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Japan Earthquake: भूकंप की तीव्रता का मालूम कैसे चलता है? यहां आया था दुनिया का सबसे तेज भूंकप
Japan Earthquake: जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने इशिकावा, निगाटा और टोयामा प्रान्त के तटीय क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी की है। मौसम एजेंसी के अनुसार, भूकंप के कारण 5 मीटर तक ऊंची लहरें इशिकावा प्रान्त में नोटो तक पहुंच रही है। जापान सागर की ओर स्थित नोटो क्षेत्र में तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसकी शुरुआत स्थानीय समयानुसार शाम 4:06 बजे 5.7 तीव्रता के झटके से हुई।
इसके बाद शाम 4:10 बजे 7.6 तीव्रता का भूकंप, 4:18 बजे 6.1 तीव्रता का भूकंप, 4:23 बजे 4.5 तीव्रता का भूकंप, 4:29 बजे 4.6 तीव्रता का भूकंप और शाम 4:32 बजे 4.8 तीव्रता का भूकंप आया. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने कहा कि इसके तुरंत बाद 6.2 तीव्रता का एक और भूकंप आया। आइए जानते हैं कि भूकंप क्यों आते हैं और इनकी तीव्रता कैसे मापी जाती है ?

क्यों आता है भूकंप?
दरअसल, पृथ्वी की चार प्रमुख परतें हैं, जिसे इनर कोर, आउटर कोर, मेंटल और क्रस्ट कहते हैं। जानकारी के अनुसार, पृथ्वी के नीचे मौजूद प्लेट्स घूमती रहती हैं, जिसके आपस में टकराने पर पृथ्वी की सतह के नीचे कंपन शुरू होता है। जब ये प्लेट्स अपनी जगह से खिसकती हैं तो भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इस जगह पर सबसे ज्यादा भूकंप का असर रहता है। हालांकि, भूकंप की तीव्रता अगर ज्यादा होती है तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं।
कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता?
बता दें कि भूकंप की तीव्रता का पता लगाने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल किया जाता है। रिक्टर स्केल पर 1 से 9 तक आए भूकंप के झटकों को मापा जाता है। भूकंप के दौरान पृथ्वी के नीचे से ऊर्जा तरंगे निकलती हैं। उसे रिक्टर स्केल के जरिए मापा जाता है। इसके बाद ही यह पता लग पाता है कि भूकंप की तीव्रता कितनी थी और इसका केंद्र किस क्षेत्र में था।
भूकंप की तीव्रता से समझे खतरा
- 0 से 1.9 रिक्टर स्केल पर सीस्मोग्राफ से ही भूकंप के बारे में जानकारी मिलती है।
- 2 से 2.9 रिक्टर स्केल पर हल्का कंपन महसूस होता है।
- 3 से 3.9 रिक्टर स्केल पर जब कोई ट्रक नजदीक से गुजरता है तो ऐसा ही असर होता है।
- 4 से 4.9 रिक्टर स्केल पर घरों की खिड़कियां टूट सकती हैं और दीवरों पर टंगी फ्रेम गिर सकती है।
- 5 से 5.9 रिक्टर स्केल पर फर्नीचर हिल सकता है।
- 6 से 6.9 रिक्टर स्केल पर इमारतों की नींव दरक सकती है और ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है।
- 7 से 7.9 रिक्टर स्केल पर इमारतें गिर जाती हैं और जमीन के अंदर मौजूद पाइप फट जाते हैं।
दुनिया का सबसे अधिक तीव्र भूकंप कहा आया था?
22 मई 1960 को वाल्डिविया, चिली में भूकंप की तीव्रता 9.5 नापी गई थी. सुनामी लहरों ने चिली समेत हवाई, जापान, फिलीपींस, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया तक में तबाही मचाई। सबसे ज्यादा असर चिली के वाल्डिविया शहर में हुआ।



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