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ऐसे करें लड़कियां खुद की सुरक्षा
अभी हाल ही में जो कुछ भी दिल्ली में हुआ उससे हम सब अवगत भी हैं और हताश भी। इससे इतना तो साफ है कि आज न ही कोई लड़की अपने घर में सुरक्षित महसूस करती है और न ही बाहर। अगर आप अब भी इन बातों को हल्के में लेती है और सोंचती हैं कि आपके साथ ऐसा कुछ नहीं हो सकता तो, आप गलत हैं। आज हम किसी पर आंख बंद कर के विश्वास नहीं कर सकते। किसके साथ कब क्या होगा किसी को नहीं पता। हर समय आपकी सुरक्षा के लिये आपके पिता या भाई उपलब्ध रहें, ऐसा बहुत ही मुश्किल है। आपकी सुरक्षा के लिये तब तक कोई नहीं आएगा जब तक कि आप अपनी सुरक्षा का बेड़ा खुद नहीं उठाती।
अब चुप रहने से कुछ नहीं होगा, लड़कियों को अपनी आत्मसुरक्षा खुद ही करनी होगी क्योंकि लड़की जब सड़क पर निकलती है, तो उसे पता नहीं होता कि शहरों की चकाचौंध में उसके साथ कब कहां छेड़-छाड़ हो जाये। इसलिये अब से अपनी सोंच बदलिये और सोंचिये कि अपनी सुरक्षा खुद कैसे करनी हैं। इसके लिये हम आपकी मदद करेंगे और इस महिला दिवस पर बताएंगे ऐसे तरीके जिसे हमेशा ध्यान में रख कर आप सुरक्षित रह सकती हैं।

रात में चलते वक्त सचेत रहें
जो लड़कियां बाहर नौकरी करती हैं उन्हें रात - बिरात हमेशा सचेतर रहना चाहिये। हमेशा अपने साथ मोबाइल रखें और हो सके तो देर रात को अपने किसी भरोसेमंद मेल फ्रेंड को साथ चलने के लिये कहें। कभी भी खाली बस या ऑटो में न बैठें। अगर खुद की गाड़ी से हैं तो किसी अंजाने व्यक्ति के लिये न रुकें।

मोबाइल फोन साथ में रखें
मोबाइल फोन का इस्तेमाल समझदारी से यह दर्शाने के लिए करें कि आप अकेली नहीं हैं। रात में ऑटो या बस लेते वक्त तुरंत गाड़ी का नंबर एसएमएस कर दें। हमलावरों को भगाने के लिये गैजेट बहुत काम आता है।

पलटवार
कुछ होने का इंतजार न करें, मुश्किल समय के लिए खुद को तैयार रखें।

हाथ में रखें
अंधेरी राहों से गुजरते वक्त अपने पर्स में कोई नुकीली और धारदार चीज़ रखें जैसे, बालों में लगाने वाला पिन, चाकू, खाना खाने वाला फॉर्क या फिर काली मिर्च का स्प्रे भी काम आता है।

हमलावर को न भड़काएं
समझदारी इसी में होगी कि जिस हमलावर पर आपको शक है, अगर आप उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती तो, हमलावर को भड़काने से बेहतर चुपचाप निकल जाना अच्छा होगा।

करें नाजुक अंगों पर वार
जब कभी मुश्किल में पड़ जाएं तो हमलावर को घूंसा या लात मारते समय उसके गुप्तांगों, गरदन और आंख पर वार करें और मदद के लिए चिल्लाएं।

एक से भले दो
सुनसान पार्किंग लॉट में कार के पास अकेली न जाएं, गार्ड को साथ चलने के लिए कहें।



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