Latest Updates
-
Mother Day 2026: सलाम है इस मां के जज्बे को! पार्किंसंस के बावजूद रोज 100 लोगों को कराती हैं भोजन -
Aaj Ka Rashifal 08 May 2026: शुक्रवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें अपना भाग्यशाली अंक और रंग -
Mother’s Day 2026: इस मदर्स डे मां को दें स्टाइल और खूबसूरती का तोहफा, ये ट्रेंडी साड़ियां जीत लेंगी उनका दिल -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर से बचने के लिए महिलाएं करें ये काम, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत करवाएं जांच -
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट
पहले भी हो चुका है टाइम कैप्सूल का इस्तेमाल, जानें क्यों जमीन के नीचे दबाया जाता है इसे
एक बार फिर राम मंदिर का नाम सुर्खियों में है। मगर इस बार राम मंदिर के साथ टाइम कैप्सूल की भी चर्चा हर तरफ हो रही है। गौरतलब है कि 5 अगस्त को राम नगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी। इसके साथ ही मंदिर की नींव डालते समय 2000 फीट की गहराई में टाइम कैप्सूल भी रखा जाएगा।

जानते हैं कि आखिर टाइम कैप्सूल है क्या और इसे क्यों कई फीट नीचे दबाया जा रहा है, साथ ही इससे आने वाली पीढ़ी को क्या फायदा हो सकता है।

टाइम कैप्सूल क्या है?
आपको नाम से ही अंदाजा हो जाएगा कि यह देखने में कैप्सूल की तरह ही है। ये आकार में एक कंटेनर की तरह होता है जिसे खास सामग्री से तैयार किया जाता है। इसे बनाने में मुख्य रूप से तांबे का प्रयोग किया जाता है। इसकी बनावट और क्वालिटी इतनी मजबूत होती है कि इस पर मौसम का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। कई फीट गहराई में दबे होने के बावजूद हजारों साल बाद भी यह सड़ता-गलता नहीं है और पूरी तरह सुरक्षित रह जाता है।

मंदिर के नीचे क्यों रखा जा रहा है टाइम कैप्सूल?
राम मंदिर के 2000 फीट नीचे टाइम कैप्सूल इसलिए रखा जा रहा है ताकि भविष्य में कई सालों बाद भी कोई इस मंदिर के बारे में जानना चाहे तो उसे राम जन्मभूमि से जुड़े तथ्य मिल सके।
आसान शब्दों में कहा जाए तो जिस तरह से एक कैप्सूल के अंदर दवा भरी होती है और बाहरी आवरण उस दवा की रक्षा करता है ठीक उसी तरह टाइम कैप्सूल के अंदर इस मंदिर और राम जन्मभूमि से जुड़े सभी दस्तावेज रख दिए जाएंगे। दुनिया के कई देशों में टाइम कैप्सूल का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये उस जगह से जुड़े इतिहास को सुरक्षित रखता है।

भारत में और कहां रखा गया है टाइम कैप्सूल?
अयोध्या का राम मंदिर ऐसा पहला स्थान नहीं है जहां टाइम कैप्सूल रखा जा रहा हो। देश के कई ऐसे मशहूर और प्रतिष्ठित स्थान है जहां टाइम कैप्सूल रखा जा चुका है। इस फेहरिस्त में दिल्ली का लाल किला, कानपुर का IIT कॉलेज और चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय शामिल है। इन संस्थानों से जुड़ी सभी तरह की जानकारियां सहेजकर कैप्सूल के रूप में उसे दफना दिया गया है।



Click it and Unblock the Notifications