अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के बाद जैकी श्रॉफ को भी जाना पड़ा कोर्ट, पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स क्‍या हैं?

What is Personality Rights : भिड़ू एक ऐसा शब्द है, जो मुंबइया भाषा में बेहद ही आम है। मुंबई में अक्सर लोग प्यार से एक-दूसरे को भिड़ू बोलते नजर आ जाते हैं। दरअसल, यह मराठी भाषा का शब्द है और अक्सर दोस्तों के लिए इसे इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अगर जैकी श्रॉफ की चली तो जल्द ही इस शब्द को बोलने या फिर कहीं पर भी इस्तेमाल करने से पहले जैकी श्रॉफ की परमिशनल लेनी होगी।

दरअसल, बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ ने हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और उन्होंने फर्मों, सोशल मीडिया चैनलों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ऐप्स और जीआईएफ बनाने वाले प्लेटफार्मों को उनके नाम, आवाज, इमेज या किसी अन्य विशेषता का सहमति के बिना उपयोग करने से रोकने की अपील की है। उसमें भिड़ू शब्द का इस्तेमाल करना भी शामिल है।

Jackie Shroff Goes To Court Over His Personality Rights On The Word Bhidu

जैकी श्रॉफ का मानना है कि जब कमर्शियली उनके नाम, आवाज या उनके फेमस स्लैंग को इस्तेमाल किया जाता है तो इससे उपभोक्ता गुमराह होते हैं। उपभोक्ताओं को लगता है कि यह जैकी श्रॉफ द्वारा एंर्डोस किया गया है और इससे जैकी श्रॉफ की छवि भी धूमिल होती है। तो चलिए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला-

भिड़ू शब्द का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं

यह सच है कि जिस तरह हर कलाकार की अपनी अलग विशेषता होती है, ठीक उसी तरह जैकी श्रॉफ को लोग प्यार से भिड़ू या जग्गू दादा कहते हैं। यहां तक कि एक इंटरव्यू में भी जैकी श्रॉफ ने कहा था कि अगर उनकी बायोपिक बनती है, तो उसका नाम भिड़ू या जग्गू दादा ही होना चाहिए। यह उनकी व्यक्तिगत विशेषता से जुड़ा है। इसलिए जैकी श्रॉफ नहीं चाहते हैं कि भिड़ू शब्द का गलत इस्तेमाल किया जाए।

कमर्शियल बेनिफिट्स पर लगाना चाहते हैं रोक

अदालत में पेश हुए जैकी के वकील प्रवीण आनंद ने कहा कि श्रॉफ पैरोडी या व्यंग्य को रोकना नहीं चाह रहे थे, बल्कि अपने व्यक्तित्व के कमर्शियल, अपमानजनक और विकृत उपयोग के खिलाफ एक प्रोटेक्शन चाहते थे। उन्होंने व्यावसायिक लाभ के लिए संस्थाओं द्वारा उनके नाम और व्यक्तित्व विशेषताओं के अनधिकृत उपयोग के खिलाफ सुरक्षा की मांग की है। अपनी याचिका में श्रॉफ ने जैकी श्रॉफ, जैकी, जग्गू दादा के साथ-साथ भिडू नामों की सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी विशेषताओं का उपयोग किसी भी मंच पर उनकी इजाजत के बिना नहीं किया जा सकता है। जैकी श्रॉफ के वकील का कहना था कि उत्पाद खरीदने के लिए ग्राहकों को लुभाने के लिए लोग अभिनेता की तस्वीर, आवाज या व्यक्तिगत विशेषताओं का उपयोग नहीं कर सकते। जैकी श्रॉफ बहुत प्रसिद्ध हैं। लोग सोचेंगे कि यह उनके द्वारा समर्थित है। यह उनकी सहमति के बिना नहीं किया जा सकता।

अनिल कपूर और अमिताभ बच्चन का दिया उदाहरण

जैकी श्रॉफ के पक्ष में बहस करते हुए उनके वकील ने साथी बॉलीवुड अभिनेताओं अनिल कपूर और अमिताभ बच्चन का उदाहरण दिया। सितंबर 2023 में, दिल्ली हाई कोर्ट ने थर्ड पार्टी द्वारा अपने व्यक्तित्व अधिकारों के दुरुपयोग से सुरक्षा के लिए अनिल कपूर की याचिका को अनुमति दे दी थी। अनिल कपूर के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्टर का पक्ष लिया था। जिससे उनके नाम, छवि, व्यक्तित्व और यहां तक कि उनके प्रसिद्ध वाक्यांश ’झक्कास’ को उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इससे एक साल पहले, अदालत ने बॉलीवुड स्टार अमिताभ बच्चन के नाम, छवि और आवाज के गैरकानूनी उपयोग को रोकने के लिए एक अंतरिम आदेश पारित किया था। उस समय, अदालत ने बड़े पैमाने पर व्यक्तियों को अभिनेता के व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करने से रोक दिया था।

Story first published: Wednesday, May 15, 2024, 9:30 [IST]
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