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दुल्हन के बिना ही इस दूल्हें की निकली बारात, वजह जान इमोशनल हो जाएंगे आप!
गुजरात के साबरकांठा जिले से लगभग 22 किलोमीटर दूर चंपलानार गांव में बीते शुक्रवार को एक अनोखी शादी हुई। इस शादी में बैंड-बाजा और बाराती सब थे, लेकिन सिर्फ एक चीज की कमी थी, वो थी दुल्हन। जी हां, इस गांव में बिना दुल्हन के दूल्हें के लिए बारात निकाली गई जिसमें पूरे गांव ने हिस्सा लिया इसके बाद दावत का भी आयोजन हुआ।
इस अनोखी शादी को करवाने का मकसद भी बहुत अनूठा था, दरअसल दूल्हा अजय बारोट बचपन से ही लर्निंग डिसअबिलिटी से पीड़ित हैं। ऐसे में उसके लिए दुल्हन मिलना मुश्किल सा काम था, अजय की शादी करने की इच्छा को पूरा करने के लिए उसके परिवार ने अनूठा कदम उठाया और धूमधाम के साथ अजय के बारात निकाली।

बिना दुल्हन, शादी की हुई सारी रस्में
बारात निकलने से एक रात पहले गरबा का आयोजन किया गया गया। 27 वर्षीय अजय बारोट को उबटन (हल्दी) लगाया गया और हाथों में मेहंदी रचाई गई। शुक्रवार को अजय शेरवानी पहनकर घोड़ी पर चढ़े उनके सिर पर फूलों से सजा सेहरा पहनाया गया। बारात में लगभग दो सौ लोग शामिल हुए। बारात अजय के घर पहुंची और यहां आठ सौ लोगों ने दावत का आनंद लिया।

बचपन से अजय को है लर्निंग डिसअबिलिटी है
अजय के पिता विष्णु बारोट गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम में कंडक्टर हैं, उन्होंने बताया कि अजय की बीमारी का पता तब चला जब वह बहुत छोटा था। अजय की बीमारी का मालूम चलते ही उसे हिम्मतनगर के एक विशेष स्कूल में भेजा गया लेकिन जल्द ही उसने औपचारिक शिक्षा छोड़ दी। कम उम्र में अपनी मां को खो दिया और उसके बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली। परिवार ने कहा कि इस बीमारी के वजह से अजय के लिए लड़की ढूंढना बहुत मुश्किल था। उसकी असली शादी नहीं हो सकती थी इसलिए उसकी ख्वाहिश को पूरा करने के लिए उसकी बारात निकालने सहित सारे रीति-रिवाज करने के फैसले लिए गए।

भाई की शादी को देख जगी शादी की इच्छा
अजय के रिश्तेदारों ने बताया कि अजय को डांस का बेहद शौक है और उसे शादियों में जाना बहुत अच्छा लगता है। हाल ही में अजय के चचेरे भाई की शादी हुई थी। शादी में हुई सारी रस्में और बारात देखने के बाद अजय के मन में शादी करने इच्छा आ गई। चचेरे भाई की शादी देख अजय भी जिद करने लगा कि उसे भी शादी करनी है। अजय की जिद पर परिवारवालों ने फैसला लिया कि हम लोग उसकी वरघोड़ो (शादी की बारात) निकलवाएंगे। हमने शादी के निमंत्रण पत्र छपवाए थे, शादी की सभी रस्में निभाईं और बारात और दावत का आयोजन किया। ताकि उसकी ये इच्छा पूरी की जा सकें।

सभी लोगों की खुशी के लिए
अजय के घरवालों ने बताया कि यह बारात उन लोगों ने सिर्फ अजय के साथ परिवार की खुशी को देखते हुए भी निकाली। सभी लोग अजय की शादी का अनुभव करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि ऐसा करके उन्होंने शादी जैसी पवित्र चीज का फायदा नहीं उठाया है। इस विवाह में अजय के कई रिश्तेदारों के अलावा ग्रामीण भी हिस्सा बने।



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