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Holi 2026: भारत की इन जगहों पर नहीं मनाई जाती है होली, जानें आखिर क्या है इसकी वजह
Holi 2026: होली को भारत का सबसे रंगीन और उल्लास से भरा त्योहार माना जाता है। फाल्गुन पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला यह पर्व प्रेम, भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इस साल रंगों वाली होली 4 मार्च को मनाई जाएगी और देशभर में लोग पूरे उत्साह के साथ इस त्योहार को मनाएंगे। इस दिन भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में कई जगहों पर रंगोत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन आपको जानकार आश्चर्य होगा कि भारत में कई जगहों पर होली का त्योहार नहीं मनाया जाता है। होली का त्योहार न मनाने के पीछे अलग-अलग मान्यताएं हैं। ऐसे में, आज इस लेख में हम आपको बताएंगे देश की उन जगहों के बारे में, जहां होली का त्योहार नहीं मनाया जाता -

दुसेरपुर, हरियाणा
हरियाणा के दुसेरपुर गांव में कई पीढ़ियों से होली का त्योहार नहीं मनाया जा रहा है। यहां के लोग कहते हैं कि सदियों पहले गांव में होली के दौरान एक साधु का अपमान हो गया था। माना जाता है कि उसी साधु ने गांव को श्राप दिया कि यहां होली नहीं मनाई जाएगी। तभी से गांव के लोग इस परंपरा का पालन करते आ रहे हैं और आज भी यहां रंगों का उत्सव नहीं होता।
खुरजान और क्विली गांव, उत्तराखंड
उत्तराखंड के खुरजान और क्विली नाम के गांव भी उन स्थानों में गिने जाते हैं जहां होली नहीं मनाई जाती। यहां के लोगों की आस्था अपनी कुल देवी त्रिपुर सुंदरी से जुड़ी है। उनका मानना है कि देवी को शोर-शराबा पसंद नहीं है, इसलिए होली जैसे उत्सव को मनाने से देवी नाराज हो सकती हैं और गांव पर संकट आ सकता है। इसी वजह से इन गांवों में वर्षों से होली का आयोजन नहीं किया जाता।
दुर्गापुर क्षेत्र, झारखंड
झारखंड के दुर्गापुर क्षेत्र में भी होली न मनाने की परंपरा प्रचलित है। स्थानीय कथाओं के अनुसार होली के दिन ही यहां के एक राजा की हत्या हुई थी, जिसके बाद इस दिन को अशुभ मान लिया गया। बाद में जब कुछ लोगों ने यहां होली मनाने का प्रयास किया, तो उसी दिन अप्रिय घटनाएं होने की बातें कही जाती हैं। इसके बाद से गांव के लोग इस त्योहार से दूरी बनाए रखते हैं और होली के दिन रंग खेलने से बचते हैं।
रामसन गांव, गुजरात
गुजरात के रामसन गांव में भी लंबे समय से होली नहीं मनाई जाती। मान्यता है कि यहां कई वर्षों पहले होलिका दहन के दिन गांव में भयंकर आग लग गई थी, जिससे कई घर जलकर राख हो गए थे। इस घटना को अशुभ संकेत मानते हुए ग्रामीणों ने होली मनाना बंद कर दिया। आज भी यहां के लोग इस परंपरा को निभाते हुए रंगों का त्योहार नहीं मनाते।
धर्मपुरी, तमिलनाडु
तमिल नाडु के धर्मपुरी क्षेत्र के कुछ गांवों में होली का पर्व नहीं मनाया जाता है। यहां के लोगों की मान्यता है कि होला के दिन कुछ लोगों ने यहां की देवी का अपमान किया था, जिसके कारण देवी नाराज हो गई थीं। तभी से यहां होली नहीं मनाई जाती है।



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