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जानिए कैसे ऑर्गेज्म के दौरान महिला का दिमाग करता है काम?
जानिए क्लाइमैक्स तक पहुंचते हुए महिलाओं के शरीर में कैसे हार्मोन में परिर्वतन होता है और वो क्या क्या अनुभव करती है।
लवमेकिंग एक सुखद अनुभव होता है। इस दौरान शरीर से कई सारे हार्मोन्स एक साथ निकलते है। इसी वजह से मनुष्य ऑर्गेज्म तक पहुंचता है।
यहां हम आज आपकों बता रहे है कि जब कोई महिला सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म तक पहुंचती है तो उस दौरान उसके मस्तिष्क में क्या चीजे चल रही होती है और कैसे हार्मोन में परिर्वतन होता है और कैसे शरीर से हैप्पी हार्मोन्स निकलते है। और ऑगेज्म की प्राप्ति होती है।
एक एमआरआई विडियो में दिखाया गया है कि कैसे ऑर्गेज्म के दौरान महिलाओं के शरीर में बदलाव आने लगता है। इस विषय को समझने के लिए डॉक्टर के थीसिस से बेहतर कुछ नहीं हो सकता है।

एक छूअन से होती है शुरुआत
डॉ. बैरी ने दावा किया है कि एक हल्की से छूअन के साथ दिमाग की एक्टिविटी शुरू हो जाती है। अपने प्रयोग के दौरान उन्होंने पाया कि क्लिटोरिस वजाइना,या गर्भाशय ग्रीवा और कोर्टेक्स के कुछ भाग उतेजित होते है।

ऑक्सीटोसिन का स्त्राव
ऑक्सीटोसिन प्यार का हार्मोन है, यह तब शरीर से निकलता है जब दिमाग शरीर को छूते ही सक्रिय होने लगता है। जब महिलाओं के गर्भाशय के पास सिकुड़न होने लगती है तो यह हार्मोन शरीर से निकलता है।

जब व्यक्तिगत ऑर्गेज्म हो
यह कहा जाता है कि क्लिटोरिस वजाइना,या गर्भाशय ग्रीवा से अलग-अलग तरीके से ऑर्गेज्म पाया जा सकता है। और एक ही बार में अधिक मात्रा में उत्तेजित हो सकते हैं जिससे अधिक तीव्र और सुखद बना सकते हैं। यह सब मस्तिष्क पर एक ही प्रभाव पड़ता है।

दिमाग हो जाता है सक्रिय
जब महिलाएं हस्तमैथुन करती है तो उसके दिमाग का कुछ हिस्सा सक्रिय हो जाता है। ये इसलिए होता है कि क्योंकि वो दिमाग में कई तरह की फैंटेसी बुनने लगती है। जिसकी वजह से दिमाग का हिस्सा जो एक कल्पनाओं भावनात्मक अभिव्यक्ति के लिए जिम्मेदार होता है वो और अधिकसक्रिय हो जाता है।

दर्द के लेकर सहन शक्ति बढ़ती है
पूर्व में सिंगुलेट कोर्टेक्स और इंसुलर कोर्टेक्स दिमाग के उस हिस्से से जुड़े हुए होते है। जो दर्द से संबंधित होते है। लवमेकिंग के दौरान दर्दनाक गतिविधियों जैसे काटने, खरोंच करना, बालों को खींचना पर दर्द को सहने की शक्ति बढ़ जाती है और इन बातों पर ध्यान भी नहीं जाता है।

फेशियल एक्सप्रेशन
लवमेकिंग के दौरान दर्द होने के बावजूद भी आनंद आना और चेहरे के एक्सप्रेशन एकदम से बदल जाना। यह सब कुछ दिमाग करता है। सेक्स के दौरान इस अजीब व्यवहार के लिए अपने मस्तिष्क को दोष दें।
जब वो पीक पर हो
जब महिलाएं क्लाइमैक्स तक पहुंचती है तो hypothalamus and nucleus accumbens एकदम से दिमाग में सक्रिय हो जाते है। इस वजह से दिल की धड़कने तेजी से धड़कने लगती है, आंखों की पुतलियां फैल जाती है, और आवाज में बदलाव आ जाता है। एक साथ ही यह अलग एक्सपीरियंस महसूस होता है।



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