Latest Updates
-
Mother’s Day 2026: इस मदर्स डे मां को दें स्टाइल और खूबसूरती का तोहफा, ये ट्रेंडी साड़ियां जीत लेंगी उनका दिल -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर से बचने के लिए महिलाएं करें ये काम, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत करवाएं जांच -
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार
कितनी पढ़ी-लिखी हैं मैथिली ठाकुर? जानें 25 की उम्र में विधायक बनी गायिका की सक्सेस स्टोरी
Maithili Thakur Qualification: मिथिला की लोक-गायिका मैथिली ठाकुर सिर्फ सुरों की महारानी ही नहीं, बल्कि अब बिहार की राजनीतिक बिसात पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। 25 वर्षीय मैथिली ठाकुर ने संगीत की दुनिया में न केवल अपनी खास पहचान बनाई है, बल्कि उन्होंने युवा पीढ़ी को प्रेरित करते हुए राजनीति में कदम रखा है। आज पूरे देश को उन पर गर्व है और यही वजह है कि बिहार चुनाव में जबरदस्त जीत हासिल कर वो सिर्फ 25 साल की उम्र में विधायक बन गई हैं। उन्होंने खेसारी लाल यादव को भी पछाड़ दिया है।
इसी बीच लोगों में मैथिली की एजुकेशन के बारे में जानने की इच्छा जागृत हो रही है। बता दें कि इस बदलाव के पीछे उनकी शिक्षा, परिवार और संघर्ष की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। आइए जानें, कितनी पढ़ी-लिखी हैं मैथिली ठाकुर और उन्होंने कैसे गायिका के रूप में अपना मुकाम बनाया, जो अब बिहार विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर विधायक बन गई हैं।

घर पर ही हुई है शुरुआती शिक्षा
मैथिली ठाकुर का जन्म 25 जुलाई साल 2000 में मधुपनी के बेनीपट्टी में हुआ था। उनके पिता का नाम रमेश ठाकुर है जो खुद एक संगीतकार हैं। वहीं मां पूजा ठाकुर एक हाउस वाइफ हैं। बचपन से ही संगीत के माहौल में पली-बढ़ी मैथिली के गले में मानों खुद सरस्वती मां बैठी हों। उनकी पढ़ाई की बात करें तो मैथिली ने 5वीं तक की शिक्षा घर पर ही की और फिर उनकी फैमिली दिल्ली में शिफ्ट हो गई थी। इसके बाद उन्होंने के ही बाल भवन इंटरनेशनल स्कूल से 12वीं पास की और दिल्ली यूनिवर्सिटी के आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री ली।
संगीत और करियर की शुरुआत
मैथिली ठाकुर के बारे में ये तो आप जानते ही हैं कि उनका बचपन संगीत के बीच में ही गुजरा है। ऐसे में उन्होंने बहुत छोटी उम्र से ही पिता संग रियाज शुरू कर दिया। वो बचपन से ही एक क्लासिकल लोक गायिका बनना चाहती थीं और अपनी सुरीली आवाज के जादू को चलाना चाहती थीं। मैथिली की आवाज में पारंपरिक मैथिली, भोजपुरी और भजन जैसे संगीत शैलियां सुनाई देती हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे YouTube और Facebook का बहुत प्रभावी इस्तेमाल किया। उनके लोक गीतों और भक्ति गीतों के वीडियो लोगों को इतने पसंद आए कि लाखों व्यूज आने लगे और वे इंटरनेट से की गई दमदार एंट्री में सफल रहीं। उन्होंने कई रियलिटी शो में भी हिस्सा लिया और युवाओं के बीच लोकप्रिय हो गईं।
मिल चुके हैं कई अवार्ड
मैथिली ठाकुर ने बहुत छोटी उम्र में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है और उन्हें अपने कार्यों के लिए कई अवार्ड भी मिल चुके हैं। साल 2024 में मैथिली को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल क्रिएटर्स की 'कल्चरल एंबेसडर ऑफ द ईयर' की कैटेगिरी के लिए सम्मान दिया गया। इसके अलावा उन्हें उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है और भी कई सम्मान उन्हें दिए गए हैं।
राजनीति में प्रवेश: बिहार चुनाव 2025
अपने सुरों से लोगों का दिल जीतने वाली मैथिली ने सिर्फ 25 साल की उम्र में बिहार की राजनीति में कदम रख दिया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ली और सियासी सफर की शुरुआत की। उन्होंने दरभंगा की अलीनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि उनका मकसद सिर्फ व्यक्तिगत राजनीति नहीं है वे बिहार की सेवा करना चाहती हैं और युवाओं की आवाज बनना चाहती हैं।



Click it and Unblock the Notifications