Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal 2 May 2026: आज इन 5 राशियों पर भारी पड़ सकता है शनिवार, पढ़ें अपना भाग्यफल -
मलेरिया से जल्दी रिकवर होने के लिए खाएं ये फूड्स, जानें किन चीजों से करना चाहिए परहेज -
Nautapa 2026: मई में इस दिन से होगी नौतपा की शुरुआत, जानें भीषण गर्मी में खुद को सुरक्षित रखने के उपाय -
वैशाख पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए करें ये 5 सरल उपाय, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद -
Vaishakh Purnima 2026 Daan: वैशाख पूर्णिमा पर करें इन चीजों का दान, घर में सुख-समृद्धि का होगा वास -
Vaishakh Purnima 2026: वैशाख पूर्णिमा पर क्या करें और क्या न करें? इन गलतियों से रुष्ट हो सकती हैं मां लक्ष्मी -
Gujarat Day 2026 Wishes: कच्छ से लेकर सूरत तक...गुजरात दिवस पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Maharashtra Day 2026 Wishes: मराठी माटी की खुशबू...महाराष्ट्र दिवस पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Buddha Purnima 2026 Wishes: बुद्धं शरणं गच्छामि...बुद्ध पूर्णिमा पर अपने प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Gujarat Day 2026 Wishes: मेरी धरती, मेरा गौरव, गुजरात दिवस पर सभी गुजराती भाईयों को हार्दिक बधाई
Varuthini Ekadashi Kab Hai: इस बार बन रहा दुर्लभ 'चतुर्ग्रही योग', इन 5 राशियों की लगेगी लॉटरी
Varuthini Ekadashi 2026: साल में 24 एकादशी मनाई जाती हैं, एक शुक्ल पक्ष और दूसरी कृष्ण पक्ष में आती है। हर एकादशी का अपना विशेष महत्व होता है। बात वरुथिनी एकादशी की करें तो ये अपने आप में खास होती है जो हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। इस बार एक दुर्लभ संयोग बन रहा है जो व्रत को और भी खास बना रहा है। देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में सूर्य, बुध, मंगल और शनि मिलकर एक साथ विराजमान होंगे, जिससे 'चतुर्ग्रही योग' का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह महासंयोग 5 विशेष राशियों के लिए सौभाग्य, अपार धन और सफलता के द्वार खोलने वाला साबित होगा। आइए जानते हैं किन भाग्यशाली राशियों पर होगी मां लक्ष्मी और श्रीहरि की विशेष कृपा।

कब है वरुथिनी एकादशी?
बहुत से लोगों का सवाल है कि वरुथिनी एकादशी कब मनाई जाएगी। ज्योतिषिय गणना के अनुसार, वरुथिनी एकादशी 13 अप्रैल की रात 1 बजकर 16 मिनट से शुरू होगी और 14 अप्रैल की रात 1 बजकर 8 मिनट तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, वरुथिनी एकादशी व्रत 13 अप्रैल को ही रखा जाएगा और 14 अप्रैल को व्रत का पारण किया जाएगा।
मीन राशि में लग रहा 'चतुर्ग्रही योग'
बहुत से लोगों को ये नहीं पता होगा कि 'चतुर्ग्रही योग' क्या होता है? ज्योतिष के अनुसार, मीन राशि में जब चार शक्तिशाली ग्रह एक साथ आते हैं, तो जातक के जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। गुरु की राशि में ग्रहों का यह मिलन सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का कारक माना गया है।
1. वृषभ राशि
वरुथिनि एकादशी वाले दिन जो 'चतुर्ग्रही योग' लगने जा रहा है वो वृषभ राशि का जातकों के लिए बहुत खास होने वाला है। इस राशि के लोगों को अप्रत्याशित स्रोतों से धन की प्राप्ति हो सकती है। यदि आपका कोई महत्वपूर्ण कार्य लंबे समय से अटका हुआ था, तो वह इस दौरान पूरा हो जाएगा। परिवार में खुशियों का आगमन होगा।
2. मिथुन राशि
चतुर्ग्रही योग का मिथुन राशि के लिए भी अच्छा परिणाम होने वाला है। इस राशि के जातकों को नौकरी और पेशेवर जीवन में बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। मनचाहा ट्रांसफर या नई नौकरी के प्रस्ताव मिलने के प्रबल योग हैं। व्यापारियों के लिए अपने काम का विस्तार करने का यह सबसे सटीक समय है।
3. कन्या राशि
कन्या राशि के जातक अगर आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं तो वरुथिनी एकादशी के दिन लगने वाला चतुर्ग्रही योग उनकी परेशानी का हल बनेगा। साझेदारी में किए गए कार्यों से बड़ा मुनाफा होगा। नया व्यवसाय शुरू करने के लिए 13 अप्रैल का दिन अत्यंत शुभ है।
4. वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए धन लाभ के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। माता-पिता और बुजुर्गों के सहयोग से आप किसी बड़ी उपलब्धि को हासिल कर सकते हैं। जो काम पैसों की कमी की वजह से रुके थे, वे अब बिना किसी बाधा के संपन्न होंगे।
5. मीन राशि
क्योंकि यह दुर्लभ योग आपकी ही राशि में बन रहा है, इसलिए इसका सबसे अधिक प्रभाव आप पर पड़ेगा। आर्थिक लाभ के साथ-साथ समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आपकी रचनात्मकता और कार्यशैली से लोग प्रभावित होंगे और आपको नई पहचान मिलेगी।
वरुथिनी एकादशी पर क्या करें?
भगवान विष्णु के वराह अवतार की पूजा करें।
चतुर्ग्रही योग के शुभ फल पाने के लिए "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।
इस दिन पीले फल, वस्त्र या चने की दाल का दान करना विशेष फलदायी माना जाता है।



Click it and Unblock the Notifications