Latest Updates
-
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर
कभी लवपुरी हुआ करता था लाहौर, भगवान राम के भतीजा और बेटों ने बसाएं थे पाकिस्तान के ये शहर
What is the connection between Pakistan and Lord Ram: अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर अब प्राण प्रतिष्ठा के करीब है। भारत के लिए भगवान राम हिंदू धर्म के सबसे बड़े प्रतीक हैं, क्या आपको मालूम है कि प्रभु राम और उनके परिवार का पाकिस्तान से गहरा रिश्ता जुड़ा हुआ है। दरअसल मौजूदा पाकिस्तान एक जमाने में अखंड भारत का हिस्सा रहा है।
पाकिस्तान की तीन मशहूर जगहें राम परिवार की देन हैं। जी हां, आप यकीन नहीं करेंगे कि पाकिस्तान के सबसे फेमस जगहों को बसाने में राम के वंशज की बहुत बड़ी भूमिका रही हैं। आइए जानते हैं वो कौनसी जगह हैं, जिनसे प्रभु राम के जुड़े हैं तार।

तक्षशिला
तक्षशिला विश्वविद्यालय जो पाकिस्तान के रावलपिंडी जिले के एक तहसील और इस्लामाबाद से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित है। तक्षशिला विश्वविद्यालय को दुनिया का सबसे पुराना और पहला विश्वविद्यालय कहा जाता है। जो प्राचीन भारत में गांधार जनपद की राजधानी और एशिया में शिक्षा का प्रमुख केंद्र था। छठवीं से सातवीं ईसा पूर्व में तैयार किया गया था. इस विश्वविद्यालय में एशिया के विद्वान पढ़ने के लिए आते थे। ऐसा माना जाता है कि इसकी नींव श्रीराम के भाई भरत ने अपने पुत्र तक्ष के नाम पर की थी। हालांकि इसकी पुष्टि पुख्ता तौर पर नहीं होती लेकिन जगह - जगह ये लिखा गया है कि तक्ष ने चूंकि देश की पहली यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी, लिहाजा इसे उनके नाम पर तक्षशिला कहा गया।
तक्ष ने इसमें जाने माने विद्वानों को शिक्षक नियुक्त किया। इसमें जानी मानी हस्तियों ने शिक्षा ली, जिसमें चाणक्य भी शामिल हैं। तक्ष ने गांधार से लेकर मगध की राजधानी पाटलीपुत्र तक एक रास्ता भी बनवाया, जिसे बाद में शेरशाह सूरी ने पक्का कर मरम्मत करवाई। इसे आज ग्रांड ट्रंक रोड यानी जीटी रोड़ के नाम से भी जाना जाता है।

लाहौर
माना जाता है कि भगवान श्री राम के पुत्र लव लाहौर में बस गए थे। हिंदू मान्यता के अनुसार, लाहौर नाम लवपुरी से लिया गया है। उन्होंने ही इस शहर की स्थापना की। हालांकि, महर्षि वाल्मीकि की रामायण में निश्चित रूप से इसका कोई उल्लेख नहीं मिलता है। लेकिन लव के नाम पर पाकिस्तान में भी एक मंदिर है। यह मंदिर लाहौर किले के अंदर स्थित है। पहले यहां लोगों की भीड़ रहती थी, लेकिन अब यह मंदिर आज खाली पड़ा है, इसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है।

कासूर
लव के जुड़वा भाई कुश ने जिस कुशावती पर राज किया उसे आज पंजाब में कासुर जिले के नाम से जानते हैं। लाहौर से करीब 53 किलोमीटर की दूरी पर है। इतिहासकार इसे भगवान राम के दूसरे बेटे कुश से जोड़ते हैं। इतिहास के अनुसार इस शहर की स्थापना 1525 में हुई थी। जो सिंधु घाटी सभ्यता के समय से अपना परचम लहराए है। इस क्षेत्र पर कभी मौर्य वंश का शासन था, कभी यहां पर ग्रीक साम्राज्य देखा गया, कभी कुषाण शासन, गुप्ता वंश का शासन और काबुल के शाही साम्राज्य का राजकाज भी यहां से चलता था। पाकिस्तान में हिंदूकुश की पहाड़ियों को भी भगवान राम के बेटे कुश से जोड़ा जाता है।



Click it and Unblock the Notifications