Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब -
World Lung Day 2026: शरीर में दिखें ये 7 लक्षण तो समझ जानें आपके फेफड़े हो रहे हैं खराब -
Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र में 14 गांठें ही क्यों बांधी जाती हैं? जानें इसका धार्मिक महत्व -
Mushtaq Khan Family: 'वेलकम' फेम मुश्ताक खान ने दुनिया को कहा अलविदा, जानिए एक्टर के परिवार में कौन-कौन? -
डायबिटीज में चावल और रोटी खाने का सही समय क्या है? जानें कब खाने से नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
Anant Chaturdashi Vrat Katha: अनंत चतुर्दशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर हो जाएंगे सारे कष्ट -
Anant Chaturdashi 2026 Wishes: श्री हरि का आशीष...इन संदेशों के साथ अपनों को दें अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं -
Hurun India Rich List 2026: ये हैं भारत के टॉप 10 सबसे अमीर लोग, जानिए किसके पास है कितनी दौलत -
Bhadrapada Purnima 2026: कब है भाद्रपद पूर्णिमा? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और पूजा विधि -
बढ़े हुए प्रोस्टेट का मतलब कैंसर नहीं, जानें बढ़े हुए प्रोस्टेट, प्रोस्टेटाइटिस और प्रोस्टेट कैंसर में अंतर
Mysterious Temples Of India: भारत के 5 रहस्यमयी मंदिर, जहां का प्रसाद घर ले जाना होता है मना
Temples Where Prasad Is Not Taken Home: भारत को मंदिरों और आस्था की भूमि कहा जाता है। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां आते हैं और सनातन संस्कृति की गहराई और रहस्य देखकर हैरान रह जाते हैं। भारत में हर मंदिर से जुड़ी अपनी अलग मान्यताएं और नियम होते हैं। आमतौर पर मंदिरों का प्रसाद सौभाग्य और आशीर्वाद माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में कुछ ऐसे रहस्यमयी मंदिर भी हैं, जहां से प्रसाद घर लाना वर्जित माना जाता है?
लोक मान्यताओं के अनुसार, इन मंदिरों से प्रसाद ले जाना अशुभ घटनाओं, डरावने अनुभवों और मानसिक अशांति का कारण बन सकता है। इन्हीं मान्यताओं के बीच एक ऐसा देवस्थान भी है, जिसके बारे में कहा जाता है कि वहां नकारात्मक शक्तियां और भूत-प्रेत तक कांपते हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां देवी-देवताओं की शक्ति इतनी प्रबल है कि बुरी आत्माएं पास फटकने की हिम्मत नहीं करतीं।
आइए जानते हैं भारत के उन 5 रहस्यमयी मंदिरों के बारे में, जहां प्रसाद लाने से मना किया जाता है और जिनकी मान्यताएं आज भी लोगों को हैरान कर देती हैं।

1. कोटिलिंगेश्वर मंदिर, कर्नाटक
कर्नाटक के कोलार जिले में स्थित कोटिलिंगेश्वर मंदिर में एक करोड़ शिवलिंग स्थापित हैं। यहां पूजा के बाद दिया जाने वाला प्रसाद केवल प्रतीकात्मक रूप से स्वीकार किया जाता है। मान्यता है कि शिवलिंग के ऊपर से आया प्रसाद खाना या घर ले जाना अशुभ होता है, क्योंकि यह चंडेश्वर को समर्पित माना जाता है।
2. काल भैरव मंदिर, उज्जैन
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित काल भैरव मंदिर को तांत्रिक शक्तियों का प्रमुख स्थान माना जाता है। यहां भगवान काल भैरव को शराब का भोग चढ़ाया जाता है, जिसे वे स्वीकार करते हैं। मान्यता है कि यहां चढ़ाई गई शराब या प्रसाद मंदिर परिसर से बाहर नहीं ले जाया जाता, बल्कि वहीं अर्पित या वितरित किया जाता है।
3. कामाख्या देवी मंदिर, असम
असम के गुवाहाटी में स्थित कामाख्या देवी मंदिर को शक्ति और तंत्र साधना का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। अंबुबाची मेले के दौरान यहां विशेष अनुष्ठान होते हैं। लोक मान्यताओं के अनुसार, यहां का विशेष प्रसाद सिर्फ मंदिर परिसर में ही ग्रहण करना शुभ माना जाता है। इसे बाहर ले जाना मुसीबत को बुलाने जैसा समझा जाता है।
4. नैना देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश
51 शक्तिपीठों में शामिल नैना देवी मंदिर में प्रसाद केवल देवी को अर्पित होता है। मान्यता है कि माता का प्रसाद मंदिर परिसर में ही ग्रहण करना चाहिए। कहा जाता है कि अगर कोई श्रद्धालु इसे घर ले जाता है, तो इससे अशुभ प्रभाव पड़ सकता है।
5. मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, राजस्थान
राजस्थान के दौसा जिले में स्थित मेहंदीपुर बालाजी मंदिर भूत-प्रेत बाधा, ऊपरी साया और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां आने वाले पीड़ितों में बुरी आत्माएं देवी-देवताओं की शक्ति से कांपने लगती हैं। इसी कारण यहां से प्रसाद घर ले जाना मना है, क्योंकि नकारात्मक शक्तियां साथ आने का डर माना जाता है। इसे वह देवस्थान कहा जाता है जहां "भूत-प्रेत भी थर-थर कांपते हैं"।



Click it and Unblock the Notifications
