Latest Updates
-
Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए? जानिए सावन में जलाभिषेक का सही तरीका -
Radhika Ambani Look: लंदन में Dior की सिंपल सी ड्रेस पहन छाईं राधिका अंबानी, लेकिन कीमत सुन उड़ जाएंगे आपके होश -
Sawan First Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और व्रत के जरूरी नियम -
Happy Sawan Somwar 2026 Wishes: शिव का नाम...सावन के पहले सोमवार पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामनाए संदेश -
बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ रहा है वायरल फीवर का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय -
Friendship Day Wishes For Best Friend: इन संदेशों के जरिए बेस्ट फ्रेंड को दें फ्रेंडशिप डे की बधाई -
Happy Friendship Day 2026 Wishes: तेरी मेरी यारी...इन संदेशों के साथ दोस्तों को दें फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाएं -
आगरा की अवनी गुप्ता ने Miss Supranational 2026 में बढ़ाया भारत का मान, कॉर्पोरेट जॉब छोड़ बनाई टॉप 12 में जगह -
सावन में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, एक्सपर्ट से जानें सावन में क्या खाएं और क्या नहीं -
Sawan Somwar Vrat 2026: क्या पीरियड्स में सावन सोमवार का व्रत रखा जा सकता है? जानें क्या कहते हैं शास्त्र
Varuthini Ekadashi 2026: 13 या 14 अप्रैल कब है वैशाख की पहली एकादशी? जानें भगवान विष्णु की पूजा विधि
Varuthini Ekadashi 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। हर माह के दोनों पक्षों में आने वाली एकादशियां जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित होती हैं। वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को 'वरुथिनी एकादशी' के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह एकादशी समस्त पापों का नाश करने वाली और सौभाग्य प्रदान करने वाली मानी गई है।
अप्रैल 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी महीने में हनुमान जयंती और अक्षय तृतीया जैसे बड़े पर्व भी पड़ रहे हैं। ऐसे में वरुथिनी एकादशी का व्रत भक्तों के लिए सुख-समृद्धि के द्वार खोलने वाला साबित होगा। आइए जानते हैं इस व्रत की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और दान का महत्व।

वरुथिनी एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग गणना के अनुसार, इस वर्ष एकादशी तिथि के समय को लेकर थोड़ा भ्रम हो सकता है, लेकिन उदय तिथि और शास्त्रों के अनुसार व्रत 13 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा।
एकादशी तिथि प्रारंभ: 13 अप्रैल 2026, रात 01:16 बजे से
एकादशी तिथि समाप्त: 14 अप्रैल 2026, रात 01:08 बजे तक
व्रत तिथि: सोमवार, 13 अप्रैल 2026
पूजा के लिए सर्वोत्तम मुहूर्त और योग
वरुथिनी एकादशी पर इस बार शुभ योग और धनिष्ठा नक्षत्र का अद्भुत संयोग बन रहा है। शुभ योग 13 अप्रैल को शाम 05:17 बजे तक रहेगा, जिसके बाद शुक्ल योग शुरू होगा। पूजा के विशेष समय है जो नीचे दिया गया है।
ब्रह्म मुहूर्त (स्नान हेतु): सुबह 04:28 से 05:13 बजे तक
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह 05:58 से 07:34 बजे तक
शुभ-उत्तम मुहूर्त: सुबह 09:10 से 10:46 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:56 से 12:47 बजे तक
व्रत पारण (Vrat Parana) का सटीक समय
एकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब उसका पारण सही समय पर और 'हरि वासर' समाप्त होने के बाद किया जाए। 13 अप्रैल को व्रत रखने वाले श्रद्धालु अगले दिन पारण करेंगे।
पारण का समय: 14 अप्रैल 2026, सुबह 06:54 से 08:31 बजे के बीच
हरि वासर समाप्ति: 14 अप्रैल, सुबह 06:54 बजे
वरुथिनी एकादशी का धार्मिक महत्व
'वरुथिनी' शब्द का अर्थ है संरक्षण करने वाली या रक्षा करने वाली। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन पूरी श्रद्धा से भगवान विष्णु के मधुसूदन स्वरूप की पूजा करता है, उसे 10 हजार वर्षों की तपस्या के समान फल मिलता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा मांधाता और धुंधुमार जैसे प्रतापी राजाओं ने भी इस व्रत के प्रभाव से मोक्ष प्राप्त किया था। यह व्रत न केवल शरीर और मन को शुद्ध करता है, बल्कि आने वाले जन्मों के लिए भी सौभाग्य संचित करता है।
वरुथिनी एकादशी पर क्या दान करें?
शास्त्रों में इस एकादशी पर दान का फल कन्यादान और विद्यादान के समान बताया गया है। विशेष लाभ के लिए आप इन चीजों का दान कर सकते हैं:
तुलसी का पौधा: आर्थिक तंगी दूर करने और धन लाभ के लिए।
हल्दी का दान: कुंडली के ग्रह दोषों को शांत करने और सफलता के लिए।
अन्न और जल: जीवन में खुशहाली और कभी अन्न की कमी न होने के लिए।
सोलह श्रृंगार: वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ाने के लिए।



Click it and Unblock the Notifications