Latest Updates
-
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं
कभी लवपुरी हुआ करता था लाहौर, भगवान राम के भतीजा और बेटों ने बसाएं थे पाकिस्तान के ये शहर
What is the connection between Pakistan and Lord Ram: अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर अब प्राण प्रतिष्ठा के करीब है। भारत के लिए भगवान राम हिंदू धर्म के सबसे बड़े प्रतीक हैं, क्या आपको मालूम है कि प्रभु राम और उनके परिवार का पाकिस्तान से गहरा रिश्ता जुड़ा हुआ है। दरअसल मौजूदा पाकिस्तान एक जमाने में अखंड भारत का हिस्सा रहा है।
पाकिस्तान की तीन मशहूर जगहें राम परिवार की देन हैं। जी हां, आप यकीन नहीं करेंगे कि पाकिस्तान के सबसे फेमस जगहों को बसाने में राम के वंशज की बहुत बड़ी भूमिका रही हैं। आइए जानते हैं वो कौनसी जगह हैं, जिनसे प्रभु राम के जुड़े हैं तार।

तक्षशिला
तक्षशिला विश्वविद्यालय जो पाकिस्तान के रावलपिंडी जिले के एक तहसील और इस्लामाबाद से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित है। तक्षशिला विश्वविद्यालय को दुनिया का सबसे पुराना और पहला विश्वविद्यालय कहा जाता है। जो प्राचीन भारत में गांधार जनपद की राजधानी और एशिया में शिक्षा का प्रमुख केंद्र था। छठवीं से सातवीं ईसा पूर्व में तैयार किया गया था. इस विश्वविद्यालय में एशिया के विद्वान पढ़ने के लिए आते थे। ऐसा माना जाता है कि इसकी नींव श्रीराम के भाई भरत ने अपने पुत्र तक्ष के नाम पर की थी। हालांकि इसकी पुष्टि पुख्ता तौर पर नहीं होती लेकिन जगह - जगह ये लिखा गया है कि तक्ष ने चूंकि देश की पहली यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी, लिहाजा इसे उनके नाम पर तक्षशिला कहा गया।
तक्ष ने इसमें जाने माने विद्वानों को शिक्षक नियुक्त किया। इसमें जानी मानी हस्तियों ने शिक्षा ली, जिसमें चाणक्य भी शामिल हैं। तक्ष ने गांधार से लेकर मगध की राजधानी पाटलीपुत्र तक एक रास्ता भी बनवाया, जिसे बाद में शेरशाह सूरी ने पक्का कर मरम्मत करवाई। इसे आज ग्रांड ट्रंक रोड यानी जीटी रोड़ के नाम से भी जाना जाता है।

लाहौर
माना जाता है कि भगवान श्री राम के पुत्र लव लाहौर में बस गए थे। हिंदू मान्यता के अनुसार, लाहौर नाम लवपुरी से लिया गया है। उन्होंने ही इस शहर की स्थापना की। हालांकि, महर्षि वाल्मीकि की रामायण में निश्चित रूप से इसका कोई उल्लेख नहीं मिलता है। लेकिन लव के नाम पर पाकिस्तान में भी एक मंदिर है। यह मंदिर लाहौर किले के अंदर स्थित है। पहले यहां लोगों की भीड़ रहती थी, लेकिन अब यह मंदिर आज खाली पड़ा है, इसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है।

कासूर
लव के जुड़वा भाई कुश ने जिस कुशावती पर राज किया उसे आज पंजाब में कासुर जिले के नाम से जानते हैं। लाहौर से करीब 53 किलोमीटर की दूरी पर है। इतिहासकार इसे भगवान राम के दूसरे बेटे कुश से जोड़ते हैं। इतिहास के अनुसार इस शहर की स्थापना 1525 में हुई थी। जो सिंधु घाटी सभ्यता के समय से अपना परचम लहराए है। इस क्षेत्र पर कभी मौर्य वंश का शासन था, कभी यहां पर ग्रीक साम्राज्य देखा गया, कभी कुषाण शासन, गुप्ता वंश का शासन और काबुल के शाही साम्राज्य का राजकाज भी यहां से चलता था। पाकिस्तान में हिंदूकुश की पहाड़ियों को भी भगवान राम के बेटे कुश से जोड़ा जाता है।



Click it and Unblock the Notifications
