम ने चिंता व्यक्त करते हुए अपने अनुज लक्ष्मण से पूछा कि हम आगे कैसे जा सकते हैं। तब लक्ष्मण ने स्मरण कराते हुए कहा कि थोड़ी ही दूरी पर वकदालभ्य मुनि का आश्रम है। हमें उनके पास चलना चाहिए और उनसे मार्गदर्शन लेना चाहिए।
मुनिवर ने सुझाव दिया कि "हे राम आप अपनी सेना समेत फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी का व्रत रखें, इस एकादशी के व्रत से आप निश्चित ही समुद्र को पार करके लंकापति रावण को पराजित कर देंगे। श्री रामचन्द्र जी ने तब तय तिथि के आने पर अपनी सेना समेत मुनिवर के बताये विधान के अनुसार एकादशी का व्रत रखा और सागर पर पुल का निर्माण कर लंका पर चढ़ाई की और युद्ध में विजयी हुए। तब से इस एकादशी को विजया एकादशी के रूप में जाना जाता है।

पूजन विधि
एकादशी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लेकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके पश्चात भगवान विष्णु की मूर्ति को पूजा स्थल पर स्थापित करें, और मूर्ति पर चन्दन का लेप लगायें। इसके बाद मूर्ति के समक्ष रोली, पुष्प, अक्षत, तुलसी, धुप और दिया जलाकर रखें। इसके बाद विष्णु पूजा प्रारम्भ करें। विष्णु सहस्त्रनाम और नारायण स्त्रोत का पाठ करें एवं अंत में व्रत कथा पढ़ या सुन कर भगवान की आरती करें। पूरे दिन व्रत का पालन करके रात में जागरण कर भगवान का भजन और ध्यान करना शुभ माना जाता है। अगले दिन व्रत पारण के मुहूर्त के वक्त पूजा के बाद व्रत का समापन करें।

इन बातों का भी रखें ख्याल
यदि विजया एकादशी का व्रत रख रहें हैं तो एक दिन पहले यानी दशमी के दिन सात्विक भोजन का ही सेवन करें।
द्वादशी के दिन ब्राह्मण को भोजन कराएं। इसके साथ ही दान दक्षिणा भी ज़रूर करें।
इस व्रत के दौरान अपने व्यवहार का ख़ास ख्याल रखना चाहिए। गुस्सा, ईर्ष्या, लड़ाई झगड़े जैसे व्यवहार से बिलकुल दूर रहना चाहिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications