Hazrat Ali Birth Anniversary 2025: आज है हजरत अली की सालगिरह, पढ़िए मुसलमानों के खलीफा के अनमोल विचार

Hazrat Ali Birth Anniversary 2025: इस्लामी कैलेंडर के अनुसार रजब के 13वें दिन मनाया जाने वाला हज़रत अली का जन्मदिन इस साल सोमवार, 13 जनवरी की शाम से मंगलवार, 14 जनवरी की शाम तक मनाया जाएगा।

हजरत अली को उनकी बहादुरी और नेकदिली के लिए "अल्लाह का शेर" कहा जाता है। उनका असली नाम अली इब्ने अबी तालिब था। वे पैगंबर मोहम्मद के चचेरे भाई और दामाद थे, जिनका निकाह पैगंबर की बेटी फातिमा से हुआ था। हजरत अली मुसलमानों के चौथे खलीफा और पैगंबर मोहम्मद के उत्तराधिकारी थे।

उन्होंने हमेशा शांति और अमन का संदेश दिया। उनकी सालगिरह पर मुस्लिम समुदाय उनके उपदेशों को याद करते हुए एक-दूसरे को बधाइयां देते हैं और इस दिन को धूमधाम से मनाते हैं। आइए जानते हैं क‍ि कौन हैं हजरत अली और क्‍यों उन्‍हें हर साल इस दिन याद क‍िया जाता है।

Hazrat Ali Birth Anniversary 2025

कौन थे हजरत अली?

हजरत अली का जन्म 599 ईस्वी में इस्लामी महीने रजब की 13 तारीख को मक्का में काबा के पवित्र मैदान में हुआ था। उनके माता-पिता अबू तालिब और फातिमा बिन्त असद थे। वे पैगंबर मुहम्मद के चचेरे भाई और दामाद थे तथा इस्लाम अपनाने वाले पहले पुरुष माने जाते हैं। हजरत अली ने पैगंबर मुहम्मद के साथ कई लड़ाइयां लड़ीं और उनकी बेटी फातिमा से विवाह किया। वर्ष 661 में रमजान के 19वें दिन, इब्न मुलजाम ने उन्हें जहरीली तलवार से घायल कर दिया, जिससे उनका निधन हो गया।

हजरत अली के जन्मदिवस को मुस्लिम समुदाय उत्साहपूर्वक मनाता है। इस दिन लोग एक-दूसरे को बधाइयां देते और उनके उपदेशों को याद करते हैं। हजरत अली ने हमेशा शांति और अमन का संदेश दिया। उनके विचारों और जीवन से प्रेरणा लेकर लोग इस दिन को खास मानते हैं।

हजरत अली के जन्मदिन पर जानते हैं उनके कुछ महान विचार-

1. सोच समझकर बोलो, बोलने से पहले शब्द आपने गुलाम हैं लेकिन बोलने के बाद आप लफ्जों के गुलाम बन जाते हैं।

2. जो लोग सिर्फ तुम्हें काम के समय याद करते हैं उन लोगों के काम जरूर आओ। क्योंकि वो अंधेरों में रोशनी ढूंढते हैं और वो रोशनी तुम हो।

3. किसी की बुराई तलाश करने वाले मिसाल उस मक्खी के जैसी है जो सारा खूबसूरत जिस्म छोड सिर्फ जख्म पर बैठती है।

4. हमेशा जालिमों का दुश्मन और मजलूमों का मददगार बनकर रहना चाहिए।

5. उन पापों से डरो जो आप गुप्त रूप से करते हैं, क्योंकि अल्लाह आपके कर्मों को देख रहे हैं, अल्लाह से डरें।

6. नेक लोगों की सोहबत से हमेशा भलाई ही मिलती है, क्योंकि हवा जब फूलों से गुजरती है तो वो भी खुशबूदार हो जाती है।

7. जीभ एक शेर की तरह है अगर आप इसे ढील देते हैं तो यह किसी को घायल कर सकती है।

8. अगर आप अल्लाह से डरते हो तो आपके पास किसी और से डरने का कोई कारण नहीं।

9. जो आप नहीं जानते उससे नफरत न करें, क्योंकि ज्ञान का बड़ा हिस्सा वह है जो आप नहीं जानते हैं।

10. पछताने की अपेक्षा परहेज़ करना अधिक बुद्धिमानी है।

11. जीवन के दिन बादलों की तरह बीत जाते हैं, इसलिए जब तक जीवित हो भलाई करो।

12. गुस्से में कोई फैसला मत लो, और खुशी में कभी वादा मत करो।

13. शिक्षा के समान कोई धन नहीं और अज्ञान के समान कोई गरीबी नहीं।

14. जल से शरीर शुद्ध होता है। आंसुओं से अहंकार, ज्ञान से बुद्धि शुद्ध होती है, और प्रेम से आत्मा शुद्ध होती है।

हजरत अली के संदेश (Hazrat Ali Thoughts and Quotes)

1. सोच समझकर बोलें। बोलने से पहले शब्द आपके गुलाम होते हैं लेकिन बोलने के बाद आप लफ्जों के गुलाम बन जाते हैं।

2. भीख मांगने से बदतर कोई और चीज नहीं होती है।

3. अपनी सोच को पानी के बूंदो से भी ज्यादा साफ रखो। क्योंकि जिस तरह बूंदो से दरिया बनता है उसी तरह सोच से ईमान बनता है।

4. चुगली करना उसका काम होता है, जो अपने आपको बेहतर बनाने में असमर्थ होता है।

5. अपनी जुबान की हिफाजत इस तरह करो, जिस तरह तुम अपने माल की हिफाजत करते हो।

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