Latest Updates
-
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद -
कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान -
Good Friday 2026: 'सब पूरा हुआ'... इन खास संदेशों और कोट्स के साथ अपनों को भेजें गुड फ्राइडे की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 3 April 2026: आज इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपनी राशि का हाल -
गुड फ्राइडे पर घर पर बनाएं रुई जैसे सॉफ्ट 'हॉट क्रॉस बन्स', यहां देखें सबसे आसान रेसिपी
स्वाद और सेहत की कसौटी पर खरे उतरते हैं ITC सनराइज मसाले, झारखंड की 'अन्नपूर्णा' की बनी पहली पसंद
भारतीय जनमानस में महिलाओं को देवी अन्नपूर्णा का स्वरूप माना जाता है। भारतीय संस्कृति में अन्नपूर्णा का अर्थ केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर पहलू में संतोष और समृद्धि का भी प्रतीक है। अन्नपूर्णा, जिसे देवी के रूप में पूजा जाता है, मान जाता है कि भोजन के बिना जीवन अधूरा है। यही कारण है कि वर्षों से रसोई संभालने वाली महिलाओं को अन्नपूर्णा के रूप में देखा जाता है, क्योंकि वे अपने परिवार की भलाई और भरण-पोषण के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं।
जब भी बात किचन, कुकिंग या खाने की होती है, तो सबसे पहली जो तस्वीर उभरकर आती है वो एक महिला की होती है। महिला और रसोई का एक करीबी रिश्ता है। कहते हैं ना दिल का रास्ता पेट के जरिए होकर पहुंचता है और लजीज खाना किसे पसंद नहीं आता? महिलाओं का ये शगल भी है और शौक भी है कि वो स्वादिष्ट खाना भी बनाती हैं और परिवार को भी खिलाती हैं।

घर में हम वर्षों से देखते आ रहे हैं कि बूढी नानी-दादी से लेकर हमारी मां तक के अलावा कई ऐसी महिलाएं हैं जो कितने ऊंचे ओहदे पर हैं लेकिन रसोई की बागडोर खुद ही संभाले रखती है। उदाहरण के लिए झारखंड की फेमस पॉलिटिशियन जोबा माझी सादगी की एक मिसाल है वह जनसेवा करने के साथ ही आज भी घर में रसोई की बागडोर संभाले हुई हैं। एक मां होने के नाते वे बखूबी अपनी जिम्मेदारियां जानती है इसलिए वे खुद अपने बच्चों के लिए खाना बनाना पसंद करती हैं।
कहते हैं ना मां के हाथ का जायका ही कुछ और होता है। जोबा माझी ही नहीं झारखंड में ऐसी कई महिलाएं हैं, जो परिवार और करियर जैसी दोहरी जिम्मेदारियों के साथ परिवार के सेहत के साथ कोई समझौता करना पसंद नहीं करती हैं।
घर की अन्नपूर्णा की जाने वाली गृहणी, वक्त के साथ चाहे कितनी आधुनिक क्यों न बन गई हो लेकिन पति, बच्चों और माता-पिता कि सेवा के साथ उनके खाने-पीने का पूरा ध्यान रखती है। वो हमेशा सेहतमंद खाद्य पदार्थों और मसालों का इस्तेमाल करती हैं।
ऐसे में जब बात हो अच्छे और सेहतमंद मसालों की हो तो सबसे पहला नाम 'आईटीसी सनराइज मसाले ' का ही आता है क्योंकि ये मसाले क्वालिटी और फाइनेस्ट इंग्रीडिएंट्स से बने है जिसकी वजह से ये न केवल खाने के स्वाद को बढ़ाते है बल्कि परिवार के लोगों की सेहत का भी ध्यान रखते हैं। धीरे-धीरे ये ब्रांड झारखंड में कई महिलाओं का किचन का साथी बन चुका है। जिसके एक चुटकी स्वाद से वो झारखंड की देसी व्यंजनों में जादू सा घोल देती हैं।
झारखंड की पाक कला का जादू
भारत के लोकल मसालों, खासकर झारखंड के देसी व्यंजनों की विविधता और पारंपरिक पाककला में स्वाद का भंडार छिपा हुआ है। आईटीसी सनराइज मसालों ने झारखंड के लोकल फ्लेवर्स की जरूरत और महत्व को समझा है। यह विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए फायदेमंद है, जो घर के अंदर और बाहर दोनों जिम्मेदारियां संभाल रही हैं और जिनके पास समय की कमी होती है।
पारंपरिक स्वाद की सरलता को संजोए
आईटीसी सनराइज ने स्वादिष्ट मसालों की एक शानदार रेंज पेश की है, जिससे महिलाएं बिना किसी मुश्किल के अपने व्यंजनों को न सिर्फ स्वाद बल्कि पौष्टिकता प्रदान कर सकती हैं। झारखंड के हर घर की रसोई में इन मसालों का खास स्थान बन गया है। इनकी विशेषता यह है कि कम मात्रा में उपयोग करने पर भी ये व्यंजनों को लाजवाब बना देते हैं। झारखंड का प्रसिद्ध चिकन सुक्खा या मटन-मसाला, बस एक चुटकी सनराइज मसाला से ही बेहतरीन बन जाता है।
किफायती और आसानी से उपलब्ध
आईटीसी सनराइज मसाले झारखंड की हर दुकान पर किफायती मूल्य पर उपलब्ध हैं। बड़े पैकेट से लेकर छोटे सैशे तक, ये मसाले हर रसोई की जरूरत के हिसाब से उपलब्ध हैं। इससे न केवल परिवारों का बजट संतुलित रहता है, बल्कि वे आसानी से स्वादिष्ट व्यंजन बना सकते हैं।
खाओ, खिलाओ और हिट हो जाओ" प्रतियोगिता
झारखंड की महिलाओं का इन मसालों के प्रति अटूट विश्वास और स्नेह को देखते हुए ही आईटीसी सनराइज ने झारखंड की हेरिटेज फूड कल्चर को सेलिब्रेट करने के लिए एक रोमांचक प्रतियोगिता की शुरुआत की है: "खाओ, खिलाओ और हिट हो जाओ"। इस प्रतियोगिता में गृहणियों को हर हफ्ते एक नया कुकिंग चैलेंज दिया जाएगा। सफलतापूर्वक इस चैलेंज को पूरा करने पर प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार, जैसे स्मार्टफोन, माइक्रोवेव ओवन, गैस स्टोव/कुकटॉप, मिक्सर ग्राइंडर आदि मिलेंगे। इस प्रतियोगिता से झारखंड की कई अन्नपूर्णा जुड़कर न सिर्फ अपनी कुकिंग टैलेंट को दिखा सकती है बल्कि यहां से ढेरों ईनाम जीतकर अपने पसंदीदा ब्रांड के साथ खुशियां भी मना सकती हैं।



Click it and Unblock the Notifications











