Latest Updates
-
क्या आपने कभी खाया है 'हरामजादा' और 'गधा' आम? मिलिए Mango की उन 14 किस्मों से जिनके नाम हैं सबसे अतरंगी -
Mother's Day 2026 Wishes for Bua & Mausi: मां जैसा प्यार देने वाली बुआ और मौसी को भेजें मदर्स डे पर ये संदेश -
Periods Delay Pills: पीरियड्स टालने वाली गोलियां बन सकती हैं जानलेवा, इस्तेमाल से पहले जान लें ये गंभीर खतरे -
वजन घटाने के लिए रोज 10K कदम चलना सबसे खतरनाक, एक्सपर्ट ने बताए चौंकाने वाले दुष्परिणाम -
Maharana Pratap Jayanti 2026 Quotes: महाराणा प्रताप की जयंती पर शेयर करें उनके अनमोल विचार, जगाएं जोश -
Shani Gochar 2026: रेवती नक्षत्र में शनि का महागोचर, मिथुन और सिंह सहित इन 5 राशियों की लगेगी लॉटरी -
Aaj Ka Rashifal 9 May 2026: शनिवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेंगे सितारे -
Mother Day 2026: सलाम है इस मां के जज्बे को! पार्किंसंस के बावजूद रोज 100 लोगों को कराती हैं भोजन -
Aaj Ka Rashifal 08 May 2026: शुक्रवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें अपना भाग्यशाली अंक और रंग -
Mother’s Day 2026: इस मदर्स डे मां को दें स्टाइल और खूबसूरती का तोहफा, ये ट्रेंडी साड़ियां जीत लेंगी उनका दिल
कभी सोचा है गोल या चौकोर न होकर तिकोना ही क्यों होता है समोसा? मजेदार है वजह
Why are samosas in a triangular shape: घर में मेहमान आ जाए या कोई त्योहार हो तो नमकीन में समोसा न हो तो मजा ही नहीं आता है। इसके अलावा टी-टाइम में स्नैक्स में समोसा मिल जाएं तो क्या ही चाहिए। बच्चे से लेकर बूढ़े तक का यह फेवरेट स्नैक्स है। चटनी के साथ इसके चटखारे मारना हम सभी को प्रिय लगता है। सर्दियों में गर्मागर्म जलेबी के साथ समोस का कॉम्बिनेशन का मजा ही अलग होता है।
क्या आप जानते हैं कि समोसा भारत का नहीं बल्कि विदेशी डिश है। ये जानने के बाद हम जानते हैं कि इसके प्रति हमारी इज्जत कम नहीं हो जाएगी। लेकिन कभी आपने सोचा हैं कि इसका आकार तिकोना ही क्यों है!

समोसा बेचनेवाले से अगर इस बारे में पूछेंगे तो उन्हें शायद ही इस बारे में पता होगा लेकिन इस बारे में जानना बड़ा ही दिलचस्प है। आइए हम आपको बताते हैं। इससे जुड़ी वजह-
समोसा का आकार तिकोना ही क्यों होता है ?
समोसा का आकार तिकोना ही क्यों होता है, इसकी पीछे कई तरह की वजह है। इसमें एक है कि समोसा का तिकोना होने की पीछे एक यह भी वजह है कि समोसे के कोने में आलू नहीं रहता बीच में भरा रहता है तो इसे फ्राय करते हुए इसके फटने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन वहीं समोसे के तिकोने आकार का होने की वजह से यह फटता नहीं हैं और अच्छे से फ्राई हो जाता है।
इसके अलावा समोसा के तिकोना आकार ही उसकी पहचान बन चुकी है। एक वजह यह भी है कि समोसा तिकोना होने की वजह से आप इसे एक हाथ से उठाकर आसानी से खा सकते हैं।
भारत आते आते बदल का आकार
समोसे के जिस स्वाद के मजे हम आज लेते हैं, वह सैकड़ों साल पहले ऐसा नहीं था। ऐसा माना जाता है कि समोसे की उत्पत्ति मध्य एशिया में हुई थी, जहां इसे 'संसा' के नाम से जाना जाता था। मध्यकालीन युग के दौरान जब सिल्क रूट से जरिए भारतीय उपमहाद्वीप में व्यापारी आए सबसे पहले समोसे से परिचय हुआ। ऐसा माना जाता है कि पहले समोसा तिकोना नहीं होता था और न ही इसमें आलू का उपयोग होता है। तब समोसे में मीट और मेवे का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता था।
भारत आया तो तिकोना हो गया समोसा
भारत में समोसे के एक नए रूप में अपनाया गया। यहां समोसे को तिकोने बनाकर उसमें पहले बार आलू की स्टफिंग की गई। सोलहवीं सदी में पुर्तगाली भारत में आलू लाए थे और उसके बाद से ही समोसे में आलू डाला जाने लगा। आलू वाले समोसे काफी ज्यादा पसंद आने लगे। आज समोसा भारतीय व्यंजनों का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है, जिसका पूरे देश में नाश्ते के रूप में आनंद लिया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications