Latest Updates
-
Hotel Style Rich Paneer Butter Masala Recipe: घर पर पाएं रेस्टोरेंट जैसा क्रीमी और लाजवाब स्वाद -
प्रेग्नेंसी में थायराइड लेवल कितना होना चाहिए? जानिए थायराइड कंट्रोल करने के आसान तरीके -
घर पर रखे सूखे नारियल से ऐसे बनाएं 100% शुद्ध नारियल तेल, जानें स्टेप-बाय-स्टेप गाइड -
Street Style Aloo Tikki Chaat Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी चटपटी और कुरकुरी चाट -
Vastu Tips: घर में 7 दौड़ते घोड़ों की तस्वीर बदल सकती है आपकी किस्मत; जानें लगाने की सही दिशा और लाभ -
सनटैन कम करने के लिए बेसन में मिलाकर लगाएं ये एक चीज, मिनटों में मिलेगी साफ और निखरी त्वचा -
Belly Fat Loss Tips: बेली फैट कम करने के लिए बस करें ये 3 काम, महीने भर में दिखने लगेगा फर्क -
रात में खाने के बाद सिर्फ 10 मिनट वॉक करने से मिलते हैं ढेर सारे फायदे, पाचन से लेकर वजन रहेगा कंट्रोल -
Brother's Day Wishes 2026: बचपन की यादें, वो खट्टी-मीठी तकरार! ब्रदर्स डे पर भाई को भेजें ये स्पेशल संदेश -
5 Minute Pressure Cooker Masoor Dal Recipe: कम समय में बनाएं होटल जैसा स्वाद
कब है वरुथिनी एकादशी? इस बार व्रत पर रहेगा पंचक का साया, जानें कैसे करें भगवान विष्णु की पूजा
Varuthini Ekadashi 2026 Date and Time: हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को 'वरुथिनी एकादशी' कहा जाता है। वैसे तो साल में 24 एकादशी व्रत आते हैं और हर किसी का अपना एक अलग महत्व होता है। बात वरुथिनी एकादशी की करें तो मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु के 'वराह' अवतार की पूजा की जाती है, जो भक्तों के सभी दुखों और पापों का नाश करती है। वरुथिनी एकादशी का फल कन्यादान और सालों की तपस्या के बराबर माना गया है। हालांकि, साल 2026 में वरुथिनी एकादशी पर पंचक का साया रहने वाला है, जिससे व्रत करने वाले जातकों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। क्या पंचक के दौरान पूजा करना शुभ होगा? व्रत का पारण कब करें? आइए जानते हैं वरुथिनी एकादशी की सटीक तारीख, पंचक का समय और पूजा की सही विधि ताकि आपको इस पुण्यकारी व्रत का पूर्ण लाभ मिल सके।

कब रखा जाएगा वरुथिनी एकादशी व्रत
साल 2026 में वरुथिनी एकादशी की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बन सकती है, लेकिन उदय तिथि के अनुसार व्रत की सही जानकारी नीचे दी गई है:
पंचांग गणना के अनुसार, इस साल वरुथिनी एकादशी तिथि के समय को लेकर थोड़ा भ्रम हो सकता है, लेकिन उदय तिथि और शास्त्रों के अनुसार व्रत 13 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा। एकादशी तिथि प्रारंभ होगी 13 अप्रैल 2026, रात 01:16 बजे से और एकादशी तिथि का समापन 14 अप्रैल 2026, रात 01:08 बजे तक होगा। ऐसे में व्रत उदया तिथि के अनुसार 13 अप्रैल को ही रखा जाएगा।
क्या पंचक में व्रत करना अशुभ है?
वरुथिनी एकादशी के दिन पंचक का प्रभाव रहेगा, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आपको घबराने की जरूरत नहीं है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचक के दौरान कुछ विशेष कार्यों जैसे दक्षिण दिशा की यात्रा, घर की छत डालना या दाह संस्कार की मनाही होती है, लेकिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और दान-पुण्य पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। एकादशी का व्रत 'मोक्ष' प्रदान करने वाला है, इसलिए पंचक के साये में भी विधि-विधान से की गई पूजा अक्षय फल प्रदान करेगी।
वरुथिनी एकादशी का महत्व: क्यों है यह इतनी खास?
शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति इस एकादशी का व्रत करता है, उसे दस हजार वर्षों तक तपस्या करने के समान फल प्राप्त होता है।
पापों से मुक्ति: इस व्रत को करने से जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।
वराह अवतार की कृपा: इस दिन भगवान वराह की कथा सुनने और चने की दाल का दान करने का विशेष महत्व है।
सौभाग्य की प्राप्ति: इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य को सुख-समृद्धि और अंत में वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।



Click it and Unblock the Notifications