Latest Updates
-
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता -
दिल को हेल्दी रखते हैं ये 5 योगासन, हार्ट अटैक से बचने के लिए आज से ही बना लें रूटीन का हिस्सा -
World Heart Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व हृदय दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की थीम -
रात में लाइट जलाकर सोते हैं? आपकी ये आदत दिल पर पड़ सकती है भारी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा -
Bank Holidays October 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
अंतरिक्ष में किसी एस्ट्रोनॉट की मौत के बाद कैसे होता है शव का अंतिम संस्कार? नासा एजेंसी ने किया खुलासा
भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स और नासा के दो अन्य एस्ट्रोनॉट बोइंग स्टारलाइनर में आए तकनीकी खराबी के बाद से अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं। उनकी वापसी को लेकर नासा ने कुछ स्पष्ट नहीं कहा है। ऐसे में कई सवाल उठते है। इन्हीं में से एक है कि अगर किसी एस्ट्रोनॉट की मुत्यु स्पेस मिशन के दौरान हो जाए तो ऐसी स्थिति में क्या होगा?
अंतरिक्ष में शव के साथ क्या होता है? शव को नीचे कैसे लाया जाएगा? नीचे लाया भी जा सकता है या नहीं? इस पर नासा अमेरिकी स्पेस एजेंसी का कहना है है कि अगर किसी एस्ट्रोनॉट की मौत धरती से दूर किसी लंबे मिशन के दौरान हो जाती है, तो शव को वापस लेकर आने के लिए अलग-अलग प्रोटोकॉल है।

शव को लेकर नासा का प्रोटोकॉल है अलग-अलग
नासा के प्रोटोकॉल के अनुसार अगर स्पेस मिशन के तहत धरती की निचली कक्षा वाले मिशनों में किसी एस्ट्रोनॉट की मौत हो जाती है तो क्रू शव को एक कैप्सूल में रखकर कुछ ही घंटों में धरती पर भेजे देता है।
अगर वहीं चंद्रमा पर किसी की मौत हो तो कुछ ही दिनों के अंदर शव वापस आ सकता है। ऐसे मामलों में शव को संभालने से ज्यादा क्रू को वापस धरती पर लाना ज्यादा जरूरी होता है।
मंगल ग्रह से शव लाना मुश्किल
वहीं अगर किसी की मौत पृथ्वी से करोड़ों मीलों की दूरी पर मंगल ग्रह पर हो जाती है तो ऐसे में स्पेस क्रू वापस नहीं आता है। तब तक शव को किसी अलग चैंबर या खास तरह के बॉडी बैग में रखा जाता है और मिशन खत्म होने के बाद ही लाश बाकी क्रू के साथ धरती पर वापस लौटता है।
दूसरे ग्रह में नहीं दफना सकते हैं
प्रोटोकोल के मुताबिक किसी भी शव को दूसरे ग्रह की सतह पर दफनाया नहीं जा सकता है क्योंकि शव में पनपने वाले बैक्टीरिया और बाकी सूक्ष्म जीव उस ग्रह के सतह को दूषित कर सकते हैं। पृथ्वी की तुलना में अन्य ग्रहों पर ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है। ऐसे में आग जलाने के लिए बहुत ज्यादा जरूरत पड़ेगी। स्पेस क्रू केजीवित सदस्यों की सुरक्षा के लिहाज ऐसा नहीं किया जाता है।
21 लोग स्पेस में मर चुके हैं अब तक
अभी तक स्पेस में स्पेसक्राफ्ट में हुए तकनीकी खराबी की वजह से 21 अंतरिक्ष यात्री अपनी जान गवां चुके हैं। जिसमें पूरा क्रू ही मारा गया था। वहीं अगर किसी व्यक्ति की मौत स्पेस में वॉक करते हुए किसी वजह से हो जाती है तो उसकी बॉडी स्पेस में तैरने लगेगी और अगर वह अंतरिक्ष में किसी चीज से नहीं टकराती है तो उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए गुरुत्वाकर्षण के कारण लाश वायुमंडल के संपर्क में आने के बाद वहां पहुंचते ही तुरंत जल जाएगी।



Click it and Unblock the Notifications
