Happy World Environment Day: इस खास दिन पर आपको जरूर जानने चाहिए इन मशहूर लोगों के विचार

हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करना और साथ ही इसके संरक्षण के लिए उन्हें प्रेरित करना है।

इस दिन आप भी ये संकल्प जरूर लें कि आप अपने एरिया में कम से कम एक पौधा तो जरूर लगाएंगे। आपके एक छोटे प्रयास से ही शुरुआत होगी।

पर्यावरण की महत्ता पर कई महान लोग भी अपनी राय जाहिर कर चुके हैं। सब इस बात से वाकिफ हैं कि पर्यावरण के नाश से जीवन का विनाश जुड़ा हुआ है। आइए विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर जानते हैं जाने माने लोगों के अनमोल विचार।

पृथ्वी सभी मनुष्यों की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन लालच पूरा करने के लिए नहीं।

पृथ्वी सभी मनुष्यों की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन लालच पूरा करने के लिए नहीं।

-महात्मा गांधी

जो देश अपनी मिट्टी को नष्ट कर देता है, वह खुद को नष्ट कर लेता है।

जो देश अपनी मिट्टी को नष्ट कर देता है, वह खुद को नष्ट कर लेता है।

जंगल हमारी भूमि के फेफड़े हैं, वे हमारी हवा को शुद्ध करते हैं और लोगों को नयी ताकत देते हैं।

-फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट

भविष्य या तो हरा होगा या तो नहीं होगा।

भविष्य या तो हरा होगा या तो नहीं होगा।

-बॉब ब्राउन

हमारा कोई समाज नहीं होगा, अगर हम पर्यावरण को नष्ट करते हैं। .

हमारा कोई समाज नहीं होगा, अगर हम पर्यावरण को नष्ट करते हैं। .

-मार्गरेट मीड

मैं खुश हूँ कि मैं ऐसे भविष्य में युवा नहीं होऊंगा जिसमे जंगल ना हों।

मैं खुश हूँ कि मैं ऐसे भविष्य में युवा नहीं होऊंगा जिसमे जंगल ना हों।

-आल्डो लियोपोल्ड

जलवायु परिवर्तन एक भयानक समस्या है, और इसे पूरी तरह से हल करने की आवश्यकता है। यह एक बहुत बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

जलवायु परिवर्तन एक भयानक समस्या है, और इसे पूरी तरह से हल करने की आवश्यकता है। यह एक बहुत बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

-बिल गेट्स

पक्षी पर्यावरण के संकेतक हैं। यदि वे खतरे में हैं तो हम जानते हैं कि हम भी जल्द ही खतरे में होंगे।

पक्षी पर्यावरण के संकेतक हैं। यदि वे खतरे में हैं तो हम जानते हैं कि हम भी जल्द ही खतरे में होंगे।

-रोजर टोरी पीटरसन

भगवान इन पेड़ों पर ध्यान देता है, इन्हें सूखे, बीमारी, हिम्स्खलन और हजारों तूफानों और बाढ़ से बचाता है। लेकिन वो इन्हें बेवकूफों से नहीं बचा सकता।

भगवान इन पेड़ों पर ध्यान देता है, इन्हें सूखे, बीमारी, हिम्स्खलन और हजारों तूफानों और बाढ़ से बचाता है। लेकिन वो इन्हें बेवकूफों से नहीं बचा सकता।

-जॉन मुइर

अफसोस की बात है, जंगल की तुलना में रेगिस्तान बनाना कहीं आसान होता है।

अफसोस की बात है, जंगल की तुलना में रेगिस्तान बनाना कहीं आसान होता है।

जेम्स लवलॉक

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