Latest Updates
-
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम -
Corona Alert: फिर लौट रहा कोरोना? आंध्र प्रदेश में 2 मौतें, 4 नए केस से बढ़ी चिंता -
बारिश में बनाएं क्रिस्पी मूंग दाल के पकौड़े और हरे धनिए-पुदीने की चटनी, नोट कर लें आसान रेसिपी -
योगिनी एकादशी की शुभकामनाएं संस्कृत में भेजें, देवभाषा के इन मंत्रों और सूक्तियों से अपनों का दिन बनाएं मंगलमय -
इस कथा के बिना अधूरा है योगिनी एकादशी व्रत, मिलता है 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य -
Yogini Ekadashi 2026 Wishes: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय', इन भक्तिमय संदेशों से अपनों को दें शुभकामनाएं -
बारिश का पानी स्किन के लिए अच्छा या खराब, जानें मानसून में इसके फायदे और नुकसान -
AC कोच बना 'हनीमून सुइट', फूलों-गुब्बारों से सजाया ट्रेन का डिब्बा, वायरल हुआ वीडियो, जानें रेवले के नियम
Good Friday 2026: गुड फ्राइडे क्यों मनाया जाता है? जानें शोक के इस दिन को ‘गुड’ फ्राइडे क्यों कहा जाता है
Good Friday 2026: गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का एक बेहद पवित्र और भावनात्मक दिन माना जाता है, जिसे हर साल ईस्टर से पहले शुक्रवार को मनाया जाता है। साल 2026 में गुड फ्राइडे 3 अप्रैल (शुक्रवार) को मनाया जाएगा। यह दिन ईसा मसीह के बलिदान की याद में मनाया जाता है, जब उन्हें सूली पर चढ़ाया गया था। इसलिए यह दिन दुख, प्रार्थना और शांति का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, इसे ब्लैक डे भी कहा जाता है, क्योंकि यह पीड़ा और त्याग से जुड़ा है, लेकिन इसके पीछे एक गहरा अर्थ छिपा है। यही कारण है कि इसे 'गुड फ्राइडे' कहा जाता है। अब सवाल यह उठता है कि जिस दिन इतनी बड़ी दुखद घटना हुई, उसे 'गुड' यानी अच्छा क्यों कहा जाता है? आइए, जानते हैं इसके पीछे की असली वजह।

गुड फ्राइडे का इतिहास और महत्व
गुड फ्राइडे उस दिन की याद में मनाया जाता है, जब ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। माना जाता है कि उन्हें यहूदियों का राजा होने के आरोप में दोषी ठहराया गया, जिसे उस समय शासन के खिलाफ अपराध माना गया और उन्हें मृत्युदंड दिया गया। हालांकि, यह घटना बेहद दुखद थी, लेकिन ईसाई मान्यताओं के अनुसार ईसा मसीह ने मानवता के कल्याण के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से प्रेम, क्षमा और त्याग का संदेश दिया, जो आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इसी वजह से यह दिन केवल शोक का प्रतीक नहीं, बल्कि विश्वास, उम्मीद और मुक्ति का संदेश देने वाला भी माना जाता है। ईसाई धर्म में यह मान्यता है कि उनका यह बलिदान मानव जीवन को एक नई दिशा और आशा प्रदान करता है।
गुड फ्राइडे क्यों कहा जाता है?
गुड फ्राइडे को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि जब यह दिन दुख और बलिदान से जुड़ा है, तो इसे "गुड" क्यों कहा जाता है। दरअसल, जिस दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया, वह दिन शुक्रवार था। पहली नजर में यह एक दुखद घटना लगती है, लेकिन ईसाई मान्यताओं के अनुसार यह बलिदान मानवता के उद्धार के लिए था। इतिहासकारों के अनुसार, पुराने समय में अंग्रेजी शब्द Good का अर्थ सिर्फ 'अच्छा' नहीं, बल्कि पवित्र (Holy) भी होता था। इसी कारण इस दिन को Holy Friday यानी पवित्र शुक्रवार के रूप में भी देखा जाता है। इसके अलावा, यह दिन त्याग और आशा का प्रतीक भी माना जाता है। मान्यता है कि इस बलिदान के बाद ही ईस्टर के रूप में पुनर्जन्म और नई शुरुआत की उम्मीद जुड़ी है। इसलिए यह दिन भले ही दुख से जुड़ा हो, लेकिन इसमें मानवता के लिए एक सकारात्मक संदेश छिपा है और यही वजह है कि इसे गुड फ्राइडे कहा जाता है।
कैसे मनाया जाता है गुड फ्राइडे?
गुड फ्राइडे के दिन दुनिया भर में श्रद्धा और शांति के साथ प्रार्थनाएं की जाती हैं। इस दिन चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित होती हैं, जहां लोग ईसा मसीह के बलिदान को याद करते हैं। कई लोग इस दिन उपवास रखते हैं और मौन ध्यान के जरिए आत्मचिंतन करते हैं। चर्च में क्रॉस की आराधना की जाती है, जिसे ईसा मसीह के त्याग का प्रतीक माना जाता है। कुछ लोग शोक व्यक्त करने के लिए सादे या काले रंग के कपड़े पहनते हैं। कुल मिलाकर, यह दिन दिखावे से दूर रहकर शांति, प्रार्थना और आत्मचिंतन के साथ बिताया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications