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कभी सोचा हैं कि क्यों डॉक्टर्स की हैंडराइटिंग होती हैं खराब, इसके पीछे है ये कारण
अपना मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन देखते समय क्या आपके दिमाग में ये विचार आता हैं कि डॉक्टर्स की हैंडराइटिंग इतनी खराब क्यों होती है? निश्चित ही हम सभी के मन में यह विचार एक न एक बार ज़रूर आया होगा। डॉक्टर्स की हैंडराइटिंग न केवल ख़राब होती है बल्कि कई बार तो आपको इसे पढ़ते हुए दिमाग ही चकरा जाता हैं। कितना ही दिमाग लगा लो लेकिन समझ में कुछ नहीं आता हैं।
लेकिन ऐसा कोई जरुरी नहीं हैं कि ख़राब हैंडराइटिंग वाले लोग ही हमेशा मेडिकल प्रोफेशन में आते हैं। यह ज़रूरी नहीं है कि सभी डॉक्टर्स की हमेशा से ही हैंडराइटिंग ख़राब हो। अधिकाँश मामलों में यह समय के साथ खराब होती जाती है। परन्तु ऐसा क्यों होता है?

उन्हें बहुत अधिक लिखना पड़ता है
आप सोचते हैं कि डॉक्टर्स को केवल आपका प्रिस्क्रिपशन लिखना पड़ता है? यह सच नहीं है। अन्य किसी भी काम की तुलना में डॉक्टर्स को अपनी पूरी ज़िन्दगी में बहुत अधिक लिखना पड़ता है। जैसे यदि कभी आपने ध्यान दिया हो कि डॉक्टर्स आपके द्वारा बताई गयी हर छोटी बात को लिखते हैं जिसे वे आपकी मेडिकल हिस्ट्री के प्रमाण के रूप में रखते हैं।

लम्बा और तनाव भरा दिन
कल्पना कीजिये कभी एक दिन में 20 या कभी 50 मरीजों को देखना। उनकी बीमारियों को सुनकर, सब कुछ ध्यान में रखकर, उन्हें उचित दवाई देना। यह कितना तनावपूर्ण काम है? और यह भी न भूलें कि उन्हें एमरजेंसी केस भी देखने पड़ते हैं। अत: लंबा दिन और बहुत सा लिखने का काम, इसके कारण उनका हाथ बहुत थक जाता है।
दिन ख़त्म होने तक उनकी हैंडराइटिंग खराब हो जाती है क्योंकि हाथ की मांसपेशियां बहुत अधिक काम कर चुकी होती हैं। उसी तरह जैसे जब आप परीक्षा में अपना पेपर लिखना प्रारंभ करते हैं तब आपकी हैंडराइटिंग बहुत सुंदर होती है और जब तक आप अंतिम पेज पर पहुँचते हैं तब तक आपकी हैंडराइटिंग ऐसी हो जाती है जिसे बहुत मुश्किल से पढ़ा जा सकता है क्योंकि आपके हाथ थक चुके होते हैं।

डॉक्टर्स बहुत जल्दी में होते हैं
यदि डॉक्टर्स के पास हर मरीज़ के लिए बहुत अधिक समय होता तो वे थोड़ा धीरे काम कर सकते थे और अपने हाथ को थोड़ा आराम दे सकते थे। परन्तु सच यह है कि डॉक्टर्स हमेशा एक मरीज़ से दूसरे मरीज़ के लिए भागते रहते हैं क्योंकि उन्हें बहुत से मरीज़ देखने पड़ते हैं। इतने कम समय में डॉक्टर्स अधिक से अधिक जानकारी लिखने के प्रति ज़्यादा चिंतित रहते हैं बजाय इसके कि वे अपनी हैंडराइटिंग पर ध्यान दें।

विशिष्ट शब्दावली के वजह से भी
डॉक्टर्स की विशिष्ट शब्दावली उनकी खराब हैंडराइटिंग के लिए ज़िम्मेदार है। उदाहरण के लिए आपको epididymitis लिखना है वो भी बिना कंप्यूटर स्पेल चेक के। यह तो केवल एक शब्द है। ऐसे कई टेक्निकल टर्म हैं और सभी की स्पेलिंग्स को याद रखना संभव नहीं होता। और कभी-कभी ऐसा होता है कि कुछ ऐसे शब्द होते हैं जिनकी पूरी जानकारी मेडिकल एक्सपर्ट्स को होती है परन्तु ये शब्द आपको भ्रमित कर देते हैं। परन्तु अधिकाँश मामलों में आपके फार्मासिस्ट को पता रहता है कि आपके डॉक्टर द्वारा लिखे गए शब्दों का क्या अर्थ है?

इलेक्ट्रॉनिक प्रिस्क्रिप्शन मांगे
परन्तु कभी कभी छोटी सी गलती से पूरा मतलब बदल जाता है जैसे mg और mcg. इसलिए अब गलतियों को कम करने के लिए डॉक्टर्स इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स की ओर बढ़ रहे हैं। कुछ जगहों पर हाथ से लिखा हुआ प्रिस्क्रिप्शन देना गैर कानूनी हो गया है।
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि 2006 से प्राप्त डाटा के अनुसार गलत प्रिस्क्रिप्शन के कारण हर साल लगभग 7000 मौतें होती हैं। हमें नहीं पता कि समय के साथ यह आंकड़ा कम हुआ है अथवा नहीं। अत: सावधान रहें और अपने डॉक्टर से प्रिंटेड प्रिस्क्रिप्शन मांगे।



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