Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
National Youth Day: स्वामी विवेकानंद के ओजस्वी विचार जो युवाओं को अंधेरे रास्ते में दिखाते हैं रोशनी
''यदि ये ख़ौफ़नाक राक्षस नहीं होते तो मानव समाज कहीं ज़्यादा बेहतर होता, जितना कि अभी है. लेकिन उनका वक़्त अब पूरा हो चुका है. मुझे उम्मीद है कि इस सम्मेलन का बिगुल सभी तरह की कट्टरता, हठधर्मिता और दुखों का विनाश करने वाला होगा. चाहे वह तलवार से हो या फिर कलम से.''
ये लाइन्स स्वामी विवेकानंद के द्वारा बोले गये भाषण का अंश है जो उन्होंने साल 1893 में अमरीका के शिकागो में हुई धर्म संसद में दिया था। आज स्वामी विवेकानंद की जयंती नेशनल यूथ डे को तौर पर भारत में मनाई जाती है। स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और उनके बताए मार्गदर्शन पर चलने की प्रेरणा भारत का युवा लेता आ रहा है। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को नारा दिया था। 'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए'
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके विचार और आदर्श देशवासियों का हमेशा मार्गदर्शन करते रहेंगे।
स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी, 1863 को कोलकाता में हुआ था। स्वामी विवेकानंद का वास्तविक नाम नरेंद्र दत्त था। 25 साल की उम्र में ही उन्होंने वेद, पुराण, कुरआन, बाइबल, गुरुग्रंथ साहिब, कार्ल मार्क्स की दास कैपीटल, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, साहित्य, दर्शन को अपने मस्तिष्क में उतार चुके थे। स्वामी विवेकानंद जब रामकृष्ण परमहंस की शरण में गए तब उनके व्यक्तित्व ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि 1881 में रामकृष्ण को उन्होंने अपना गुरु बना लिया और संन्यास धारण कर विवेकानंद नाम से जाने जाते।
भारत सरकार ने 1984 में इस दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में घोषित किया था।
आइये जानते हैं स्वामी वेवाकानंद के तेजस्वी विचार-जिनसे हर युवा को प्रेरणा लेती रहनी चाहिए जब को खुद को कहीं भटकाव की स्थिति में पाए-

स्वामी विवेकानंद के तेजस्वी विचार
आपको अंदर से बाहर की तरफ बढ़ना होगा। कोई आपको पढ़ा नहीं सकता, कोई आपको आध्यात्मिक नहीं बना सकता। कोई और शिक्षक नहीं बल्कि आपकी अपनी आत्मा है।
स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद के तेजस्वी विचार
इस दुनिया में सभी मतभेद स्तर के हैं, न कि प्रकार के, क्योंकि एकता ही हर चीज का रहस्य है।
स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद के तेजस्वी विचार
हमारा कर्तव्य है कि हम प्रत्येक व्यक्ति को उसके अपने उच्चतम विचार के अनुसार जीने के संघर्ष में प्रोत्साहित करें और साथ ही उस आदर्श को सत्य के जितना निकट हो सके लाने का प्रयास करें।
स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद के तेजस्वी विचार
जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते तब तक आप ईश्वर पर विश्वास नहीं कर सकते।
स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद के तेजस्वी विचार
उठना! चौकन्ना! और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।
स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद के तेजस्वी विचार
भय न होना ही अस्तित्व का संपूर्ण रहस्य है। कभी मत डरो कि तुम्हारा क्या होगा, किसी पर निर्भर मत रहो। केवल उसी क्षण जब आप सभी सहायता को अस्वीकार कर देते हैं, आप मुक्त हो जाते हैं।
स्वामी विवेकानंद



Click it and Unblock the Notifications
