Latest Updates
-
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर -
Rudrabhishek Vidhi: घर पर शिव जी का रुद्राभिषेक कैसे करें? जानें सरल पूजा विधि, सामग्री, मंत्र और जरूरी नियम -
Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर करें ये 5 सरल उपाय, कालसर्प दोष से मिलेगी राहत -
Nag Panchami 2026 Wishes: नाग देवता की कृपा बरसे...नाग पंचमी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
UP में जारी हुआ सीजन का पहला Cold Day अलर्ट! जानें इसका मतलब और Cold Wave से कितना है अलग
What is Cold Day : उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड का असर बढ़ता जा रहा है। इस सर्दी में पहली बार 'कोल्ड-डे' का अलर्ट जारी किया गया है। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से गिरकर 5 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि धूप की कमी से ठिठुरन और गंभीर हो गई है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक ठंड के चरम पर बने रहने की चेतावनी दी है।
दिल्ली भी इन दिनों 'कोल्ड-डे' की स्थिति का सामना कर रही है, हालांकि 'कोल्डवेव' की संभावना नहीं है। अक्सर लोगों में कंफ्यूजन रहता है कि 'कोल्ड-डे' और 'कोल्डवेव' में क्या अंतर है। आइए जानते हैं आखिर क्या होता है ये और कैसे तय होता है कि कोल्ड डे है या कोल्ड वेव?

क्या होता है कोल्ड डे?
मौसम विभाग के अनुसार, 'कोल्ड डे' तब घोषित होता है जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 10°C या कम और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5°C नीचे हो। पहाड़ी क्षेत्रों में, न्यूनतम तापमान 0°C या उससे कम और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5°C से 6.4°C तक नीचे होने पर 'कोल्ड डे' माना जाता है। 'सीवियर कोल्ड डे' तब होता है जब अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5°C या अधिक कम हो। ये स्थिति अत्यधिक ठंड और मौसम की गंभीरता को दर्शाती है।
'कोल्ड डे' और 'सीवियर कोल्ड डे क्या होता है?
अधिक सर्दी वाले दिनों को 'कोल्ड डे' और 'सीवियर कोल्ड डे' में बांटा गया है, जो तापमान और जियोग्राफी पर निर्भर करता है। मैदानी और पहाड़ी इलाकों के लिए मौसम विभाग के मानक अलग हैं। 'कोल्ड डे' में अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5°C कम होता है, जबकि 'सीवियर कोल्ड डे' में यह अंतर 6.5°C या अधिक होता है। ये स्थितियां मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती हैं।
कोल्ड वेव तय करने का पैमाना
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, जब मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 4°C या इससे कम हो, तो उसे 'कोल्ड वेव' कहा जाता है। साथ ही, यदि तापमान 10°C से कम हो और अचानक -4.5°C से -6.4°C तक गिरावट दर्ज हो, तो इसे भी शीतलहर माना जाता है। 'सीवियर कोल्ड वेव' तब होती है जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 6.5°C या अधिक कम हो। शीतलहर आमतौर पर दिसंबर-जनवरी में देखी जाती है।
इन राज्यों में हैं कोल्डवेव का खतरा?
शीतलहर का खतरा दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में अधिक रहता है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में भी शीतलहर का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जाता है। इन राज्यों में तापमान में भारी गिरावट के कारण ठंड बढ़ती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होता है।



Click it and Unblock the Notifications