Shocking.. आज भी ऐसे मालूम की जाती है वर्जिनिटी.. अजीब है ये वर्जिनिटी से जुड़ी पराम्‍पराएं

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क्‍यों किसी महिला की वर्जिनिटी या कौमार्य मर्दों के समाज में बहुत महत्‍वपूर्ण माना जाता हैं। 21 वीं सदी में पहुंचकर भी दुनिया में ऐसे कई देश है और समुदाय हैं जहां लड़की की वर्जिनिटी को उनके पवित्रता से जोड़कर देखते हैं। 14 वीं सदी के आसपास वर्जिनिटी को आध्‍यात्‍म के पहलू से जोड़कर देखा जाता था।

16 वीं सदी में वर्जिन होना एक बीमारी के तरह होता था जिसका ईलाज सिर्फ सेक्‍स था। समय बदलता रहा और लोगों की सोच भी। आज लोग इसे महिलाओं के चरित्र और उनके पवित्रता के साथ जोड़कर देखते हैं। इसलिए आज भी दुनियाभर में वर्जिनिटी टेस्‍ट किया जाता है। आइए जानते है कि दुनियाभर में आज भी कहां महिलाओं के साथ वर्जिनिटी टेस्‍ट के नाम पर बदसलूकी होती हैं।

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जिंदा दफन कर देते थे

जिंदा दफन कर देते थे

रोम में कुछ साल पहले एक बहुत ही क्रूर प्रथा प्रचलित थी। इसके अंतर्गत लड़की को तीस साल की उम्र तक अपनी वर्जिनिटी को बचाए रखना पड़ता था। इससे पहले अगर वो अपनी वर्जिनिटी खो देती थी तो उसे ज़िन्दा दफ़ना दिया जाता था।

कुंआरी दुल्‍हनों चोरी की जाती थी

कुंआरी दुल्‍हनों चोरी की जाती थी

चीन के कुछ इलाकों में 1940 तक दुल्हनों का अपहरण कर लिया जाता था। कुछ ऐसी प्रताड़ना जापान में भी नई नवेली दुल्हनों के साथ होती थी। जापान में इस तरह का अंतिम मामला 1959 में दर्ज किया गया था। इसके अलावा 1800 ईस्वी तक आयरलैंड में भी दुल्हनों की चोरी एक गंभीर समस्या थी।

ईसाई धर्म ग्रंथों में भी कुंवारी महिलाओं को पाने के लिए पूरे गांवों में कत्लेआम से संबंधित कहानियों का उल्लेख है। इस तरह के महिला अपराधों में रोम भी अछूता नहीं था, रोम में भी शादी के दौरान दुल्हनों का अपहरण कर लिया जाता था।

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सफेद कपड़े में समेट कर रखते हैं

सफेद कपड़े में समेट कर रखते हैं

सऊदी अरब और मिस्र समेत कई मुस्लिम देशों में एक अजीब प्रथा प्रचलित है। इसके अंतर्गत शादी के दिन लड़की को अपना अंगूठा सफेद कपड़े में लपेट कर कुछ देर के लिए अपनी योनि में रखना होता है। इसे बाहर निकालने पर यदि कपड़े पर खून होता है तो उसे लोग वर्जिन मान लेते हैं।

वर्जिन बनने की कसम

वर्जिन बनने की कसम

जॉर्जिया में ईसाई धर्म को गहराई से मानने वाले लोग शादी से पहले वर्जिनिटी टेस्‍ट यानी कौमार्य परीक्षण करते हैं। जॉर्जिया ही नहीं बल्कि पश्चिम के कई देशों में लड़कियां जब टीन एज में कदम रखती हैं, तो उन्‍हें प्‍योरिटी रिंग पहनायी जाती है। इस अंगूठी को पहनते वक्‍त लड़की ईश्‍वर के सामने कसम लेती है कि वह शादी के पहले किसी भी व्‍यक्ति के साथ यौन संबंध स्‍थापित नहीं करेगी और अपना कौमार्य शादी तक सुरक्षित रखेगी।

लौटा देते है गिफ्ट

लौटा देते है गिफ्ट

तंजानिया में वर्जिनिटी को लेकर एक प्रथा प्रचलित थी। इसके अंतर्गत अगर शादीशुदा जोड़े की सुहागरात के बाद चादर पर खून के दाग नहीं मिलते थे तो सजा के तौर पर लड़की के घरवालों को शादी में मिले गिफ्ट्स वापस लौटाने पड़ते थे।

दूल्‍हें के स्‍कार्फ के साथ

दूल्‍हें के स्‍कार्फ के साथ

यूथोपियन कल्चर में दूल्हे के स्कार्फ पर सुहागरात मनाई जाती है। अगर उस पर खून के निशान नहीं पाए जाते तो उसे पीटा जाता है। यहाँ तक कि शादी भी तोड़ दी जाती है। अगर उस पर खून होता है तो स्कार्फ को दुल्हन के घर गिफ्ट्स के साथ भेजा जाता है।

