Latest Updates
-
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम
Pradosh Vrat: प्रदोष व्रत पर बन रहे 2 दुर्लभ योग! जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि; मनवांछित फल के लिए करें 3 उपाय
Som Pradosh Vrat 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। जून 2025 का प्रदोष व्रत खास इसलिए है क्योंकि इस बार व्रत पर दो शुभ और दुर्लभ योग बन रहे हैं- पहला सर्वार्थसिद्धि योग और दूसरा त्रिपुष्कर योग, जो साधना और पूजा के लिए अत्यंत फलदायी माने जाते हैं।
इसके अलावा इस बार प्रदोष व्रत सोमवार को पड़ रहा है जो बहुत ही शुभ संयोग है। इन योगों में की गई शिव आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है और मनचाही कामना पूर्ति का मार्ग खोलती है। आइए जान लेते हैं प्रदोष व्रत की पूजा विधि-शुभ मुहूर्त, महत्व और मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए तीन खास उपाय।

प्रदोष व्रत तिथि और शुभ मुहूर्त (जून 2025)
सोम प्रदोष व्रत का दिन सोमवार 23 जून 2025 को पड़ रहा है। ये कृष्ण पक्ष त्रयोदशी (आषाढ़ मास) को है। व्रत का नाम सोम प्रदोष व्रत इसलिए पड़ा है क्योंकि ये सोमवार को पड़ रहा है। इस दिन भगवान भोले बाबा की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त है शाम 07:20 बजे से रात 09:24 बजे तक। पूजा करने के लिए श्रेष्ठ समय है शाम 07:20 से 08:20 बजे तक
प्रदोष व्रत की पूजा विधि
- सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
- दिनभर फलाहार करें और भगवान शिव का ध्यान करते रहें।
- शाम को पुनः स्नान कर शिव-पार्वती का पूजन करें।
- बेलपत्र, सफेद पुष्प, धतूरा, भस्म, गाय का दूध अर्पित करें।
- "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का 108 बार जाप करें।
- प्रदोष काल में दीप जलाकर शिव आरती करें और कथा सुनें।
- रात्रि जागरण या शिव चालीसा का पाठ करें।

प्रदोष व्रत का महत्व
मान्यता है कि प्रदोष व्रत रखने से समस्त पापों का नाश होता है, व्यक्ति के जीवन से शनि, राहु और केतु दोष दूर होते हैं, और जीवन में शांति व समृद्धि आती है। विशेष रूप से इस बार बन रहे सर्वार्थसिद्धि और अमृतसिद्धि योग साधना के लिए अत्यंत फलदायी हैं। अतः श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत करके भगवान शिव की कृपा प्राप्त करें।
ये 3 उपाय दिलाएंगे मनवांछित फल
- सफेद चंदन और अक्षत से शिवलिंग पर त्रिपुंड बनाएं ऐसा करने से इससे मानसिक शांति और उच्च ज्ञान की प्राप्ति होती है।
- नंदी बैल को हरा चारा खिलाएं ऐसा करने से इससे व्यापार और करियर से जुड़ी बाधाएं दूर होती हैं।
- शिवजी को जल में केसर और शक्कर मिलाकर अर्पित करें ऐसा करने से दांपत्य जीवन सुखमय होता है और संतान सुख मिलता है।



Click it and Unblock the Notifications