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कई रूपों में मनती है भारत में गणेश चतुर्थी
गणेशोत्सव की शुरुआत हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, भादों माह में शुक्ल चतुर्थी से होती है। इस दिन को गणेश चतुर्थी कहा जाता है। दस दिन तक गणपति पूजा के बाद आती है अनंत चतुर्दशी जिस दिन यह उत्सव समाप्त होता है। गणेश चतुर्थी भारत में मनाये जाने वाले बडे़ त्योहारों में से एक माना जाता है। पूरे भारत में गणेश चतुर्थी मनाने के लिये बड़ी भारी भींड़ उमड़ती है। गणेश चतुर्थी के लिये महीने भर से पहले ही शहरों के मूर्तिकार पूरे उत्साह के साथ मर्तियां तैयार करने में जुट जाते हैं। मूर्तिकार भगवान गणेश की मूर्ति बनाने के कार्य में रात-दिन से लगे रहते हैं। इस महापर्व पर लोग प्रातः काल उठकर सोने, चांदी, तांबे अथवा मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर षोडशोपचार विधि से उनका पूजन करते हैं।
स्वयंभू गणपति मंदिर, गणपतिपुले
न केवल भारत में बल्कि गणेश चतुर्थी को कई अलग-अलग देशों में जैसे, नेपाल, कनाडा, मॉरिशस, सिंगापुर और मलेशिया आदि में भी काफी भव्य रूप से मनाया जाता है। भारत में न केवल महाराष्ट्र में ही बल्कि कर्नाटक, छत्तिसगढं, आसाम, यूपी, गुजरात, मध्यप्रदेश, अंद्राप्रदेश और गोवा आदि में भी मनाया जाता है। यदि आप अलग-अलग राज्यों में जाएंगे तो आप पाएंगे कि गणेश जी की पूजन विधि और उनकी साज-सज्जा बिल्कुल हट कर होगी।
भारत में गणेशोत्सव इतनी धूम-धाम से मनाया जाता है कि इसे देखने के लिये विदेशों से भी लोग उमड़ पड़ते हैं। शहरों में झांकियां लगती हैं, फूल मालाओं से सजे मंडप में गणेश चतुर्थी के दिन पूजा की जाती है और भगवान गणेश को फूल और दूब चढा कर नारियल फोड़ा जाता है। तो अगर आपको भी जानना है कि आपके आस पास के राज्यों में गणपति की कैसे पूजा होती है और गणेशोत्सव कैसे मनाया जाता है, तो हमारा यह लेख पढ़ना न भूलें।

मुंबई
यहां पर लालबाग के राजा बहुत प्रसिद्ध हैं। बॉलीवुड से ढेरों सितारे यहां आ कर भगवान गणेश के दर्शन करते हैं। यहां की मूर्ती भारत कि सभी गणेश मूर्तियों से सबसे लंबी होती है।

पुना
पुने में हर तरह के धर्म वाले लोग गणेशोत्सव को बिना किसी मत-भेद के धूम-धाम से मनाते हैं।

कर्नाटक
यहां पर गणेश चतुर्थी को विनायका चतुर्थी बोलते हैं। यहां पर गणेश जी के मंदिरों में भारी भीड़ इकठ्ठा होती है, लोग आते हैं और पूजा करते हैं। प्रशाद के रूप में मोदक दिया जाता है।

छत्तिसगढं
छत्तिसगढं के राजनंद गांव में गणेश चतुर्थी की काफी धूम देखने को मिलती है। यहां के लोग अपने घर और पंडालों को झालरों और फूलों से सजाते हैं। यहां पर मोहरा मेला, बैलों की दौड़ और मीना बजार खास आकर्षण होते हैं।

चिन्नई
यहां पर गणेश चतुर्थी बडे़ पर्वो में से एक है। यहां पर गणेश जी की मूर्ती 40 फीट के ऊपर पहुंच जाती है। यहां पर सड़कों पर पंडाल लगा कर मूर्तियां रखी जाती हैं और पूजा होती है।

आसाम
यहां पर गणेश जी की मूर्ती बना कर मंदिर में स्थापित की जाती है और उनकी पूजा फूलों, नारियल, गुड, मोदक, दूब और आरती से की जाती है। इसके अलावा यहां पर ब्लड डोनेशन कैंप, गरीबों को दान देने के लिये कैंप, फ्री मेडिकल कैंप चेकअप और नाटक का आयोजन होता है।

गुजरात
अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट आदि शहर, गणेशोत्सव पर्व मनाने के लिये जाने जाते हैं। गणेश चतुर्थी में भजन, गरबा, कथा, नाच-गान और दूसरे अन्य पारंपरिक प्रतियोगिताएं होना आम बात है। राजकोट शहर में गणेश राजा की मूर्ती हर कोने में होती है।

मध्य प्रदेश
यहां पर कुछ शहरों में ईको फ्रेंडली गणेश भगवान की मूर्ती की पूजा होती है। जल प्रदूषण को रोकने के लिये यहां पर आर्टिफीशियल सरोवर बनाए जाते हैं।



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