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Mahakumbh 2025 Stampede: कुंभ ही नहीं, ये हैं दुनिया की 5 ऐसी घटनाएं जब भगदड़ में गई थी सैकड़ों की जान
Mahakumbh 2025 Stampede : प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें कम से कम 20 लोगों की मौत होने और कई घायल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, अभी तक हताहतों का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
यह पहली बार नहीं है जब कुंभ में भगदड़ हुई हो। इससे पहले भी कई ऐसे हादसे हुए हैं, जिनमें लोगों ने अपनी जान गंवाई। दुनिया में भी कई भयावह भगदड़ की घटनाएं हुई हैं, आइए जानते हैं दुनिया के सबसे 5 खतरनाक भगदड़ की घटनाओं के बारे में।

भगदड़ की घटनाएं अक्सर भीड़ प्रबंधन में चूक, घबराहट और असुरक्षित परिस्थितियों के कारण होती हैं, जिनमें हजारों लोगों की जान जा चुकी है।
दक्षिण कोरिया (2022)
30 अक्टूबर 2022 को सियोल में हैलोवीन समारोह के दौरान भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। संकरी गलियों में अत्यधिक भीड़ बढ़ने से दम घुटने जैसी स्थिति बन गई, जिसमें 151 लोगों की मौत हो गई।
ब्रिटेन (1989)
अप्रैल 1989 में इंग्लैंड के शेफील्ड में हिल्सबोरो स्टेडियम में एफए कप सेमीफाइनल के दौरान प्रशंसकों की भीड़ बेकाबू हो गई। इस हादसे में 96 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोग घायल हो गए।
मक्का (1990)
जुलाई 1990 में हज यात्रा के दौरान अल-मुआइसिम सुरंग में भगदड़ मच गई। अत्यधिक भीड़ और सांस घुटने से 1,426 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई, जो इतिहास की सबसे घातक भगदड़ में से एक थी।
सऊदी अरब (1994, 1998, 2004)
मई 1994 में जमारात ब्रिज के पास भगदड़ में 270 तीर्थयात्री मारे गए। अप्रैल 1998 में एक और हज भगदड़ में 191 लोगों की मौत हुई। फरवरी 2004 में इसी स्थान पर 251 तीर्थयात्री कुचलकर मारे गए।
अफ्रीका (2001)
मई 2001 में घाना के अकरा फुटबॉल स्टेडियम में पुलिस द्वारा आंसू गैस छोड़े जाने से भगदड़ मच गई, जिसमें 126 प्रशंसकों की मौत हो गई।
इंडोनेशिया (2022)
अक्टूबर 2022 में इंडोनेशिया के एक फुटबॉल स्टेडियम में पुलिस और प्रशंसकों के बीच हुई झड़प के बाद भगदड़ में 125 लोगों की मौत और 320 से अधिक लोग घायल हो गए।
ये घटनाएं बताती हैं कि भीड़ नियंत्रण में चूक भयावह परिणाम ला सकती है, जिससे भविष्य में बेहतर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता स्पष्ट होती है।
1954 कुंभ भगदड़: 800 मौतें
1954 में प्रयागराज (तब इलाहाबाद) में आजाद भारत का पहला कुंभ मेला आयोजित हुआ। 3 फरवरी को मौनी अमावस्या पर लाखों श्रद्धालु अमृत स्नान के लिए पहुंचे थे, तभी एक हाथी के बेकाबू होने से भगदड़ मच गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हादसे में 400 से 800 लोग मारे गए। कई श्रद्धालु कुचलकर और कई डूबकर मारे गए। यह भगदड़ में एक दिन में मरने वालों का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जाता है।



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