Latest Updates
-
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत -
गर्दन का कालापन दूर करने के लिए रामबाण हैं ये 5 देसी नुस्खे, आज ही आजमाएं -
आपके 'नन्हे कान्हा' और 'प्यारी राधा' के लिए रंगों जैसे खूबसूरत और ट्रेंडी नाम, अर्थ सहित -
15 या 16 मार्च कब है पापमोचिनी एकादशी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Women's Day 2026: चांद पर कदम, जमीन पर आज भी असुरक्षित है स्त्री; जानें कैसे बदलेगी नारी की किस्मत -
Women’s Day 2026: बचपन के हादसे ने बदली किस्मत, अपनी मेहनत के दम पर मिताली बनीं Supermodel -
Happy Women's Day 2026: महिला दिवस पर 'मां' जैसा प्यार देने वाली बुआ, मौसी और मामी को भेजें ये खास संदेश -
Rang Panchami 2026 Wishes: रंगों की फुहार हो…रंग पंचमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Women's Day 2026 Wishes for Mother: मेरी पहली 'सुपरवुमन' मेरी मां के नाम खास संदेश, जिसने दुनिया दिखाई
पहले भी हो चुका है टाइम कैप्सूल का इस्तेमाल, जानें क्यों जमीन के नीचे दबाया जाता है इसे
एक बार फिर राम मंदिर का नाम सुर्खियों में है। मगर इस बार राम मंदिर के साथ टाइम कैप्सूल की भी चर्चा हर तरफ हो रही है। गौरतलब है कि 5 अगस्त को राम नगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी। इसके साथ ही मंदिर की नींव डालते समय 2000 फीट की गहराई में टाइम कैप्सूल भी रखा जाएगा।

जानते हैं कि आखिर टाइम कैप्सूल है क्या और इसे क्यों कई फीट नीचे दबाया जा रहा है, साथ ही इससे आने वाली पीढ़ी को क्या फायदा हो सकता है।

टाइम कैप्सूल क्या है?
आपको नाम से ही अंदाजा हो जाएगा कि यह देखने में कैप्सूल की तरह ही है। ये आकार में एक कंटेनर की तरह होता है जिसे खास सामग्री से तैयार किया जाता है। इसे बनाने में मुख्य रूप से तांबे का प्रयोग किया जाता है। इसकी बनावट और क्वालिटी इतनी मजबूत होती है कि इस पर मौसम का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। कई फीट गहराई में दबे होने के बावजूद हजारों साल बाद भी यह सड़ता-गलता नहीं है और पूरी तरह सुरक्षित रह जाता है।

मंदिर के नीचे क्यों रखा जा रहा है टाइम कैप्सूल?
राम मंदिर के 2000 फीट नीचे टाइम कैप्सूल इसलिए रखा जा रहा है ताकि भविष्य में कई सालों बाद भी कोई इस मंदिर के बारे में जानना चाहे तो उसे राम जन्मभूमि से जुड़े तथ्य मिल सके।
आसान शब्दों में कहा जाए तो जिस तरह से एक कैप्सूल के अंदर दवा भरी होती है और बाहरी आवरण उस दवा की रक्षा करता है ठीक उसी तरह टाइम कैप्सूल के अंदर इस मंदिर और राम जन्मभूमि से जुड़े सभी दस्तावेज रख दिए जाएंगे। दुनिया के कई देशों में टाइम कैप्सूल का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये उस जगह से जुड़े इतिहास को सुरक्षित रखता है।

भारत में और कहां रखा गया है टाइम कैप्सूल?
अयोध्या का राम मंदिर ऐसा पहला स्थान नहीं है जहां टाइम कैप्सूल रखा जा रहा हो। देश के कई ऐसे मशहूर और प्रतिष्ठित स्थान है जहां टाइम कैप्सूल रखा जा चुका है। इस फेहरिस्त में दिल्ली का लाल किला, कानपुर का IIT कॉलेज और चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय शामिल है। इन संस्थानों से जुड़ी सभी तरह की जानकारियां सहेजकर कैप्सूल के रूप में उसे दफना दिया गया है।



Click it and Unblock the Notifications











