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जानें कौन हैं डॉक्टर बलवीर सिंह तोमर, जिन्होंने 'कोरोनिल' दवा तैयार करने में दिया खास योगदान
जब देश और दुनिया में कोरोना वायरस के कारण संक्रमित मरीजों और मृतकों की संख्या में इजाफा हो रहा है, उस वक्त कोरोना का इलाज करने वाली दवा की खबर सुनना राहत देता है। कोरोना संकट से बचने के लिए हर देश अपने स्तर पर इसका तोड़ ढूंढने में लगा हुआ है।

भारत में भी कोरोना की दवा बनाने को लेकर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसी बीच एक बड़ी खबर आयी है कि पंतजलि ने कोरोना से बचाव करने वाली दवा तैयार कर ली है। कोरोना संकट में इस दवा को तैयार करने में डॉक्टर बलवीर सिंह तोमर का बहुत बड़ा योगदान बताया जा रहा है। जानते हैं इनके बारे में।

कोरोनिल नाम से मिलेगी दवा
बाबा रामदेव ने इस बात का दावा किया कि ट्रायल के दौरान इस आयुर्वेदिक दवा से सात दिन में कोरोना से प्रभावित लोग पूरी तरह स्वस्थ हो गए। इस दवा की क्लीनिकल स्टडी की गयी और सौ लोगों पर इसका टेस्ट किया गया। तीन दिन के अंदर 65 फीसदी मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हो गए। वहीं सात दिन में सौ फीसदी लोग ठीक हुए। इस तरह से इस दवा का रिकवरी रेट सौ फीसदी और डेथ रेट शून्य प्रतिशत बताया जा रहा है।

कौन हैं डॉक्टर बलवीर तोमर जिन्होंने इस दवा के लिए योगदान दिया
इस दवा के बारे में जानकारी देने के साथ ही पतंजलि ने डॉक्टर बलवीर सिंह तोमर का खास धन्यवाद किया। आपको बता दें कि डॉक्टर तोमर राजस्थान की निम्स यूनिवर्सिटी के चांसलर और को फाउंडर हैं। इन्होंने लंदन के किंग्स कॉलेज हास्पिटल स्कूल ऑफ मेडिसिन से पढ़ाई की। डॉक्टर तोमर हावर्ड यूनिवर्सिटी में भी कई रिसर्च से जुड़े काम कर चुके हैं।

मिल चुके हैं कई सम्मान
डॉक्टर बलवीर सिंह तोमर WHO के साथ कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए इन्हें कॉमनवेल्थ मेडिकल की उपाधि से सम्मानित किया जा चुका है। राजस्थान स्थित संवाई मानसिंग मेडिकल कॉलेज में भी अपनी सेवा दे चुके डॉक्टर तोमर को अपने सराहनीय कार्य के लिए राजीव गांधी अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
डॉक्टर बलवीर सिंह तोमर के अलावा निम्स के डॉ. प्रोफेसर जी देवपुरा का योगदान भी बहुमूल्य है। चिकित्सा के क्षेत्र में इन्हें 36 सालों का अनुभव है। मानव जीवन की कोरोना महामारी से रक्षा करने के लिए पतंजलि द्वारा पेश की गयी दवा को तैयार करने में इनके अतिरिक्त डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की एक बड़ी टीम शामिल है। इन लोगों ने अपने अपने स्तर पर योगदान देकर आयुर्वेदिक कोरोनिल दवा को तैयार किया है।



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