पारा पहुंचा 40°C पार, नोएडा के स्कूलों का बदला समय, बच्चों को लू से बचाने के लिए अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय

Noida School Timing Change Due To Heatwave: अप्रैल के महीने में ही उत्तर भारत में चिलचिलाती गर्मी और लू के थपेड़ों से लोगों का बुरा हाल है। घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। यही वजह है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आसमान से बरसती आग और भीषण लू (Heatwave) के बीच स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। दिल्ली-एनसीआर में पारा लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बने रहने के कारण गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी (DM) के आदेशानुसार, जिले के सभी बोर्डों के स्कूलों के समय में कटौती कर दी गई है। यह बदलाव 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) से प्रभावी हो गया है। प्रशासन का यह कदम उन हजारों छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत है, जो दोपहर की तपिश में घर लौटते समय हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के खतरे का सामना कर रहे थे। समय में बदलाव के साथ-साथ स्कूलों को सुरक्षा मानकों का पालन करने के कड़े निर्देश भी जारी किए गए हैं। आइए जान लेते हैं कि अब क्या हो गया है स्कूल टाइम और बच्चों को लू से बचाने के लिए उठाएं क्या कदम...

नोएडा में बदला स्कूल टाइम

तपती गर्मी की वजह से स्कूल टाइम में परिवर्तन कर दिय गया है। पहले स्कूल सुबह 8 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक थे लेकिन अब डीएम के आदेश से स्कूल टाइम 7:30 बजे से दोपहर 12:30 तक कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बढ़ती गर्मी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है, इसलिए स्कूल टाइमिंग बदलाव किए गए हैं। यह नियम सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE), यूपी बोर्ड, आईबी (IB) और सभी मान्यता प्राप्त निजी व सरकारी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। बता दें कि समय का यह नया चक्र प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट तक के सभी छात्र-छात्राओं के लिए अनिवार्य किया गया है।

स्कूलों के लिए सख्त गाइडलाइन

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल समय बदलना काफी नहीं है, स्कूलों को बच्चों की सेहत सुनिश्चित करने के लिए ये कदम भी उठाने होंगे:

असेंबली और खेलकूद पर पाबंदी: दोपहर के समय बच्चों को किसी भी बाहरी गतिविधि या खेल के मैदान में ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

शुद्ध पेयजल की सुविधा: स्कूलों को कैंपस में पर्याप्त ठंडे और शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था करनी होगी।

इमरजेंसी मेडिकल किट: प्रत्येक स्कूल में ओआरएस (ORS) के पैकेट और प्राथमिक उपचार की सुविधा तैयार रखनी होगी।

परिवहन के नियम: स्कूल बसों में ओवरक्राउडिंग न हो और वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था हो, ताकि घर लौटते समय बच्चों को घुटन महसूस न हो।

लू से बच्चों को बचाने के घरेलू उपाय

प्रशासन के साथ-साथ पेरेंट्स को भी बच्चों के खान-पान में बदलाव करने की सलाह दी गई है जिनके बारे में नीचे बताया गया है।

तरल पदार्थों का सेवन: बच्चों को पानी की बोतल के साथ नींबू पानी, ओआरएस या ग्लूकोज दें।

सही खान-पान: सुबह स्कूल भेजने से पहले बच्चों को हल्का नाश्ता जरूर कराएं। घर लौटने पर उन्हें बेल का शरबत, छाछ या आम पन्ना दें।

सूती कपड़ों का चुनाव: बच्चों को हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनाएं जो शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करते हैं।

तुरंत ठंडा पानी न दें: स्कूल से लौटते ही बच्चे को फ्रिज का बर्फीला पानी देने से बचें; पहले उसे सामान्य तापमान में बैठने दें।

Story first published: Monday, April 27, 2026, 11:24 [IST]
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