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Muharram 2026 Shayari: कर्बला का हर ज़र्रा गवाही देता है...मुहर्रम पर अपनों को भेजें ये खास शायरी और कोट्स
Muharram Quotes & Wishes 2026: मुहर्रम का महीना इस्लाम धर्म को मानने वालों के लिए बेहद खास माना जाता है। यह इस्लामी हिजरी कैलेंडर का पहला महीना होता है। मुहर्रम ला महीना खासतौर पर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मनाया जाता है। माना जाता है कि मुहर्रम की 10वीं तारीख, जिसे आशूरा कहा जाता है, के दिन इमाम हुसैन और उनके साथी कर्बला की जंग में शहीद हो गए थे। इसलिए इस महीने में मुस्लिम लोग इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हैं गम मनाते हैं, मातम करते हैं और इबादत में लीन रहते हैं। इस अवसर पर आप अपने प्रियजनों को ये खास शायरियां और संदेश भेज सकते हैं -

मुहर्रम शायरी 2026 (Muharram Shayari in Hindi)
1. कर्बला को कर्बला के शहंशाह पर नाज़ है,
उस नवासे पर रसूल को भी नाज़ है,
लाखों सिर झुके होंगे सजदों में मगर,
उस सजदे पर खुदा को भी नाज़ है।
2. यज़ीद के दरबार में झुकना गवारा न किया,
हक़ की राह छोड़ने का इशारा न किया,
सर कट गया मगर ईमान बचा लिया,
हुसैन ने कर्बला को सजदा बना दिया।
3. कर्बला का हर ज़र्रा गवाही देता है,
हुसैन का किरदार रोशनी देता है,
ज़ुल्म चाहे कितना भी ताकतवर हो,
सच आखिर अपनी जीत लिखता है।
4. न तलवार से डर, न मौत का खौफ था,
हुसैन के दिल में बस रब का शौक था,
कर्बला में जो सब्र की मिसाल बन गए,
वो आज भी करोड़ों दिलों का गौरव हैं।
5. प्यास की शिद्दत थी, मगर शिकवा न था,
हर लम्हा इबादत था, तमाशा न था,
कर्बला में जो सर कटा हुसैन का,
वो किसी हार का नहीं, फ़तह का किस्सा था।
6. हक़ की राह में जो मिट गए, वो अमर हो गए,
कर्बला के फूल दुनिया में मशहूर हो गए,
एक घर उजड़ा तो क्या हुआ ऐ दोस्त,
उनके नाम से लाखों दिल रोशन हो गए।
7. कर्बला की मिट्टी आज भी पुकारती है,
हुसैन की कुर्बानी याद दिलाती है,
दौलत से नहीं मिलती इज़्ज़त जहां में,
वो तो सब्र और सच्चाई से आती है।
8. सर झुकता है जब कर्बला का नाम आता है,
आंखों में ग़म का समंदर उतर आता है,
हुसैन की शहादत का असर देखिए,
हर दौर में इंसानियत संभल जाती है।
9. वो सजदा भी क्या सजदा था ऐ दोस्तों,
जिस पर खुदा को भी नाज़ था ऐ दोस्तों,
सर कट गया मगर माथा न झुका कभी,
हुसैन का यही अंदाज़ था ऐ दोस्तों।

मुहर्रम कोट्स हिंदी में (Muharram Quotes In Hindi
10. फुरात सामने थी मगर पानी न मिला,
मासूमों को भी जीने का सहारा न मिला,
कर्बला में जो सब्र की मिसाल बन गए,
उन जैसा ज़माने में दोबारा न मिला।
11. कर्बला का दर्द दिलों में बसा हुआ है,
हुसैन का नाम लबों पर सजा हुआ है,
वक्त बदल जाए मगर ये सच नहीं बदलेगा,
हक़ का परचम आज भी उठा हुआ है।
12. शहादत की जो मिसाल कर्बला में बनी,
वो सदियों के लिए रोशनी बन गई,
सर कटे, घर उजड़े, कारवां लुट गया,
मगर हुसैन की जीत अमर हो गई।
13. न दौलत का लालच, न सत्ता का खुमार था,
हुसैन के दिल में बस रब का प्यार था,
कर्बला में जो पैगाम छोड़ गए,
वो हर इंसान के लिए उपहार था।
14. कर्बला की कहानी सिर्फ कहानी नहीं,
ये सब्र और वफ़ा की निशानी है,
जो हक़ के लिए हर दर्द सह जाए,
असल में वही हुसैनी है।
15. ज़ुल्म के सामने जो डटकर खड़े रहे,
हर मुश्किल में भी सच पर अड़े रहे,
कर्बला के शहीदों का ये पैगाम है,
हक़ के लिए जीओ और हक़ पर मरे रहो।
16. रेत तपती रही, धूप सताती रही,
मगर हिम्मत हुसैन की मुस्कुराती रही,
कर्बला की यही सबसे बड़ी दास्तां है,
सच की शमा हर हाल में जगमगाती रही।
17. कर्बला में जो हुआ वो भुलाया न जाएगा,
हुसैन का नाम दिलों से मिटाया न जाएगा,
जब तक रहेगा ज़िक्र वफ़ा और सब्र का,
उनका किरदार दोहराया जाएगा।
18. एक तरफ़ था ज़ुल्म, एक तरफ़ ईमान था,
कर्बला का हर लम्हा इम्तिहान था,
जीत आखिर उसी की हुई जहां में,
जिसके साथ खुदा का फरमान था।
19. हुसैन का ग़म कोई अफ़साना नहीं,
ये वफ़ा का ऐसा खज़ाना है जो पुराना नहीं,
हर दौर में नई रोशनी देता है,
इसका असर कभी बेगाना नहीं।
20. कर्बला की रेत पर इतिहास लिखा गया,
सच के लिए हर रिश्ता कुर्बान किया गया,
प्यासे थे मगर सर कभी झुकने न दिया,
हुसैन के सब्र से इंसानियत को जीवन मिला।



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