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Republic Day 2025 : बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी क्या है, जानें सदियों पुराने इस परांपरा का इतिहास
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भारत में गणतंत्र दिवस के बाद 29 जनवरी को आयोजित होने वाली यह सेरेमनी 1954 से शुरू हुई। इससे पहले गणतंत्र दिवस के बाद ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं होता था।
क्या है बीटिंग द रिट्रीट?
'बीटिंग द रिट्रीट' का अर्थ है सेना की बैरक में वापसी। यह परंपरा दुनियाभर में प्रचलित रही है। पुराने समय में सूर्यास्त के बाद लड़ाई रोकने और सेनाओं के कैंप लौटने के दौरान संगीत बजाया जाता था। भारत में इसकी शुरुआत 1950 के दशक में हुई, जब भारतीय सेना के मेजर रॉबर्ट्स ने इसका स्वदेशी स्वरूप विकसित किया।
समारोह में राष्ट्रपति मुख्य अतिथि होते हैं। उनके आगमन पर नेशनल सल्यूट, राष्ट्रगान और ध्वजारोहण होता है। बैंड पारंपरिक धुन बजाते हैं, जिसमें "सारे जहां से अच्छा" खास आकर्षण होता है। बैंड मास्टर राष्ट्रपति से बैंड लौटाने की अनुमति मांगते हैं, जो इस बात का संकेत है कि गणतंत्र दिवस समारोह पूर्ण हो गया है। इस समारोह के साथ ही गणतंत्र दिवस का जश्न का समापन किया जाता है। आइए जानते है इस देश का इतिहास।
गांधी के मनपसंद धुन को 2022 से कर दिया बंद
2022 से पहले बीटिंग द रिट्रीट समारोह में महात्मा गांधी के पसंदीदा गीत 'Abide With Me' की धुन को शामिल किया जाता था और इसकी साथ इस सेरेमनी का समापन होता है लेकिन अब इसे नहीं बजाया जाता है। यह प्रसिद्ध धुन 1847 में स्कॉटिश कवि हेनरी फ्रांसिस लाइट द्वारा लिखी गई थी।
इस बार होगा ये खास कार्यक्रम
इस बार बीटिंग रिट्रीट समारोह में हिमाचल प्रदेश के लोकनृत्य 'नाटी' की धुन विशेष आकर्षण होगी, जिसे भारतीय सेना के मेजर आरके गुरंग ने कंपोज किया है। समारोह की शुरुआत 'कदम कदम बढ़ाए जा' की धुन से होगी, जिसमें मास बैंड की भव्य एंट्री होगी। इसके बाद 'अमर भारती', 'इंद्रधनुष', 'जय जनम भूमि', और 'वीर भारत' की धुनें गूंजेंगी। नाटी की धुन कार्यक्रम में सांस्कृतिक विविधता जोड़ते हुए इसे और खास बनाएगी, जो भारत की समृद्ध परंपराओं और एकता को दर्शाएगी।
बजेंगी ये स्वदेशी धुनें
इस बार भी बीटिंग रीट्रीट में बजाई जाने वाली सभी धुनें स्वदेशी हैं, जो देशभक्ति और भारतीयता को प्रदर्शित करती हैं। सीएपीएफ बैंड पांच धुनें बजाएगा, जिनमें 'भारत के जवान', 'विजय भारत', 'राजस्थान ट्रूप्स', और 'ऐ वतन तेरे लिए' शामिल हैं।
एयरफोर्स बैंड 'गैलेक्सी राइडर', 'स्ट्राइड', 'रूबरू', और 'मिलेनियम फ्लाइट फेंटेसी' की धुनें प्रस्तुत करेगा। नेवी बैंड अपनी एंट्री के साथ 'नौसेना की शान' की धुन बजाएगा और 'भारत हमको जान से प्यारा है' तथा 'आत्मनिर्भर भारत' की प्रस्तुति देगा।
आर्मी मिलिट्री बैंड 'फौलाद का जिगर', 'ताकत वतन की हमसे है', 'मेरा युवा भारत', 'वीर सपूत', और 'प्रियम भारतम' की धुनें बजाएगा। समापन पर 'ऐ मेरे वतन के लोगों' और 'सारे जहां से अच्छा' की धुनों से कार्यक्रम का अंत होगा।
इन देशों में भी होती है बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी
बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी केवल भारत में ही नहीं, बल्कि कई अन्य देशों में भी आयोजित होती है। इसमें कनाडा, न्यूजीलैंड, अमेरिका, यूके और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल हैं, जहां सशस्त्र बल इस परंपरा को विशेष समारोह के रूप में मनाते हैं



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