ढाबा मालिक के रोते हुए वीडियो से लोगों का पसीजा दिल, जानें कैसे इंटरनेट पर वायरल हुआ 'बाबा का ढाबा'

8 अक्टूबर के दिन लोगों ने मिलकर ये साबित कर दिया कि सोशल मीडिया आज के समय में कितनी ताकतवर है और इसके जरिये समाज में सकारात्मकता लायी जा सकती है। दरअसल राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके के एक बुजुर्ग दंपत्ति ढाबा चलाते हैं।

Baba Ka Dhaba

कोरोना महामारी के कारण उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र साधन उनका ढाबा पिछले कुछ समय से घाटे में चल रहा है। गुरुवार के दिन बाबा का ढाबा के मालिक का वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह अपनी मौजूदा स्थिति बताते हुए रो पड़े। जानें इस वीडियो के बाद कैसे वो सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगें और उनके चेहरे पर मुस्कान आयी।

मदद के लिए वीडियो के जरिए अपील

मदद के लिए वीडियो के जरिए अपील

यूट्यूबर गौरव वासन मालवीय नगर में बाबा का ढाबा पर पहुंचे। गौरव ने उनकी छोटी सी दुकान की वीडियो बनाई और बुजुर्ग दंपत्ति से बातचीत करने लगे। इस दौरान बाबा का ढाबा के मालिक अपनी मौजूदा स्थिति के बारे में बताते हुए भावुक हो गए। उनके लिए अपने आंसू रोक पाना काफी मुश्किल था। उनके मुताबिक कोरोना के कारण उनका काम मंदा चल रहा है। सुबह से दुकान लगाने के बावजूद उनकी लागत बमुश्किल ही निकलती है। उन्हें सांत्वना देते हुए गौरव ने न सिर्फ उनके लिए मदद की पेशकश की बल्कि वीडियो के जरिये बाकि लोगों से भी आगे आने की अपील की।

वीडियो ने दिखाया कमाल का असर

वीडियो ने दिखाया कमाल का असर

गौरव वासन ने इस वीडियो को अपने चैनल ‘स्वाद ऑफिशियल' पर पोस्ट किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया। दक्षिण दिल्ली में रहने वाले लोगों ने इस वीडियो को देखा भी और मदद के लिए बाबा का ढाबा भी पहुंच गए। सोशल मीडिया पर #BabaKaDhaba ट्रेंड कर रहा था। वहीं लोगों की लंबी कतार बाबा की दुकान पर लगने लगी। लोगों द्वारा मदद के कई हाथ देखकर बुजुर्ग दंपत्ति के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। इतना ही नहीं, इस वीडियो को कई मशहूर सेलेब्रिटी और राजनेताओं द्वारा भी शेयर किया गया।

Baba Ka Dhaba: रातों रात बदल गई बुजुर्ग दंपत्ति की किस्मत, कर दिखाया कमाल | Boldsky
जीविका का एकमात्र सहारा है ढाबा

जीविका का एकमात्र सहारा है ढाबा

इस ढाबा के मालिक कांता प्रसाद और उनकी पत्नी बादामी देवी कई सालों से ये दुकान लगाते आ रहे हैं। दोनों की उम्र 80 साल से भी ऊपर है। जानकारी के मुताबिक इनके दो बेटे और एक बेटी है। मगर तीनों से उन्हें कोई मदद नहीं मिलती है। ये बुजुर्ग दंपत्ति जीवन के इस पड़ाव पर भी एकदूसरे का पूरा साथ निभा रहे हैं। दोनों मिलकर ढाबा का सारा काम करते हैं। सुबह 6 बजे से वो ढाबा के लिए खाना बनाना शुरू कर देते हैं। ये दोनों रात तक ग्राहक के इंतजार में दुकान पर रहते हैं।

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उम्मीद है कि इस वीडियो के बाद उनके चेहरे पर आयी मुस्कुराहट और जीवन में आया सुकून बरकरार रहेगा।

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