वर्जिन लड़कियों को मिलेगी स्‍कॉलशिप

वर्जिन लड़कियों को मिलेगी स्‍कॉलशिप

साउथ अफ्रीका के उथूकेला में स्कूल-कॉलेज जाने वाली वर्जिन छात्राओं को जिले की महिला मेयर डूडू मोजिबूको स्कॉलरशिप दे रही हैं। मेयर के अनुसार छात्राएं जब तक वर्जिन रहेंगी तब तक उन्हें यह स्कॉलरशिप मिलती रहेगी। स्कॉलरशिप पाने के लिए छात्राओं को बस एक वर्जिनिटी टेस्ट से देना होगा, जिससे यह साबित हो जाएगा की छात्रा वर्जिन है या नहीं।

पानी से सांस रोककर

पानी से सांस रोककर

भारत के कुछ समुदायों में महिलाओं की पवित्रता जांचने का बड़ा ही अजीबोगरीब रिवाज है। इसमें औरत को सांस रोककर पानी के अंदर तब तक रहना पड़ता है, जब तक कोई सौ कदम चलता है, जो औरत इसमें सफल हो जाती है उसे पवित्र माना जाता है।

चादर से करते है कौमार्य परीक्षण

चादर से करते है कौमार्य परीक्षण

भारत में कई सदियों से यह पराम्‍परा चली आ रही हैं। इस प्रथा को मानने वाले लोग सुहागरात वाले दिन जोड़े के बिस्तर पर सफेद चादर बिछाते हैं। फिर अगली सुबह आकर उस चादर पर खून के निशान ढूंढते हैं। इसके बाद वो कमरे के बाहर आकर इंतजार कर रहे समुदाय के लोगों को दिखाई जाती है। यदि चादर पर खून मिलता है तो लड़की को वर्जिन मान लिया जाता है। महाराष्ट्र के कंजारभाट समाज, मध्‍यप्रदेश के बेतुल के अलावा देश में कई जगह इस दकियानूसी प्रथा को आज भी मानते हैं।

आर्मी में भर्ती होने के लिए टू फिंगर टेस्‍ट

आर्मी में भर्ती होने के लिए टू फिंगर टेस्‍ट

2014 में ह्यूमर राइट्स वॉच ने एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसके अंतर्गत कहा गया कि इंडोनेश‍िया में महिला पुलिस भर्ती के दौरान महिलाओं को टू फिंगर टेस्ट से गुजरना पड़ता है। जो महिला इस वर्जिनिटी टेस्ट में फेल हो जाती है, उसे नौकरी नहीं मिलती।

बालिग लड़कियों का टू फिंगर टेस्‍ट

बालिग लड़कियों का टू फिंगर टेस्‍ट

जुलू सभ्यता में एक पराम्‍पर को तहत बालिग उम्र की लड़कियों को राजा के सामने नृत्य पेश करना होता है। पराम्‍परा के अनुसार सिर्फ वर्जिन लड़कियां ही डांस कर सकती हैं। ऐसे में डांस के लिये पहले लड़कियों का टू फिंगर टेस्ट किया जाता है। जुलू आदिवासी सभ्यता में जब लड़की बालिग होती है, तब उसका टू फिंगर टेस्ट किया जाता है। अगर उसका कौमार्य सुरक्ष‍ित पाया गया, तो उसे सम्मानित किया जाता है, लेकिन अगर कौमार्य भंग हो गया है, तो पिता पर जुर्माना लगा दिया जाता हैं।

पत्‍थरों से मारकर सजा

पत्‍थरों से मारकर सजा

प्राचीन इजराइल में शादी से पहले यौन संबंध बनाने पर युवती को पत्थरों से मारकर मौत की सजा दी जाती थी।

गुलाम बनाकर बेच दिया जाता था..

गुलाम बनाकर बेच दिया जाता था..

प्राचीन एथेंस में यदि महिला शादी के पहले यौन संबंध स्थापित कर लेती थी तो उसे मौत की सजा दे दी जाती थी और यह सजा और कोई नहीं बल्कि खुद लड़की का पिता ही दिलवाता था। इसके अलावा पिता को यह भी अधिकार मिल जाता था कि वह अपनी बेटी को गुलाम के रूप में बेच सकता था।

पति करवा सकता है शादी से पहले वर्जिनिटी टेस्‍ट

पति करवा सकता है शादी से पहले वर्जिनिटी टेस्‍ट

वहीं समोआ द्वीप ऐसी भी प्रथा प्रचलित थी कि पुरुष शादी से पहले अपनी होने वाली पत्नी के कौमार्य की जांच करवा सकता था। समोआ में इस जनजाति का प्रमुख शादी के दौरान सभी मेहमानों के बीच में लड़की के कौमार्य का परीक्षण कर इसकी पुष्टि करता था।

English summary

Women suffer the myths of the hymen and the virginity test

In some parts of the world women are still being subjected to virginity tests.