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एक किसान बिना हाथों के खिलाता है अपनी मां को खाना
इस आदमी ने एक एक्सीडेंट में अपने हाथों को खो दिया और फिर भी वह एक सामान्य ज़िन्दगी जी रहा है। आइये देखें कि बिना हाथों के वह क्या क्या चीज़ें कर सकता है।
सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि इस आदमी के हाथ न होते हुए भी वह कड़ी मेहनत कर रहा है ताकि वह अपनी मां की देखभाल कर सके!
यह कहानी उस आदमी की है जिसने बहुत ही छोटी उम्र में अपने दोनों हाथ खो दिए और फिर भी वह सामान्य ज़िन्दगी जी रहा है और अपनी 91 साल की मां का पेट भर रहा है।
यद्यपि सही मायनों में हम बहुत भाग्यशाली हैं कि हमारे माता पिता ने हमें बहुत आसान ज़िन्दगी दी है परन्तु फिर भी हम उनकी तरफ ध्यान नहीं देते। उन्होंने हमें खिलाया, कपडे दिए और हमें एक आरामदायक ज़िन्दगी दी जिसके लिए उन्होंने अपने जीवन में कई समझौते किये। फिर भी हम जीवन में उनका महत्व नहीं समझते।
हम सभी को इस कहानी से बहुत कुछ सीखना चाहिए। आइये देखें।

वह कौन है?
चेन जिंगयिन चोंगकिंग 48 वर्ष का एक आदमी है। छः सदस्यों वाले परिवार का वह सबसे छोटा बेटा है। वह खेती करता है, खाना बनाता है और अपने परिवार का पेट भरता है। यह सब वह बिना हाथों के करता है क्योंकि एक एक्सीडेंट में उसने अपने दोनों हाथ खो दिए।

उसने इलेक्ट्रिकल एक्सीडेंट में अपने हाथ खो दिए
जब वह केवल सात वर्ष का था तभी एक इलेक्ट्रिकल एक्सीडेंट में उसने अपने दोनों हाथ खो दिए। इस वजह से किसी सामान्य आदमी की तरह काम करना उसके लिए कठिन हो गया परन्तु यह हादसा भी उसे सामन्य जीवन जीने से नहीं रोक सका।

उसकी मां को ब्रोंकाइटिस हो गया
जब उसकी मां 88 वर्ष की थी तब उन्हें ब्रोंकाइटिस हो गया जिसके कारण वे बिस्तर पर जकड गईं। वह स्वयं ही अपनी मां की देखभाल करता है।

वह खाना बनाता है
वह अपने पैरों की सहायता से अपनी मां के लिए खाना बनाता है और अपने मुंह में चम्मच पकड़कर अपनी मां को खाना खिलाता है। क्या यह वास्तव में प्यारी बात नहीं है? जीवन के प्रमुख लक्ष्यों को सिखाने के लिए हम इस व्यक्ति को सलाम करते हैं!



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